
पूर्वी उत्तर प्रदेश (पूर्वांचल) और बिहार के सीमावर्ती इलाकों के बीच सफर करने वाले लाखों यात्रियों और व्यापारियों के लिए एक बेहद बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) द्वारा बनाए जा रहे गाजीपुर-बलिया-मांझीघाट ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे (Ghazipur-Ballia-Manjhighat Greenfield Expressway) का निर्माण कार्य तेजी से पूरा किया जा रहा है। करीब ₹5,300 करोड़ से अधिक की लागत वाले इस 134 किलोमीटर लंबे 4-लेन एक्सप्रेसवे के बन जाने से पूर्वांचल के मुख्य जिलों की सीधी कनेक्टिविटी बिहार के छपरा, बक्सर और पटना के साथ-साथ प्रदेश की राजधानी लखनऊ और देश की राजधानी नई दिल्ली से हो जाएगी। एक रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो राष्ट्रीय राजमार्ग-31 (NH-31) पर रोज लगने वाले भीषण ट्रैफिक जाम से यह एक्सप्रेसवे हमेशा के लिए मुक्ति दिलाने वाला है।
4 घंटे का सफर सिमटकर महज 1.5 घंटे में होगा पूरा
वर्तमान में गाजीपुर से बलिया होते हुए बिहार के मांझीघाट तक जाने में संकरे रास्तों और भारी ओवरलोड गाड़ियों के कारण 4 घंटे से अधिक का समय लग जाता है।
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समय की भारी बचत: 100 किमी/घंटा की डिजाइन स्पीड वाले इस 4-लेन ग्रीनफील्ड कॉरिडोर के पूरी तरह शुरू होने के बाद यह 134 किमी की दूरी महज 1.5 घंटे (90 मिनट) में तय की जा सकेगी।
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बक्सर स्पर (Buxar Spur Connectivity): इस परियोजना में 17 किलोमीटर लंबा बक्सर स्पर भी शामिल है, जिससे बिहार का बक्सर सीधे पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जुड़ जाएगा। इससे बक्सर से लखनऊ का सफर केवल 3.5 घंटे में पूरा हो सकेगा।
70 हजार पौधों के साथ बनेगा ‘ग्रीन कॉरिडोर’
पर्यावरण संतुलन को ध्यान में रखते हुए NHAI इस एक्सप्रेसवे को एक मॉडल ‘ग्रीन कॉरिडोर’ के रूप में विकसित कर रहा है:
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मियावाकी पद्धति से पौधारोपण: एक्सप्रेसवे के दोनों तरफ फेंसिंग और डिवाइडर पर मियावाकी तकनीक (Miyawaki Method) का इस्तेमाल करके लगभग 70,000 सुगंधित और छायादार पौधे लगाए जा रहे हैं।
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बैलेंस्ड इकोसिस्टम: इसमें बलिया क्षेत्र में 40 हजार और गाजीपुर जिले की सीमा में 30 हजार पौधे रोपे जाएंगे, जिससे एक्सप्रेसवे पूरी तरह प्रदूषण-मुक्त और हरा-भरा नजर आएगा।
स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट और आर्थिक बूम
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ATMS सिस्टम: सुरक्षा के लिहाज से पूरे एक्सप्रेसवे पर ऑटोमैटिक ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ATMS) लागू किया जा रहा है, जिसमें स्पीड-चेकिंग कैमरे, सीसीटीवी और इमरजेंसी कॉलिंग बूथ शामिल हैं।
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रियल एस्टेट और कृषि व्यापार को बढ़ावा: एक्सप्रेसवे के आसपास के इलाकों जैसे सागरपाली, चितबड़ागांव, फेफना और जंगीपुर में लॉजिस्टिक्स हब, वेयरहाउसिंग और आवासीय कॉलोनियों का विकास तेज हो गया है। साथ ही बलिया और गाजीपुर के किसानों की ताजी उपज/सब्जियां सीधे पटना और लखनऊ के बड़े बाजारों तक बिना खराब हुए त्वरित गति से पहुंच सकेंगी।
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