TMC सांसद महुआ मोइत्रा ने की PM MODI के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करने वाली रुचिका सिंह का समर्थन, जीरो FIR को बताया बदले की कार्रवाई

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर हाल ही में हुए एक विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अभद्र भाषा और गालियां देने के मामले में फंसी 25 वर्षीय रुचिका सिंह के समर्थन में अब राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। नोएडा की रहने वाली रुचिका सिंह के खिलाफ दर्ज की गई जीरो एफआईआर को लेकर तृणमूल कांग्रेस (TMC) की फायरब्रांड सांसद महुआ मोइत्रा खुलकर मैदान में आ गई हैं। मोइत्रा ने सोशल मीडिया के जरिए इस कार्रवाई पर कड़ा ऐतराज जताते हुए इसे स्टेट मशीनरी का बदले की भावना से किया गया इस्तेमाल करार दिया है और तीखा तंज कसते हुए कहा है कि यह सरकार कभी नहीं सुधरेगी।

महुआ मोइत्रा बोलीं- ‘युवती के खिलाफ बदले की भावना से हो रही कार्रवाई’

टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए लिखा कि 25 साल की युवा प्रदर्शनकारी रुचिका सिंह के खिलाफ सरकारी तंत्र का इस तरह प्रतिशोध की भावना से इस्तेमाल किया जाना बेहद शर्मनाक है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह सरकार कभी नहीं सीखने वाली है और किसी को भी इस व्यवस्था पर भरोसा नहीं करना चाहिए। महुआ मोइत्रा से पहले कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और उसके प्रवक्ताओं ने भी इस मामले में पुलिसिया कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े किए थे। सीजेपी का कहना था कि मामूली गाली-गलौज के मामलों में आपराधिक केस दर्ज करना और युवाओं को इस तरह परेशान करना पूरी तरह अनुचित है।

क्या है पूरा मामला और क्यों दर्ज हुई है जीरो FIR

यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक और अन्य मुद्दों को लेकर छात्रों का जोरदार विरोध प्रदर्शन चल रहा था। आरोप है कि इस दौरान नोएडा के सेक्टर 168 की रहने वाली 25 वर्षीय रुचिका सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ सार्वजनिक रूप से आपत्तिजनक और अभद्र शब्दों का इस्तेमाल किया था। गाजियाबाद की रहने वाली स्मृति सिंह की शिकायत पर नोएडा के एक्सप्रेसवे पुलिस स्टेशन में यह जीरो एफआईआर दर्ज की गई। शिकायत में कहा गया है कि इस तरह की अभद्र भाषा से देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद की गरिमा को ठेस पहुंची है और इसका उद्देश्य समाज में नफरत फैलाना तथा शांति भंग करना था।

BNS की किन धाराओं के तहत दर्ज हुआ है मामला

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, प्राप्त शिकायत और वायरल वीडियो के आधार पर रुचिका सिंह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 352 (शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान), 353(1) (सार्वजनिक रूप से शरारतपूर्ण बयान) और 356(1) (मानहानि) के तहत मामला पंजीबद्ध किया गया है। चूंकि यह एक जीरो एफआईआर है, इसलिए नोएडा पुलिस ने प्रारंभिक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद इस मामले को आगे की कानूनी जांच और कार्रवाई के लिए नई दिल्ली के संबंधित थाने में ट्रांसफर कर दिया है, जहां इस पूरे प्रकरण पर आगे की जांच की जाएगी।