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PM Garib Kalyan Anna Yojana 2026: हर महीने मिलेगा 35 किलो तक मुफ्त राशन, जानिए नई पात्रता शर्तें और ऑनलाइन आवेदन का पूरा तरीका

PM Garib Kalyan Anna Yojana online apply : देश के 81 करोड़ से अधिक जरूरतमंद नागरिकों की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार की ‘प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना’ (PMGKAY) सबसे बड़ा सहारा बनी हुई है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के अंतर्गत समाहित इस योजना के माध्यम से अंत्योदय अन्न योजना (AAY) और प्राथमिक गृहस्थी (PHH) श्रेणी के लाभार्थियों को बिना किसी शुल्क के शत-प्रतिशत मुफ्त अनाज उपलब्ध कराया जा रहा है। सबसे खास बात यह है कि अत्यंत गरीब परिवारों को प्रति माह 35 किलोग्राम मुफ्त खाद्यान्न (चावल और गेहूं) सीधे उचित मूल्य की राशन दुकानों (FPS) के जरिए प्रदान किया जाता है। यदि आपके पास अभी तक राशन कार्ड नहीं है या परिवार के किसी सदस्य का नाम सूची में जुड़ने से रह गया है, तो योजना के ताजा नियम, पात्रता मानदंड और ऑनलाइन-ऑफलाइन आवेदन की पूरी प्रक्रिया को समझना बेहद आवश्यक है।

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत केंद्र सरकार देश के आर्थिक रूप से कमजोर तबकों को भुखमरी और कुपोषण से बचाने के लिए खाद्यान्न सुरक्षा प्रदान करती है। पहले जहां एनएफएसए के तहत लाभार्थियों को गेहूं ₹2 प्रति किलो और चावल ₹3 प्रति किलो की दर से मिलता था, वहीं अब इस पूरी व्यवस्था को पूर्णतः निःशुल्क कर दिया गया है। योजना के अंतर्गत खाद्यान्न का वितरण राशन कार्ड के प्रकार के आधार पर दो मुख्य श्रेणियों में किया जाता है:

  1. अंत्योदय अन्न योजना (AAY राशन कार्ड): यह कार्ड अत्यंत निर्धन परिवारों को जारी किया जाता है। इसके तहत परिवार में सदस्यों की संख्या चाहे जितनी हो, प्रत्येक परिवार को प्रतिमाह एकमुश्त 35 किलोग्राम मुफ्त खाद्यान्न (गेहूं और चावल का निर्धारित अनुपात) दिया जाता है।

  2. प्राथमिक गृहस्थी (PHH राशन कार्ड): यह कार्ड सामान्य गरीबी रेखा और निम्न-आय वर्ग के परिवारों को जारी होता है। इसमें परिवार के प्रत्येक यूनिट (प्रति सदस्य) के हिसाब से हर महीने 5 किलोग्राम मुफ्त अनाज प्रदान किया जाता है। उदाहरण के लिए, यदि किसी परिवार के राशन कार्ड में 6 सदस्य दर्ज हैं, तो उन्हें प्रतिमाह 30 किलोग्राम अनाज पूरी तरह मुफ्त मिलेगा।

इस योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदक का भारतीय नागरिक होना और संबंधित राज्य या केंद्र शासित प्रदेश का मूल निवासी होना अनिवार्य है। सरकार द्वारा तय प्राथमिक श्रेणियों में निम्नलिखित वर्ग स्वतः प्राथमिकता के आधार पर पात्र माने जाते हैं:

  • भूमिहीन कृषि मजदूर, सीमांत किसान, ग्रामीण कारीगर और कुम्हार, बुनकर, बढ़ई जैसे पारंपरिक शिल्पकार।

  • शहरी असंगठित क्षेत्र के कामगार जैसे रेहड़ी-पटरी विक्रेता, रिक्शा चालक, घरेलू सहायिका, निर्माण श्रमिक और सफाई कर्मचारी।

  • विधवा महिलाएं, गंभीर बीमारियों से पीड़ित व्यक्ति, दिव्यांगजन और 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के ऐसे वृद्धजन जिनके पास आजीविका का कोई नियमित साधन नहीं है।

  • बेघर परिवार और ऐसे एकल व्यक्ति जो झुग्गी-झोपड़ियों या अस्थायी बस्तियों में निवास करते हैं।

  • अपात्रता के नियम: यदि परिवार का कोई भी सदस्य सरकारी सेवा में कार्यरत है, परिवार आयकर (Income Tax) का भुगतान करता है, या परिवार के पास चार पहिया वाहन अथवा तय सीमा से अधिक सिंचित कृषि भूमि है, तो वह इस योजना के दायरे में नहीं आ सकता।

योजना के तहत नया राशन कार्ड बनवाने या मौजूदा कार्ड में संशोधन कराने के लिए कुछ जरूरी पहचान और पते के दस्तावेज तैयार रखने चाहिए:

  • परिवार के सभी सदस्यों के वैध पहचान पत्र।

  • परिवार की मुखिया (सामान्यतः 18 वर्ष से अधिक आयु की महिला) की हालिया 3 पासपोर्ट साइज रंगीन फोटो।

  • निवास प्रमाण पत्र के रूप में बिजली बिल, पानी का बिल, मतदाता पहचान पत्र, निवास प्रमाण पत्र या बैंक पासबुक।

