लखनऊ: आज 14 मई 2026, गुरुवार का दिन आध्यात्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। आज ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की द्वादशी और त्रयोदशी तिथि का संगम हो रहा है। प्रदोष काल में त्रयोदशी तिथि व्याप्त होने के कारण आज ही गुरु प्रदोष व्रत रखा जा रहा है। साथ ही, आज सुख-वैभव के कारक शुक्र ग्रह राशि परिवर्तन कर मिथुन राशि में प्रवेश कर रहे हैं, जो कई राशियों के लिए भाग्यशाली साबित होगा।
आज की तिथि और विशेष संयोग
आज सुबह 11:20 बजे तक द्वादशी तिथि रहेगी, जिसके बाद त्रयोदशी तिथि का प्रारंभ होगा। गुरुवार को त्रयोदशी होने से यह ‘गुरु प्रदोष’ कहलाता है। आज प्रीति योग और आयुष्मान योग का दुर्लभ मेल भी बन रहा है, जो मांगलिक कार्यों और भक्ति के लिए उत्तम है।
14 मई 2026 का विस्तृत पंचांग
सूर्य और चंद्रमा का समय
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सूर्योदय: सुबह 05:50 बजे
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सूर्यास्त: शाम 06:56 बजे
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चन्द्रोदय: तड़के 03:29 बजे (15 मई)
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चन्द्रास्त: शाम 04:27 बजे
आज के शुभ मुहूर्त (Auspicious Timings)
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ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:13 बजे से 05:01 बजे तक (ध्यान और पूजन के लिए श्रेष्ठ)
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अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:57 बजे से दोपहर 12:49 बजे तक (दिन का सबसे शुभ समय)
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अमृत काल: रात 08:19 बजे से 09:48 बजे तक
आज के अशुभ काल (Inauspicious Timings)
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राहुकाल: दोपहर 02:01 बजे से 03:39 बजे तक (इस दौरान शुभ कार्य वर्जित हैं)
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यम गण्ड: सुबह 05:50 बजे से 07:28 बजे तक
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दुर्मुहूर्त: सुबह 10:12 से 11:04 बजे तक और दोपहर 03:26 से 04:19 बजे तक
ज्योतिषीय गणना: ग्रहों का खेल
आज का दिन ग्रहों की चाल के लिहाज से हलचल भरा है। शुक्र का मिथुन राशि में गोचर भौतिक सुख-सुविधाओं में वृद्धि करेगा। वहीं, देवगुरु बृहस्पति का पुनर्वसु नक्षत्र में प्रवेश ज्ञान और बौद्धिक क्षमता को बढ़ाने वाला साबित होगा। चंद्रमा का मेष राशि में होना लोगों में उत्साह और ऊर्जा का संचार करेगा।
विशेष टिप: गुरु प्रदोष के दिन शिव मंदिर में दीपदान करना और ‘ॐ नमः शिवाय’ का जाप करना आर्थिक तंगी और मानसिक तनाव से मुक्ति दिलाता है।
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