
अगर आप अपनी गाढ़ी कमाई को बिना किसी जोखिम के सुरक्षित जगह निवेश कर फिक्स्ड और गारंटीड रिटर्न हासिल करना चाहते हैं तो मौजूदा समय फिक्स्ड डिपॉजिट यानी एफडी कराने के लिए बेहद मुफीद साबित हो रहा है। देश का सबसे बड़ा सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया जहां अपने ग्राहकों को नियमित अवधियों पर औसतन 6.45 प्रतिशत से लेकर 7.00 प्रतिशत के बीच ब्याज ऑफर कर रहा है, वहीं बाजार में कुछ ऐसे बैंक भी मौजूद हैं जहां सामान्य नागरिकों और वरिष्ठ नागरिकों को 8.25 प्रतिशत तक का रिकॉर्डतोड़ सालाना ब्याज दिया जा रहा है। भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति और रेपो रेट के स्थिर रुख के बीच तमाम सार्वजनिक, निजी और स्मॉल फाइनेंस बैंकों ने अपनी जमा दरों को नए सिरे से री-स्ट्रक्चर किया है ताकि आम खाताधारकों और पेंशनभोगियों को उनकी बचत पर अधिकतम मुनाफा मिल सके। राजधानी लखनऊ से लेकर देश भर के छोटे-बड़े शहरों में बैंक शाखाओं के बाहर एफडी के स्पेशल टेन्योर वाले पोस्टर्स आम लोगों को तेजी से आकर्षित कर रहे हैं क्योंकि शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव से दूर रहने वाले पारंपरिक निवेशकों के लिए बैंक एफडी आज भी सुरक्षा और तयशुदा मुनाफे का सबसे भरोसेमंद जरिया बनी हुई है।
सार्वजनिक क्षेत्र के दिग्गज बैंकों की बात करें तो स्टेट बैंक ऑफ इंडिया अपने ग्राहकों को अलग-अलग अवधि के लिए अलग-अलग ब्याज दरें उपलब्ध करा रहा है। एसबीआई में जहां 1 साल से लेकर 2 साल से कम की अवधि पर सामान्य नागरिकों को लगभग 6.80 प्रतिशत का ब्याज मिलता है, वहीं 2 साल से 3 साल से कम की अवधि पर यह दर 6.45 से 7.00 प्रतिशत के दायरे में बैठती है। इसके साथ ही एसबीआई की स्पेशल टेन्योर स्कीमें जैसे ‘अमृत कलश’ 400 दिनों की अवधि के लिए 7.10 प्रतिशत और वरिष्ठ नागरिकों को 7.60 प्रतिशत का खास रिटर्न देती हैं। दूसरी तरफ पंजाब नेशनल बैंक यानी पीएनबी ने भी अपने खाताधारकों के लिए दरों को बेहद प्रतिस्पर्धी बना दिया है। पीएनबी में 400 दिनों से लेकर 3 साल तक की अवधि वाली जमाओं पर सामान्य ग्राहकों को 6.50 प्रतिशत से लेकर 7.25 प्रतिशत तक का ब्याज मिल रहा है, जबकि सुपर सीनियर सिटीजंस और सीनियर सिटीजंस को 0.50 से 0.80 प्रतिशत का अतिरिक्त प्रीमियम दिया जा रहा है। बैंक ऑफ बड़ौदा, केनरा बैंक और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया भी 1 से 3 साल की मध्यम अवधि वाली एफडी पर 6.70 से लेकर 7.30 प्रतिशत का रिटर्न पेश कर रहे हैं, जो सुरक्षित सरकारी गारंटी चाहने वाले खाताधारकों के लिए एक मजबूत विकल्प बनकर उभरा है।
निजी क्षेत्र के सबसे बड़े ऋणदाता एचडीएफसी बैंक और आईसीआईसीआई बैंक ने भी जमा पूंजी जुटाने के लिए अपनी ब्याज दरों में रणनीतिक फेरबदल किए हैं। एचडीएफसी बैंक सामान्य ग्राहकों को 15 महीने से 18 महीने और 18 महीने से 21 महीने की खास अवधियों पर 6.60 प्रतिशत से 7.10 प्रतिशत तक का सालाना ब्याज दे रहा है। वरिष्ठ नागरिकों के लिए एचडीएफसी में यह दर बढ़कर 7.60 प्रतिशत तक पहुंच जाती है। आईसीआईसीआई बैंक और एक्सिस बैंक भी लगभग समान स्तर पर 15 महीने से 2 साल की अवधि के लिए 7.10 से 7.20 प्रतिशत का ब्याज मुहैया करा रहे हैं। निजी बैंकों की खासियत यह है कि वे डिजिटल बैंकिंग और मोबाइल ऐप के जरिए चंद मिनटों में पेपरलेस तरीके से एफडी खोलने की सुविधा देते हैं, जिससे शहरी वेतनभोगी वर्ग अपनी तात्कालिक बचत को बिना शाखा जाए तुरंत एफडी में पार्क कर पा रहा है। इसके अलावा टैक्स सेविंग एफडी यानी 5 साल के लॉक-इन पीरियड वाली योजनाओं में भी निजी बैंक 7.00 प्रतिशत तक का रिटर्न और आयकर कानून की धारा 80सी के तहत 1.5 लाख रुपये तक की टैक्स छूट का दोहरा लाभ निवेशकों को उपलब्ध करा रहे हैं।
