
पश्चिम एशिया में ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते सैन्य तनाव की भीषण आग अब पड़ोसी देशों तक फैलने लगी है। बुधवार को कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (Kuwait International Airport) पर हुए एक भयानक ड्रोन हमले ने पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया है। इस दुखद घटना में जान गंवाने वाले एक भारतीय नागरिक का पार्थिव शरीर आज यानी शुक्रवार (5 जून 2026) को भारत वापस लाया जा रहा है। विदेश मंत्रालय (MEA) इस पूरे घटनाक्रम और पश्चिम एशिया में तेजी से बदलते हालातों पर अपनी पैनी नजर बनाए हुए है।
पीड़ित परिवार के संपर्क में भारतीय दूतावास, आज देश पहुंचेगा पार्थिव शरीर
अंतर-मंत्रालयी ब्रीफिंग के दौरान पश्चिम एशिया के हालातों की जानकारी देते हुए विदेश मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव (खाड़ी) असीम आर. महाजन ने गुरुवार को इस दुखद खबर की पुष्टि की थी। उन्होंने बताया कि कुवैत एयरपोर्ट पर हुए हवाई हमले में एक भारतीय नागरिक की असामयिक मृत्यु हो गई है। कुवैत में स्थित भारतीय दूतावास इस कठिन समय में मृतक के शोकाकुल परिवार के साथ लगातार संपर्क में बना हुआ है और कानूनी व प्रशासनिक प्रक्रियाओं को पूरा कर आज शुक्रवार को पार्थिव शरीर को भारत भेजने की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
कुवैत के अस्पतालों में चल रहा है 13 घायलों का इलाज, विदेश मंत्रालय की पैनी नजर
इस भीषण ड्रोन हमले की चपेट में आने से केवल एक मौत ही नहीं हुई, बल्कि 13 अन्य भारतीय नागरिक भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं। अतिरिक्त सचिव असीम आर. महाजन के अनुसार, सभी घायल भारतीय नागरिकों को तुरंत कुवैत के विभिन्न स्थानीय अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। कुवैत में मौजूद भारतीय मिशन स्थानीय प्रशासन और अस्पताल अधिकारियों के साथ लगातार समन्वय स्थापित किए हुए है ताकि घायलों को सर्वोत्तम चिकित्सा सहायता मिल सके। विदेश मंत्रालय ने साफ किया है कि वे खाड़ी क्षेत्र की हर एक गतिविधि पर बारीकी से नजर रख रहे हैं।
ईरान से 2,557 भारतीयों का रेस्क्यू, यात्रा न करने की सख्त सलाह
क्षेत्र में बढ़ते सैन्य तनाव को देखते हुए भारत सरकार ने अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए कई कड़े कदम उठाए हैं। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, फिलहाल ईरान का हवाई क्षेत्र आंशिक रूप से ही खुला हुआ है, जिसके कारण सभी भारतीय नागरिकों को फिलहाल ईरान की यात्रा करने से बचने की सख्त हिदायत दी गई है। संकट के बीच तेहरान में भारतीय दूतावास ने बेहद सराहनीय काम करते हुए अब तक भूमि मार्गों (Land Routes) का उपयोग करके कुल 2,557 भारतीय नागरिकों को ईरान से सुरक्षित बाहर निकालने में बड़ी सफलता हासिल की है। वहीं दूसरी ओर, इजरायल का हवाई क्षेत्र फिलहाल खुला हुआ है और उस क्षेत्र के लिए सीमित मात्रा में विमानों का संचालन फिर से शुरू कर दिया गया है।
इंडिगो ने निलंबित की थीं उड़ानें, ड्रोन हमले के बाद एयरस्पेस हुआ था बंद
बुधवार को ईरान और अमेरिका के बीच बढ़े सैन्य टकराव के दौरान कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट को निशाना बनाकर किए गए ड्रोन हमले के बाद सुरक्षा कारणों से कुवैत ने अपने हवाई क्षेत्र (Airspace) को अस्थायी रूप से पूरी तरह बंद कर दिया था। इस आपातकालीन स्थिति को देखते हुए भारत की सबसे बड़ी विमानन कंपनी इंडिगो (IndiGo) ने एक बड़ा फैसला लेते हुए कुवैत आने-जाने वाली अपनी सभी निर्धारित उड़ानों को 4 जून 2026 की दोपहर 12 बजे तक के लिए तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था। हालांकि, अब स्थिति की समीक्षा के बाद सीमित उड़ानों को धीरे-धीरे बहाल करने की कोशिशें की जा रही हैं।
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