PM Surya Ghar Muft Bijli Yojana: बिहार में 2.5 लाख गरीब परिवारों को मुफ्त मिलेंगे रूफ टॉप सोलर, जानें क्या है पात्रता और मुख्यमंत्री का बड़ा एलान

बिहार में गरीब, वंचित और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को आत्मनिर्भर बनाने और ग्रीन एनर्जी (स्वच्छ ऊर्जा) से जोड़ने के लिए बिहार सरकार अब तक का सबसे बड़ा अभियान शुरू करने जा रही है। राज्य के सभी 38 जिलों में ‘प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ (PM Surya Ghar Muft Bijli Yojana) का दायरा बढ़ाते हुए अब 58 लाख बीपीएल (BPL) परिवारों को इसके अंतर्गत लाने की तैयारी है।

ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़ाते हुए बिहार सरकार ने शुरुआती चरण में राज्य के 2.5 लाख कुटीर ज्योति उपभोक्ताओं के घरों की छतों पर पूरी तरह मुफ्त सौर ऊर्जा संयंत्र (Rooftop Solar Panels) लगाने के महाअभियान की शुरुआत कर दी है।

25 लाख घरों तक मुफ्त सोलर बिजली पहुंचाने का है अंतिम लक्ष्य

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस महत्वाकांक्षी योजना की रूपरेखा साझा करते हुए कहा कि पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का मुख्य उद्देश्य समाज के सबसे पिछड़े तबके को स्वच्छ, सस्ती और लंबे समय तक उपयोगी रहने वाली बिजली उपलब्ध कराना है।

  • पहला चरण: वर्तमान में 2.5 लाख चिन्हित गरीब परिवारों के घरों पर सोलर संयंत्र लगाने की शुरुआत की गई है।

  • अंतिम लक्ष्य: मुख्यमंत्री ने एलान किया कि आने वाले चरणों में इस योजना का व्यापक विस्तार किया जाएगा और राज्य के 25 लाख घरों तक मुफ्त सोलर बिजली की सुविधा पहुंचाने का अंतिम लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

  • समय सीमा: मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि सरकार के एक वर्ष का कार्यकाल पूरा होने यानी 20 नवंबर 2026 तक इन ढाई लाख परिवारों की छतों पर सोलर पैनल लगाने का काम हर हाल में पूरा कर लिया जाए। इसके अतिरिक्त, केंद्र सरकार ने आगामी 31 मार्च तक बिहार के कुल 4,82,000 घरों को सौर ऊर्जा से जोड़ने का बड़ा लक्ष्य रखा है।

कौन उठा सकता है इस योजना का लाभ? जानिए जरूरी पात्रता (Eligibility Criteria)

यदि आप भी बिहार के निवासी हैं और इस योजना के तहत अपने घर की छत पर मुफ्त सोलर पैनल लगवाना चाहते हैं, तो सरकार द्वारा तय की गईं निम्नलिखित शर्तों को पूरा करना अनिवार्य है:

  • भारतीय नागरिकता: इस योजना का लाभ केवल भारत (और विशेष रूप से बिहार) के मूल नागरिकों को ही मिलेगा।

  • छत पर पर्याप्त स्पेस: आवेदक के घर या मकान की छत पर सोलर पैनल स्थापित करने के लिए पर्याप्त और परछाई-मुक्त (Shadow-Free) जगह होनी चाहिए।

  • वैध बिजली कनेक्शन: लाभार्थी के घर में राज्य की बिजली वितरण कंपनी (NBPDCL/SBPDCL) का एक वैध और चालू बिजली कनेक्शन (Electricity Connection) होना अनिवार्य है।

  • कोई अन्य सरकारी लाभ न हो: आवेदन करने वाला परिवार पहले से केंद्र या राज्य सरकार की किसी अन्य सोलर पैनल या रूफटॉप योजना का लाभ न उठा रहा हो।

  • शहरी व ग्रामीण दोनों पात्र: इस योजना का लाभ गांवों और शहरों, दोनों क्षेत्रों में रहने वाले गरीब परिवारों, मकान या फ्लैट में रहने वाले लोगों और छोटे व्यावसायिक संस्थानों को भी मिल सकता है।

यूपी से 4 गुना ज्यादा सब्सिडी दे रहा है बिहार: मुख्यमंत्री का दावा

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य में बिजली के क्षेत्र में हुए ऐतिहासिक बदलावों का ब्यौरा देते हुए कुछ बेहद चौंकाने वाले आंकड़े सामने रखे:

  • कनेक्शन में भारी उछाल: साल 2005 तक पूरे बिहार में केवल 17 लाख बिजली कनेक्शन थे, जो अब रिकॉर्ड बढ़ोतरी के साथ 2.22 करोड़ हो चुके हैं।

  • मुफ्त बिजली: पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के ‘महिला संवाद’ कार्यक्रम से मिले सुझावों के आधार पर राज्य के घरेलू उपभोक्ताओं को 125 यूनिट तक मुफ्त बिजली दी जा रही है।

  • ₹23,000 करोड़ की बंपर सब्सिडी: मुख्यमंत्री ने दावा किया कि बिहार बिजली के क्षेत्र में देश का सबसे सस्ता और सबसे अधिक सब्सिडी देने वाला राज्य बन गया है। उन्होंने उत्तर प्रदेश (UP) से तुलना करते हुए कहा कि यूपी का क्षेत्रफल और आबादी बिहार से बहुत अधिक है, लेकिन वहां की सरकार करीब 6,000 करोड़ रुपये की सब्सिडी देती है। इसके विपरीत, बिहार सरकार अपने सीमित संसाधनों के बावजूद उपभोक्ताओं को करीब 23,000 करोड़ रुपये की बिजली सब्सिडी दे रही है।

  • सप्लाई में रिकॉर्ड सुधार: साल 2005 तक बिहार को केंद्रीय कोटे से केवल 400 से 500 मेगावाट बिजली मिलती थी, लेकिन आज बुनियादी ढांचे में सुधार के कारण राज्य में बिजली की मांग और खपत बढ़कर 9,000 मेगावाट तक पहुंच गई है।