  • सक्षम राजस्व अधिकारी (तहसीलदार/एसडीएम) द्वारा जारी चालू वित्तीय वर्ष का वैध पारिवारिक आय प्रमाण पत्र।

  • गैस कनेक्शन की उपभोक्ता संख्या (यदि परिवार के पास एलपीजी कनेक्शन उपलब्ध है)।

  • परिवार के सभी सदस्यों का पहचान डेटा और परिवार की मुखिया का सक्रिय बचत बैंक खाता पासबुक।

  • परिवार के मुखिया से जुड़ा हुआ सक्रिय मोबाइल नंबर।

यदि आपका अभी तक राशन कार्ड नहीं बना है, तो आप राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा पोर्टल (NFSA) या अपने संबंधित राज्य के खाद्य एवं रसद विभाग के पोर्टल के माध्यम से घर बैठे ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं:

  1. सबसे पहले केंद्र सरकार के आधिकारिक पोर्टल (nfsa.gov.in) पर जाएं अथवा अपने राज्य के खाद्य विभाग की आधिकारिक वेबसाइट (जैसे उत्तर प्रदेश के लिए fcs.up.gov.in, बिहार के लिए epds.bihar.gov.in आदि) पर जाएं।

  2. होमपेज पर ‘Citizen Corner’ में जाकर ‘Apply for New Ration Card’ या ‘ऑनलाइन राशन कार्ड आवेदन’ के विकल्प पर क्लिक करें।

  3. अपने मोबाइल नंबर के माध्यम से पंजीकरण करें और एसएमएस पर प्राप्त ओटीपी दर्ज करके लॉगिन क्रेडेंशियल बनाएं।

  4. लॉगिन करने के बाद आवेदन पत्र में परिवार की महिला मुखिया का नाम, पिता/पति का नाम, वर्तमान और स्थायी पता, बैंक खाता संख्या दर्ज करें।

  5. इसके बाद ‘Add Family Members’ विकल्प का उपयोग कर परिवार के अन्य सभी सदस्यों का विवरण और जन्मतिथि क्रमवार जोड़ें।

  6. मांगे गए सभी आवश्यक दस्तावेजों (आय प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण और फोटो) की स्पष्ट स्कैन कॉपी अपलोड करें।

  7. भरे गए विवरणों की अंतिम जांच करें और फॉर्म को ‘Final Submit’ करें। सबमिशन के बाद स्क्रीन पर जनरेट होने वाली आवेदन संदर्भ संख्या (Application Number) और पावती पर्ची को प्रिंट या सेव कर लें।

ऑनलाइन सुविधाओं तक पहुंच न होने की स्थिति में नागरिक ऑफलाइन माध्यम से भी आसानी से आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए अपने नजदीकी ग्राम पंचायत कार्यालय, प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) कार्यालय, ब्लॉक आपूर्ति कार्यालय (Supply Office) या नगर पालिका/नगर निगम के नागरिक सुविधा केंद्र (CSC) में जाएं। वहां से निःशुल्क राशन कार्ड आवेदन फॉर्म-क (ग्रामीण) अथवा फॉर्म-ख (शहरी) प्राप्त करें। फॉर्म में परिवार के सभी सदस्यों की जानकारी साफ अक्षरों में भरें और सभी सदस्यों के पहचान दस्तावेजों व आय प्रमाण पत्र की स्व-प्रमाणित प्रतियां संलग्न करें। फॉर्म को संबंधित आपूर्ति निरीक्षक (Supply Inspector) या नामित काउंटर पर जमा करके रसीद प्राप्त कर लें।

आवेदन जमा होने के बाद खाद्य आपूर्ति विभाग के फील्ड अधिकारियों द्वारा स्थलीय भौतिक सत्यापन (Physical Verification) किया जाता है। सत्यापन में सभी विवरण सही पाए जाने पर 15 से 30 कार्य दिवसों के भीतर नया राशन कार्ड जारी कर दिया जाता है। खाद्यान्न वितरण में पूरी पारदर्शिता बनाए रखने और फर्जी यूनिट्स को हटाने के लिए सरकार ने प्रत्येक राशन कार्डधारक के लिए इलेक्ट्रॉनिक पॉइंट ऑफ सेल (e-PoS) मशीन पर बायोमेट्रिक या आइरिस आधारित e-KYC अनिवार्य की है। राशन प्राप्त करते समय कार्डधारक को अपनी नजदीकी उचित मूल्य की दुकान (कोटेदार) पर जाकर ई-पॉस मशीन पर फिंगरप्रिंट या फेस ऑथेंटिकेशन करना होता है, जिसके तुरंत बाद निर्धारित मुफ्त राशन की तौल कर आपूर्ति कर दी जाती है।

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना की सबसे क्रांतिकारी विशेषता ‘वन नेशन वन राशन कार्ड’ प्रणाली है। इस तकनीकी सुविधा के कारण देश के करोड़ों प्रवासी मजदूरों, दिहाड़ी कामगारों और रोजी-रोटी के सिलसिले में दूसरे शहरों में रहने वाले लोगों को अपने गृह राज्य जाने की आवश्यकता नहीं होती। आपका राशन कार्ड चाहे किसी भी गांव या शहर का बना हो, आप भारत के किसी भी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश में स्थित किसी भी सरकारी राशन दुकान पर जाकर बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के जरिए अपने हिस्से का मुफ्त राशन निर्बाध रूप से प्राप्त कर सकते हैं।