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Post Office की 60 महीने वाली FD: 5 साल के लिए ₹3 लाख जमा करने पर कितना मिलेगा रिटर्न? समझें ब्याज और मैच्योरिटी का पूरा गणित

सुरक्षित निवेश और निश्चित रिटर्न की तलाश करने वाले रूढ़िवादी निवेशकों के लिए डाकघर की राष्ट्रीय बचत सावधि जमा यानी ‘Post Office Time Deposit’ (POTD) हमेशा से पसंदीदा विकल्प रही है। सरकार द्वारा समर्थित होने के कारण इसमें जमा पूंजी पर शून्य जोखिम (Zero Risk) और शत-प्रतिशत सुरक्षा की गारंटी मिलती है।

वर्तमान में डाकघर की 5 साल यानी 60 महीने वाली सावधि जमा योजना पर 7.50% वार्षिक ब्याज दर दी जा रही है। डाकघर की इस योजना की सबसे बड़ी खूबी इसका चक्रवृद्धिकरण (Compounding) नियम है—ब्याज की गणना हर तिमाही (Quarterly Compounding) के आधार पर की जाती है, जिससे प्रभावी सालाना रिटर्न बढ़ जाता है।

यदि आप डाकघर की 60 महीने (5 वर्ष) वाली टाइम डिपॉजिट योजना में ₹3,00,000 (तीन लाख रुपये) की एकमुश्त राशि जमा करते हैं, तो 7.50% वार्षिक दर (तिमाही चक्रवृद्धि) के हिसाब से मैच्योरिटी का गणित इस प्रकार रहेगा:

  • जमा की गई मूल राशि (Principal): ₹3,00,000

  • लागू ब्याज दर: 7.50% वार्षिक (त्रैमासिक चक्रवृद्धि)

  • निवेश की कुल अवधि: 5 वर्ष (60 महीने)

  • 5 साल में अर्जित कुल ब्याज (Total Interest Earned): ₹1,34,984

  • 5 साल बाद कुल मैच्योरिटी राशि (Maturity Amount): ₹4,34,984

अर्थात, 5 साल पूरा होने पर आपको अपने ₹3 लाख के मूलधन के साथ ₹1,34,984 का गारंटीड ब्याज मिलेगा और कुल फंड लगभग ₹4.35 लाख बनकर तैयार हो जाएगा।

डाकघर सावधि जमा में ब्याज की गणना तिमाही आधार पर जुड़ती है। ₹3 लाख के निवेश पर साल-दर-साल फंड किस प्रकार बढ़ता है, इसे नीचे दी गई तालिका से समझा जा सकता है:

समयावधि (वर्ष) साल की शुरुआत में बैलेंस उस साल का अनुमानित ब्याज (7.5% तिमाही चक्रवृद्धि) साल के अंत में कुल फंड
पहला वर्ष ₹3,00,000 ₹23,143 ₹3,23,143
दूसरा वर्ष ₹3,23,143 ₹24,929 ₹3,48,072
तीसरा वर्ष ₹3,48,072 ₹26,853 ₹3,74,925
चौथा वर्ष ₹3,74,925 ₹28,926 ₹4,03,851
पांचवां वर्ष ₹4,03,851 ₹31,133 ₹4,34,984

नोट: पोस्ट ऑफिस नियमों के तहत टीडी खातों पर तिमाही आधार पर ब्याज कैलकुलेट होता है, लेकिन यदि खाताधारक चाहे तो वार्षिक देय ब्याज को अपने डाकघर बचत खाते में ट्रांसफर भी करा सकता है।

डाकघर में 1, 2, 3 और 5 वर्ष की सावधि जमा योजनाएं उपलब्ध हैं, लेकिन आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत टैक्स छूट का लाभ केवल 5 साल वाली टाइम डिपॉजिट पर ही मिलता है।

  • यदि आप पुरानी कर व्यवस्था (Old Tax Regime) चुनते हैं, तो वित्तीय वर्ष के दौरान 5 साल की एफडी में जमा की गई राशि पर ₹1.5 लाख तक की टैक्स कटौती (Deduction) का दावा किया जा सकता है।

  • हालांकि, अर्जित ब्याज कर-योग्य (Taxable) होता है और आपकी कुल वार्षिक आय में जोड़कर स्लैब के अनुसार टैक्स लगता है।

  • एक वित्तीय वर्ष में ब्याज ₹50,000 (वरिष्ठ नागरिकों के लिए ₹1,00,000) से अधिक होने पर बैंक/डाकघर टीडीएस (TDS) कटौती के नियमों का पालन करते हैं।

डाकघर की 5 साल वाली सावधि जमा में निवेश करना बेहद सरल है:

  • पात्रता: कोई भी भारतीय नागरिक एकल (Single) या 3 वयस्कों तक का संयुक्त (Joint) खाता खुलवा सकता है। 10 वर्ष से अधिक उम्र के नाबालिग के नाम पर भी अभिभावक द्वारा खाता खोला जा सकता है।

  • न्यूनतम व अधिकतम सीमा: न्यूनतम ₹1,000 से खाता शुरू किया जा सकता है। अधिकतम निवेश की कोई सीमा नहीं है।

  • प्रीमैच्योर विड्रॉल नियम: खाता खोलने के 6 महीने तक निकासी की अनुमति नहीं होती। 6 महीने से 1 साल के बीच बंद करने पर केवल साधारण बचत खाता दर (4%) से ब्याज मिलता है। 1 साल बाद बंद करने पर लागू ब्याज दर में से 2% की कटौती कर भुगतान किया जाता है।

सुरक्षित पूंजी और तय रिटर्न चाहने वाले निवेशकों के लिए डाकघर की 60 महीने वाली एफडी बैंक एफडी की तुलना में एक आकर्षक और भरोसेमंद विकल्प है।