
पूरे देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरी तरह से सक्रिय हो चुका है। कई राज्यों में लगातार हो रही बारिश से नदियां उफान पर हैं और बाढ़ जैसी गंभीर स्थिति बनी हुई है। 29 जुलाई को मौसम विभाग (IMD) ने अगले 8 घंटों और आने वाले 4 से 5 दिनों के लिए उत्तर-पश्चिम व मध्य भारत के इलाकों में मूसलाधार बारिश का बड़ा अलर्ट जारी किया है। इस दौरान 70 से 75 किलोमीटर प्रति घंटे की तूफानी रफ्तार से हवाएं चलने और विभिन्न स्थानों पर आकाशीय बिजली गिरने की गंभीर आशंका जताई गई है।
चक्रवाती तंत्र ‘डीप डिप्रेशन’ की चाल: 24 घंटे भारी
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, बंगाल की खाड़ी से उठा ‘गहरा दबाव’ (Deep Depression) ओडिशा और पश्चिम बंगाल के ऊपर से 12 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से आगे बढ़ रहा है। अगले 24 घंटों में यह तूफानी चक्रवाती सिस्टम उत्तरी ओडिशा, दक्षिणी झारखंड और उत्तरी छत्तीसगढ़ के इलाकों से होकर गुजरेगा। इसके प्रभाव से इन राज्यों और आसपास के पूरे क्षेत्र में आंधी-तूफान के साथ भारी से अति भारी बारिश होने का खतरा है, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो सकता है।
असम में बाढ़ की विभीषिका: 75 की मौत, मुआवजा राशि बढ़ी
असम में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते स्थिति अत्यंत भयावह हो गई है। अब तक बाढ़ की चपेट में आने से 75 लोगों की जान जा चुकी है और करीब 7 लाख लोग बेघर हो गए हैं। राज्य के गोलाघाट, जोरहाट, नगांव और शिवसागर जिले सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए असम सरकार ने मृतक के परिजनों को दी जाने वाली सहायता राशि को 4 लाख से बढ़ाकर 9 लाख रुपये कर दिया है। इसके अलावा लापता लोगों के परिवारों को 4 लाख रुपये की अनुग्रह राशि और 1 लाख से अधिक पीड़ित परिवारों को रोजमर्रा के सामान के लिए 15,000 रुपये नकद सहायता देने की घोषणा की है।
ओडिशा के 27 जिलों में अचानक बाढ़ और बादल फटने का खतरा
बंगाल की खाड़ी में बने इस ताकतवर मौसमी तंत्र के कारण ओडिशा में स्थितियां नाजुक बनी हुई हैं। राज्य के 27 जिलों में अचानक बाढ़ आने और कुछ स्थानों पर बादल फटने की चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग ने सुंदरगढ़, केंदुझर और मयूरभंज जिलों के लिए ‘रेड अलर्ट’ घोषित किया है, जबकि 12 अन्य जिलों को ‘येलो अलर्ट’ पर रखा गया है।
दिल्ली, यूपी, बिहार और राजस्थान में तूफानी बारिश की चेतावनी
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और हरियाणा में 65 से 70 किमी/घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश का अनुमान है।
उत्तर प्रदेश के ज्यादातर जिलों जैसे नोएडा, मेरठ, आगरा, कानपुर, वाराणसी, प्रयागराज, अयोध्या, बरेली, मिर्जापुर और गोरखपुर में भारी बारिश और गरज-चमक की चेतावनी दी गई है।
बिहार के पटना, गया, चंपारण, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, भागलपुर, पूर्णिया और कटिहार जिलों में आंधी के साथ मूसलाधार बारिश का दौर जारी रहेगा।
राजस्थान में जयपुर, अलवर, भरतपुर, कोटा, उदयपुर, टोंक और अजमेर समेत पूर्वी इलाकों में 29 जुलाई से 3 अगस्त तक भारी बारिश की संभावना है।
एमपी, छत्तीसगढ़, झारखंड और बंगाल में भी मौसम का मिजाज बदला
मध्य प्रदेश के भोपाल, विदिशा, छिंदवाड़ा, देवास और सतना तथा छत्तीसगढ़ के विशाल हिस्सों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट है।
झारखंड के रांची, हजारीबाग, बोकारो, पूर्वी सिंहभूम और पश्चिम बंगाल के कोलकाता, दार्जिलिंग व हावड़ा में 50 से 60 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और भारी बारिश का ‘येलो अलर्ट’ जारी किया गया है। महाराष्ट्र और गुजरात के तटीय क्षेत्रों में भी गरज-चमक के साथ बारिश का सिलसिला बना रहेगा।
पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन का अलर्ट, यात्रियों को सावधानी बरतने की सलाह
उत्तर भारत के पर्वतीय इलाकों में लगातार बारिश के चलते भूस्खलन (Landslide) और मुख्य मार्ग बाधित होने का गंभीर खतरा पैदा हो गया है।
उत्तराखंड के नैनीताल, हरिद्वार, ऋषिकेश, रुद्रप्रयाग, चमोली और पिथौरागढ़ में 60 किमी/घंटे की हवाओं के साथ भारी बारिश की चेतावनी है।
हिमाचल प्रदेश के शिमला, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और जम्मू-कश्मीर के जम्मू, कठुआ, अनंतनाग में मध्यम से भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया गया है, जिससे प्रशासन ने स्थानीय लोगों और पर्यटकों को बेहद सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।
girls globe