PM Surya Ghar Scheme: 19 लाख परिवारों का बिजली बिल हुआ ‘जीरो’

केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी ‘पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ ने आम जनता को महंगाई से राहत दिलाने में नया कीर्तिमान स्थापित किया है। संसद के निचले सदन (लोकसभा) में केंद्रीय नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने जानकारी देते हुए बताया कि इस योजना के तहत छतों पर सोलर पैनल लगवाने वाले देश के करीब 19 लाख परिवारों का बिजली बिल कम से कम एक बिलिंग साइकिल में पूरी तरह ‘शून्य’ दर्ज किया गया है। फरवरी 2024 में शुरू हुई इस योजना से अब तक 48 लाख से अधिक परिवार लाभान्वित हो चुके हैं और चालू वित्त वर्ष में 1 करोड़ घरों तक सोलर पैनल पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।

7 दिनों में लगे 1 लाख सोलर सिस्टम: लोगों में बढ़ा रूझान

मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के अनुसार, 24 जुलाई 2026 तक देश भर में 40,07,355 से अधिक रूफटॉप सोलर सिस्टम स्थापित किए जा चुके हैं। योजना की शुरुआत में भले ही रफ्तार थोड़ी धीमी थी, लेकिन सब्सिडी की आसान प्रक्रिया और शून्य बिजली बिल के प्रत्यक्ष फायदों को देखते हुए अब आम लोगों में इसे लेकर भारी उत्साह देखा जा रहा है। स्थिति यह है कि हाल ही में महज 7 दिनों के भीतर एक लाख नए परिवारों की छतों पर सोलर पैनल लगाए गए हैं।

महाराष्ट्र और केरल सबसे आगे: जानें राज्यों का प्रदर्शन

पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों (DISCOMs) के आंकड़ों के मुताबिक, जिन 18.93 लाख उपभोक्ताओं का बिजली बिल जीरो हुआ है, उनमें सबसे बड़ी हिस्सेदारी महाराष्ट्र की है, जहां के 4.17 लाख परिवारों ने बिजली बिल से पूरी तरह मुक्ति पाई है।

  • महाराष्ट्र: 4.17 लाख परिवार (प्रथम स्थान)

  • केरल: 1.91 लाख परिवार (द्वितीय स्थान)

  • छत्तीसगढ़: 16,450 से अधिक उपभोक्ता

सब्सिडी का गणित: 1kW से 3kW पर सरकार कितना पैसा दे रही है?

पीएम सूर्य घर योजना के तहत रूफटॉप सोलर सिस्टम की स्थापना पर केंद्र सरकार कुल लागत का 40% से 60% हिस्सा सब्सिडी के रूप में वहन करती है:

सिस्टम क्षमता (Capacity) केंद्र सरकार की सब्सिडी
1 KiloWatt (1 kW) ₹30,000
2 KiloWatt (2 kW) ₹60,000
3 KiloWatt (3 kW) ₹78,000 (अधिकतम सब्सिडी)

अतिरिक्त राज्य सब्सिडी: उत्तर प्रदेश जैसे कुछ राज्य अपने स्तर पर ₹30,000 की अतिरिक्त राज्य सब्सिडी भी प्रदान कर रहे हैं, जिससे उपभोक्ताओं के लिए शुरुआती लागत और भी कम हो जाती है।

कैलकुलेशन से समझें: 4 साल में कैसे मुफ्त हो जाएगा आपका सोलर पैनल?

यदि कोई परिवार 3 kW का सोलर सिस्टम लगवाता है, तो उसकी कुल अनुमानित लागत लगभग ₹1,80,000 आती है। केंद्र सरकार से मिलने वाली ₹78,000 की सब्सिडी के बाद उपभोक्ता की जेब से शुद्ध खर्च केवल ₹1,08,000 ही बचता है।

  • मासिक उत्पादन: 3 kW का सोलर सिस्टम हर महीने औसतन 250 से 300 यूनिट बिजली बनाता है।

  • मासिक बचत: यदि औसतन 275 यूनिट बिजली का उत्पादन मान लें और ₹8 प्रति यूनिट का टैरिफ हो, तो हर महीने बिजली बिल में ₹2,200 की सीधी बचत होती है।

  • वार्षिक बचत: इस तरह एक साल में लगभग ₹26,400 की बचत होती है।

  • पे-बैक पीरियड: मात्र 4 वर्षों के भीतर उपभोक्ता द्वारा लगाई गई पूरी लागत वसूल हो जाती है। इसके बाद अगले 20-22 सालों तक मिलने वाली बिजली पूरी तरह मुफ्त होती है।