Shani Vakri 2026: 27 जुलाई से उल्टी चाल चलेंगे शनिदेव, अगले 140 दिन इन 3 राशियों के लिए भारी

ज्योतिष शास्त्र में शनिदेव को सबसे प्रभावशाली और न्यायप्रिय ग्रह माना जाता है। शनि एक राशि में लगभग ढाई साल तक विराजमान रहते हैं और अपनी साढ़े साती या ढैय्या के जरिए जातक को उसके कर्मों के अनुसार फल देते हैं। यही वजह है कि जब भी शनि की चाल बदलती है, तो इसका असर हर किसी के जीवन पर देखने को मिलता है। इस समय शनिदेव मीन राशि में विराजमान हैं और 27 जुलाई को इसी राशि में वक्री होने जा रहे हैं।

अगले 140 दिनों तक शनि की उल्टी चाल

27 जुलाई से शनिदेव अगले 140 दिनों तक वक्री यानी उल्टी चाल से चलेंगे। वैसे तो इस बदलाव का प्रभाव सभी 12 राशियों पर पड़ेगा, लेकिन ज्योतिषियों के अनुसार 3 विशेष राशियों के लिए यह समय काफी सतर्क रहने वाला है। उज्जैन के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य आनंद भारद्वाज के मुताबिक, इस दौरान करियर में अड़चनें, आर्थिक तंगी, मानसिक तनाव और मेहनत का पूरा फल न मिलने जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

इन 3 राशियों को झेलनी पड़ सकती है मुसीबत

  • मेष राशि: मेष राशि के जातकों के लिए शनि का वक्री होना कई चुनौतियां ला सकता है। लंबे समय से चल रही संपत्ति, नया मकान या गाड़ी खरीदने की योजनाएं अटक सकती हैं। अनावश्यक खर्चों के कारण आर्थिक दबाव बढ़ेगा, जिससे बड़े फैसले लेना मुश्किल हो जाएगा।

  • कर्क राशि: कर्क राशि वाले जातकों के लिए भी यह समय थोड़ा कठिन रहेगा। आपके अटके हुए कामों में और ज्यादा देरी हो सकती है। नौकरी और व्यापार में नई-नई अड़चनें आने से मानसिक तनाव और आत्मविश्वास में कमी आ सकती है।

  • मीन राशि: चूंकि शनि मीन राशि में ही वक्री हो रहे हैं, इसलिए इस राशि के जातकों पर इसका गहरा असर देखने को मिल सकता है। पुरानी मानसिक उलझनें दोबारा परेशान कर सकती हैं। कार्यक्षेत्र में मन मुताबिक सफलता न मिलने से निराशा बढ़ सकती है।

शनि देव के बुरे प्रभाव से बचने के अचूक उपाय

अगर आप शनि की प्रतिकूल दृष्टि और वक्री चाल के प्रभाव को कम करना चाहते हैं, तो ज्योतिष शास्त्र में बताए गए इन आसान उपायों को जरूर अपनाएं:

  • मंत्र जाप: हर शनिवार को पूरे मन और श्रद्धा से ‘ॐ शं शनैश्चराय नमः’ मंत्र का जाप करें।

  • पाठ और स्तुति: रोजाना या विशेष रूप से शनिवार के दिन हनुमान चालीसा, शनि स्तोत्र और शनि कवच का पाठ करना बेहद शुभ माना जाता है।

  • दान-पुण्य करें: शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए जरूरतमंदों को काले तिल, उड़द की दाल, सरसों का तेल, काला छाता या काले जूते दान करें।

  • तेल अर्पित करें: शनिवार के दिन शनि मंदिर जाकर सरसों का तेल अर्पित करें और गरीब व भूखे लोगों को भोजन कराएं।