
ऑनलाइन फूड डिलीवरी की दुनिया में प्रमुख प्लेटफॉर्म स्विगी (Swiggy) ने ग्राहकों के अनुभव को पूरी तरह बदलने के लिए एक क्रांतिकारी ‘मल्टी-रेस्टोरेंट ऑर्डरिंग’ (Multi-Restaurant Ordering) फीचर पेश कर दिया है। अब तक फूड डिलीवरी ऐप्स पर सबसे बड़ी परेशानी यह थी कि अगर घर या दफ्तर में बैठे चार अलग-अलग लोगों को अलग-अलग रेस्टोरेंट से खाना खाना होता था, तो हर व्यक्ति के लिए अलग से ऑर्डर करना पड़ता था, अलग पेमेंट करनी होती थी और बार-बार प्लेटफॉर्म फीस व डिलीवरी चार्ज चुकाना पड़ता था। इस बड़ी समस्या का समाधान निकालते हुए स्विगी ने अब ग्राहकों को अपने लिविंग रूम में ही वर्चुअल ‘फूड कोर्ट’ का अनुभव देने की व्यवस्था शुरू कर दी है। इस नए फीचर के तहत उपभोक्ता एक ही ट्रांजैक्शन में अधिकतम 5 अलग-अलग रेस्टोरेंट से अपने पसंदीदा व्यंजन कार्ट में जोड़कर मंगा सकेंगे। लखनऊ के हजरतगंज और गोमती नगर जैसे लोकप्रिय खान-पान केंद्रों से लेकर दिल्ली-एनसीआर, मुंबई और बेंगलुरु तक, यह नया अपडेट त्योहारी सीजन और वीकेंड पार्टीज के दौरान दोस्तों और परिवारों के बीच फूड ऑर्डरिंग को बेहद आसान और किफायती बनाने जा रहा है।
स्विगी के इस नए फीचर का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यूजर्स को अब अलग-अलग रेस्टोरेंट के बीच स्विच करते समय बार-बार अपनी कार्ट खाली नहीं करनी पड़ेगी। उपभोक्ता अपनी पसंद के अनुसार एक रेस्टोरेंट से स्टार्टर, दूसरे से मेन कोर्स, तीसरे से बिरयानी और चौथे या पांचवें से डेजर्ट या आइसक्रीम एक साथ चुन सकते हैं। इन सभी आइटम्स को एक ही मास्टर कार्ट में इकट्ठा किया जा सकेगा। जब यूजर चेकआउट स्क्रीन पर जाएंगे, तो उन्हें सभी रेस्टोरेंट्स के आइटम्स का कुल योग एक साथ दिखाई देगा और वे यूपीआई, क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड या नेट बैंकिंग के जरिए केवल एक बार में पूरा भुगतान (Single Checkout & Payment) कर सकेंगे। इससे न सिर्फ समय की भारी बचत होगी, बल्कि बार-बार पेमेंट फेल होने या अलग-अलग खातों से पैसे कटने की झंझट भी पूरी तरह खत्म हो जाएगी।
आम तौर पर जब कोई ग्राहक अलग-अलग रेस्टोरेंट से 3 या 4 ऑर्डर करता था, तो हर ऑर्डर पर अलग से प्लेटफॉर्म फीस, डिलीवरी चार्ज और जीएसटी जोड़ दिया जाता था। कई बार खाने की कुल कीमत से ज्यादा इन अतिरिक्त शुल्कों का बोझ जेब पर भारी पड़ता था। स्विगी के मल्टी-रेस्टोरेंट ऑर्डरिंग सिस्टम में ऑर्डर्स को एक ही ट्रांजैक्शन में बंडल करने की सुविधा मिलने से ग्राहकों को बार-बार कटने वाली प्लेटफॉर्म फीस और अतिरिक्त डिलीवरी लागत से बड़ी राहत मिलेगी। विशेषकर ऑफिस लंच के दौरान या घर में होने वाली गेट-टुगेदर और किटी पार्टीज में जहां हर सदस्य की फूड चॉइस अलग होती है, वहां यह फीचर बिल को काफी कम रखने में मददगार साबित होगा। फूड लवर्स अब बजट बिगड़ने की चिंता किए बिना शहर के मशहूर आउटलेट्स से अपने मनपसंद पकवान एक साथ मंगा सकते हैं।
तकनीकी मोर्चे पर स्विगी ने इस जटिल लॉजिस्टिक्स को बेहद आसान और पारदर्शी बना दिया है। भले ही ऑर्डर और पेमेंट एक ही बार में की गई हो, लेकिन खाना बनाने और डिलीवरी की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। ऑर्डर होने के बाद हर रेस्टोरेंट को अपना-अपना फूड तैयार करने का नोटिफिकेशन अलग से जाएगा। इसके बाद स्विगी के एल्गोरिदम के तहत नजदीकी डिलीवरी पार्टनर्स स्वतंत्र रूप से उन रेस्टोरेंट्स से खाना पिक करेंगे। यूजर को अपनी ऐप स्क्रीन पर एक ही कंसोलिडेटेड ट्रैकिंग डैशबोर्ड दिखेगा, जहां अलग-अलग टैब के जरिए यह साफ देखा जा सकेगा कि किस रेस्टोरेंट का खाना तैयार हो रहा है और कौन सा डिलीवरी पार्टनर किस रूट से उनके पते की ओर आ रहा है। इससे खाना गर्म और ताजा रहने की गारंटी सुनिश्चित होती है, क्योंकि एक रेस्टोरेंट के चक्कर में दूसरे का खाना ठंडा नहीं होगा।
स्विगी का यह कदम भारतीय फूड-टेक बाजार में अपनी प्रतिद्वंद्वी कंपनी जोमैटो (Zomato) पर तकनीकी और सर्विस बढ़त बनाने की रणनीति के तहत उठाया गया है। हाल ही में दोनों प्लेटफॉर्म्स ने बड़े ऑर्डर्स और इवेंट्स के लिए लार्ज ऑर्डर फ्लीट जैसे प्रयोग शुरू किए थे, लेकिन रिटेल यूजर्स के लिए 5 रेस्टोरेंट्स से एक साथ कस्टमाइज्ड ऑर्डर की सुविधा देकर स्विगी ने सीधे उपभोक्ता की रोजमर्रा की जरूरत को साध लिया है। कंपनी का मानना है कि इस इनोवेशन से औसत ऑर्डर वैल्यू (AOV) में बड़ा उछाल आएगा और उन ग्राहकों की संख्या तेजी से बढ़ेगी जो पहले अलग-अलग रेस्टोरेंट से खाना मंगाने की हिचकिचाहट के चलते किसी एक ही आउटलेट के सामान्य मेनू से समझौता कर लेते थे। आने वाले दिनों में यह फीचर पूरे देश के सभी टियर-1 और टियर-2 शहरों में फेज़-वाइज तरीके से पूरी तरह रोलआउट कर दिया जाएगा, जिससे ऑनलाइन फूड ऑर्डरिंग का ट्रेंड एक नए मुकाम पर पहुंचना तय है।
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