Rule Change 1st August 2026: 1 अगस्त से बदल जाएंगे ये 5 बड़े नियम! LPG की कीमतों से लेकर आपकी जेब पर पड़ेगा सीधा असर

हर महीने की पहली तारीख अपने साथ कई ऐसे आर्थिक और प्रशासनिक बदलाव लेकर आती है, जिनका सीधा असर आम नागरिक के मासिक बजट पर पड़ता है। 1 अगस्त 2026 भी इसका अपवाद नहीं है। इस महीने देश की अर्थव्यवस्था, बैंकिंग, टैक्स और शेयर बाजार के मोर्चे पर कई बड़े फैसले लागू होने जा रहे हैं।

रसोई गैस की कीमतों की समीक्षा से लेकर भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की ब्याज दरों, बिलेटेड ITR फाइलिंग और बैंकिंग सर्विस चार्ज तक, कई अहम बदलाव आपकी वित्तीय सेहत तय करेंगे। आइए विस्तार से जानते हैं 1 अगस्त से लागू हो रहे उन 5 बड़े बदलावों के बारे में, जिन्हें समझना आपके पैसों के बेहतर प्रबंधन के लिए बेहद जरूरी है:

1. रसोई गैस (LPG) सिलेंडर की नई कीमतें

देश की सरकारी तेल विपणन कंपनियां (IOCL, BPCL, HPCL) हर महीने की पहली तारीख को एलपीजी सिलेंडरों की कीमतों की समीक्षा करती हैं। हाल ही में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और गैस की कीमतों में गिरावट देखी गई है। ऐसे में 1 अगस्त को 14.2 किग्रा घरेलू और 19 किग्रा कमर्शियल गैस सिलेंडर की दरों में कटौती की पूरी संभावना जताई जा रही है, जिससे आम जनता को राहत मिल सकती है।

2. लोन EMI और बैंक FD पर फैसला (RBI MPC बैठक)

भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की अहम बैठक 3 अगस्त से 5 अगस्त 2026 के बीच आयोजित होने वाली है। 5 अगस्त को खुद आरबीआई गवर्नर क्रेडिट पॉलिसी के फैसलों का ऐलान करेंगे। इस बैठक में तय होगा कि रेपो रेट में कोई बदलाव किया जाएगा या नहीं। इसका सीधा असर आपके होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन की मासिक ईएमआई (EMI) के साथ-साथ बैंकों द्वारा फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) पर दी जाने वाली ब्याज दरों पर पड़ेगा।

3. ITR फाइलिंग की डेडलाइन और जुर्माना नियम

  • नौकरीपेशा वर्ग (ITR-1/ITR-2): बिना किसी पेनल्टी के रिटर्न दाखिल करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई को समाप्त हो चुकी है। अब 1 अगस्त से बिलेटेड रिटर्न दाखिल करने पर आय के आधार पर ₹1,000 से लेकर ₹5,000 तक की लेट फीस (धारा 234F) चुकानी होगी।

  • कारोबारी व फ्रीलांसर्स (ITR-3/ITR-4): ऑडिट की आवश्यकता न होने वाले टैक्सपेयर्स के लिए 31 अगस्त अंतिम समय-सीमा है।

4. शेयर बाजार में सेबी का नया बायबैक नियम

शेयर बाजार के निवेशकों के लिए 1 अगस्त से बाजार नियामक SEBI ओपन मार्केट शेयर बायबैक का रास्ता फिर से खोल रहा है। इसके तहत कंपनियां अपनी पेड-अप कैपिटल और फ्री रिजर्व का अधिकतम 15 प्रतिशत तक शेयर बायबैक कर सकती हैं। इसके अलावा 12 अगस्त को होने वाली MSCI ग्लोबल इंडेक्स की तिमाही समीक्षा पर भी विदेशी निवेशकों की नजर रहेगी।

5. महंगे बैंकिंग चार्ज और सख्त GST नियम

  • बैंकिंग सर्विस चार्ज: अगस्त महीने से कई बैंक अपने चार्जेस में बदलाव कर रहे हैं। उदाहरण के तौर पर, उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक ने ग्राहकों को भेजे जाने वाले हर अलर्ट SMS के लिए 30 पैसे प्रति एसएमएस चार्ज वसूलने की घोषणा की है।

  • GST का नया ई-वे बिल नियम: 1 अगस्त 2026 से ई-वे बिल (E-Way Bill) जनरेशन के नियम सख्त हो रहे हैं। अब ‘Bill-To/Ship-To’ ट्रांजैक्शन में ‘Ship-To’ वाले हिस्से का सही GSTIN नंबर देना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही, एक बार चालान (IRN) जनरेट होने के बाद इसमें किसी भी तरह का संशोधन (Modification) नहीं किया जा सकेगा।