जो निवेशक पारंपरिक 6.5 से 7 प्रतिशत के दायरे से बाहर निकलकर अपनी पूंजी पर अधिकतम लाभ कमाना चाहते हैं, उनके लिए यूनिटी स्मॉल फाइनेंस बैंक, सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक, उत्कर्ष और उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक जैसे संस्थान सबसे आकर्षक विकल्प बने हुए हैं। यूनिटी स्मॉल फाइनेंस बैंक 1001 दिनों के विशेष टेन्योर पर सामान्य नागरिकों को 7.75 प्रतिशत और वरिष्ठ नागरिकों को पूरा 8.25 प्रतिशत सालाना ब्याज ऑफर कर रहा है। इसी तरह सूर्योदय बैंक और जना स्मॉल फाइनेंस बैंक भी 2 से 3 साल की अवधि पर आम जनता को 7.50 से 7.75 प्रतिशत और बुजुर्गों को 8.00 से 8.25 प्रतिशत का रिटर्न दे रहे हैं। कई निवेशकों के मन में यह सवाल उठता है कि क्या स्मॉल फाइनेंस बैंकों में पैसा लगाना सुरक्षित है, तो इसका स्पष्ट जवाब आरबीआई के नियमों में निहित है। भारतीय रिजर्व बैंक की पूर्ण स्वामित्व वाली अनुषंगी संस्था डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन यानी डीआईसीजीसी के तहत प्रत्येक बैंक में हर जमाकर्ता की 5 लाख रुपये तक की मूलधन और ब्याज राशि पूरी तरह से बीमाकृत होती है। इसका सीधा मतलब यह है कि अगर आप किसी स्मॉल फाइनेंस बैंक में 5 लाख रुपये तक की एफडी कराते हैं तो आपकी पूंजी उतनी ही सुरक्षित है जितनी किसी बड़े सरकारी बैंक में।
| बैंक का नाम | सामान्य नागरिकों के लिए ब्याज दर | वरिष्ठ नागरिकों के लिए ब्याज दर | सबसे आकर्षक अवधि (टेन्योर) |
| यूनिटी स्मॉल फाइनेंस बैंक | 7.75% | 8.25% | 1001 दिन |
| सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक | 7.75% | 8.25% | 2 साल से 3 साल |
| पंजाब नेशनल बैंक (PNB) | 6.50% – 7.25% | 7.00% – 7.75% | 400 दिन से 2 साल |
| एचडीएफसी बैंक (HDFC) | 6.60% – 7.10% | 7.10% – 7.60% | 15 महीने से 18 महीने |
| भारतीय स्टेट बैंक (SBI) | 6.45% – 7.10% | 6.95% – 7.60% | 400 दिन (अमृत कलश) |
| आईसीआईसीआई बैंक (ICICI) | 6.70% – 7.20% | 7.20% – 7.70% | 15 महीने से 2 साल |
फिक्स्ड डिपॉजिट में निवेश करते समय केवल उच्चतम ब्याज दर देखना ही पर्याप्त नहीं है बल्कि ‘एफडी लैडरिंग’ तकनीक अपनाना सबसे समझदारी भरा कदम माना जाता है। लैडरिंग का अर्थ है कि अपनी पूरी जमा पूंजी को किसी एक बैंक या एक ही अवधि की एफडी में बंद करने के बजाय उसे अलग-अलग समयसीमाओं में बांट दिया जाए, जैसे 1 साल, 2 साल और 3 साल की कई एफडी बनाना। इससे निवेशक को नियमित अंतराल पर लिक्विडिटी यानी नकदी मिलती रहती है और ब्याज दरें बढ़ने पर दोबारा ऊंचे रिटर्न पर पैसा लगाने का मौका भी बना रहता है। साथ ही अपनी कुल बचत को बड़े सरकारी बैंकों, मजबूत निजी बैंकों और 5 लाख की सीमा के भीतर स्मॉल फाइनेंस बैंकों में संतुलित रूप से वितरित करने से सुरक्षा और हाई रिटर्न दोनों का बेहतरीन तालमेल हासिल होता है। वरिष्ठ नागरिकों को हमेशा अपने नाम से एफडी करानी चाहिए ताकि उन्हें मिलने वाले 0.50 से 0.75 प्रतिशत के अतिरिक्त ब्याज प्रीमियम का पूरा फायदा उठाया जा सके। निवेश करने से पहले संबंधित बैंक की प्री-मैच्योर विड्रॉल पेनल्टी, टीडीएस कटौती के नियम और फॉर्म 15जी/15एच जमा करने की औपचारिकताएं समझ लेना वित्तीय दृष्टि से अत्यंत लाभकारी रहता है।
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