लॉर्ड्स में पहले ही दिन आया विकेटों का पतझड़, 140 पर ढेर होने के बाद इंग्लैंड के ओली रॉबिन्सन का खौफ, 66 रन पर न्यूजीलैंड के उड़े 6 विकेट

क्रिकेट का मक्का कहे जाने वाले ऐतिहासिक लॉर्ड्स मैदान पर इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के बीच खेले जा रहे पहले टेस्ट मैच का पहला ही दिन बेहद ड्रामेटिक और रोमांच से भरपूर रहा। इस मुकाबले में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी इंग्लैंड की टीम पहली पारी में महज 140 रनों पर सिमट गई। ऐसा लग रहा था कि न्यूजीलैंड इस मैच पर पूरी तरह अपनी पकड़ बना लेगा, लेकिन जवाब में उतरी कीवी टीम की हालत भी इंग्लैंड के तेज गेंदबाजों ने पतली कर दी। दिन का खेल खत्म होने तक न्यूजीलैंड ने सिर्फ 66 रनों के स्कोर पर अपने 6 महत्वपूर्ण विकेट गंवा दिए हैं। मैच के पहले ही दिन कुल 16 विकेट गिर चुके हैं, जिसने इस टेस्ट को बेहद रोमांचक मोड़ पर ला खड़ा किया है।

एशेज की हार के बाद बदला इंग्लैंड का मिजाज, टीम मैनेजमेंट ने ‘बैज़बॉल’ के फ्लॉप होने पर उठाया बड़ा कदम

सर्दियों के मौसम में ऑस्ट्रेलिया के हाथों मिली 4-1 की करारी और शर्मनाक हार के बाद से ही इंग्लैंड की टेस्ट टीम क्रिकेट पंडितों और प्रशंसकों के निशाने पर थी। मुख्य कोच ब्रेंडन मैकुलम की रणनीति और उनकी नौकरी पर भी गंभीर सवाल खड़े होने लगे थे। हालांकि, ईसीबी (ECB) प्रबंधन ने मैकुलम पर अपना भरोसा बनाए रखा। इसके बाद मैनेजिंग डायरेक्टर रॉब की और कोच मैकुलम के बीच टीम के भविष्य और रणनीति को लेकर कई दौर की लंबी बैठकें हुईं। मैनेजमेंट को यह समझ आ गया था कि उनकी आक्रामक ‘बैज़बॉल’ रणनीति अब उतनी कारगर साबित नहीं हो रही है। इसी के चलते न्यूजीलैंड के खिलाफ इस बड़े मुकाबले के लिए कड़ा फैसला लेते हुए अनुभवी बल्लेबाज ज़ैक क्रॉली और ओली पोप को टीम से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया और उनकी जगह युवा प्रतिभा एमिलियो गे और जैकब बेथेल को प्लेइंग इलेवन में शामिल किया गया।

काइल जैमीसन के ‘पंजे’ में फंसा इंग्लैंड का बैटिंग ऑर्डर, हैरी ब्रूक के अलावा सब रहे नाकाम

टीम में बड़े बदलावों के बावजूद इंग्लैंड के बल्लेबाजों का पुराना खराब फॉर्म लॉर्ड्स के मैदान पर भी जारी रहा। स्विंग होती परिस्थितियों में इंग्लैंड का शीर्ष क्रम ताश के पत्तों की तरह बिखर गया और टीम के छह बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा भी पार नहीं कर सके। अपना डेब्यू मैच खेल रहे एमिलियो गे ने चौका लगाकर शानदार शुरुआत जरूर की, लेकिन वे केवल 8 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। इसके बाद विकेटों का ऐसा पतझड़ शुरू हुआ कि जैकब बेथेल, जो रूट और बेन डकेट जैसे धाकड़ बल्लेबाज भी सस्ते में निपट गए। एक समय मेजबान टीम का स्कोर 34 रन पर 4 विकेट हो गया था। संकट की इस घड़ी में स्टार बल्लेबाज हैरी ब्रूक ने एक छोर संभाला और संघर्षपूर्ण 56 रनों की पारी खेली, लेकिन दूसरे छोर से उन्हें कोई सहयोग नहीं मिला। न्यूजीलैंड के लंबे कद के तेज गेंदबाज काइल जैमीसन ने अपनी घातक स्विंग से इंग्लैंड के बल्लेबाजों को खूब छकाया और शानदार गेंदबाजी करते हुए 5 विकेट (पंज) चटकाए। उनके अलावा नाथन स्मिथ ने 3 और विलियम ओ’रूर्क ने 2 विकेट लेकर इंग्लैंड की पारी को 140 रन पर समेट दिया।

ओली रॉबिन्सन की आग उगलती गेंदों के आगे पस्त हुआ न्यूजीलैंड, सिर्फ 66 रन पर गंवाए 6 विकेट

पहली पारी में महज 140 रनों का छोटा लक्ष्य देखने के बाद ऐसा माना जा रहा था कि न्यूजीलैंड की टीम आसानी से एक बड़ी बढ़त हासिल कर लेगी। लेकिन, उनके इस मंसूबे पर इंग्लैंड के तेज गेंदबाज ओली रॉबिन्सन ने पानी फेर दिया। पारी के दूसरे ही ओवर में रॉबिन्सन ने कीवी टीम को ऐसे गहरे जख्म दिए जिससे वे उबर नहीं पाए। रॉबिन्सन ने अपने एक ही स्पैल में डेवोन कॉनवे, दिग्गज केन विलियमसन और इन-फॉर्म बल्लेबाज रचिन रविंद्र को सस्ते में आउट कर न्यूजीलैंड के शीर्ष क्रम को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। इसके बाद सलामी बल्लेबाज टॉम लैथम भी टिक नहीं सके। कुछ देर क्रीज पर संघर्ष करने वाले डैरिल मिशेल (12 रन) को रॉबिन्सन ने एक जादुई इनस्विंगर गेंद पर क्लीन बोल्ड कर दिया, जिसे मिशेल ने छोड़ने की भूल की थी। छठे नंबर पर आए टॉम ब्लंडेल भी सिर्फ 4 रन बनाकर चलते बने। दिन का खेल खत्म होने तक न्यूजीलैंड का स्कोर 66/6 है और वे अभी भी इंग्लैंड से 79 रन पीछे हैं। क्रीज पर फिलहाल ग्लेन फिलिप्स और नाथन स्मिथ डटे हुए हैं और कीवी टीम को मैच में बने रहने के लिए अब किसी बड़े चमत्कार की उम्मीद होगी।