Periods Exercise: क्या पीरियड्स के दौरान एक्सरसाइज करनी चाहिए? आज ही दूर करें अपना कंफ्यूजन, एक्सपर्ट से जानें सही नियम और 4 बेस्ट वर्कआउट!

लखनऊ। मासिक धर्म यानी पीरियड्स (Periods) हर महिला के जीवन का एक अनिवार्य और प्राकृतिक हिस्सा है। इन दिनों महिलाओं को पेट में तेज ऐंठन (Cramps), पीठ दर्द, भारी थकान, मूड स्विंग्स और चिड़चिड़ेपन जैसी शारीरिक व मानसिक समस्याओं से गुजरना पड़ता है। ऐसे नाज़ुक समय में अक्सर महिलाओं के मन में एक बड़ा असमंजस और सवाल हमेशा बना रहता है—क्या पीरियड्स के दिनों में एक्सरसाइज (Workout) करना सुरक्षित है? या इस दौरान पूरी तरह आराम करना चाहिए?

टीवी9 हिंदी की एक विशेष लाइफस्टाइल और हेल्थ रिपोर्ट के मुताबिक, फिटनेस और स्त्री रोग विशेषज्ञों (Gynecologists) ने इस पुराने मिथक को पूरी तरह खारिज कर दिया है कि पीरियड्स में वर्कआउट नहीं करना चाहिए। एक्सपर्ट्स का स्पष्ट मानना है कि यदि आपकी तबीयत बहुत ज्यादा खराब नहीं है, तो इन दिनों में हल्का व्यायाम करना न सिर्फ सुरक्षित है, बल्कि यह पीरियड्स के दर्द और मानसिक तनाव को दूर करने की एक बेहतरीन प्राकृतिक औषधि भी साबित हो सकता है।

पीरियड्स में एक्सरसाइज करने के 3 बेमिसाल फायदे:

  • 1. पीरियड्स क्रैम्प्स और ऐंठन से राहत: जब हम कोई भी हल्की फिजिकल एक्टिविटी या एक्सरसाइज करते हैं, तो शरीर में ‘एंडोर्फिन’ (Endorphins) नामक हार्मोन का स्राव होता है। इसे ‘फील-गुड’ हार्मोन भी कहा जाता है, जो एक नेचुरल पेनकिलर (Painkiller) की तरह काम करता है और पेट व कमर की मांसपेशियों की ऐंठन को तेजी से कम करता है।

  • 2. मूड स्विंग्स और चिड़चिड़ेपन का नाश: इन दिनों शरीर में होने वाले हार्मोनल उतार-चढ़ाव के कारण मूड खराब होना बेहद आम है। हल्का वर्कआउट करने से मस्तिष्क में ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है, जिससे तनाव कम होता है और मानसिक ताजगी महसूस होती है।

  • 3. भारीपन और सुस्ती से मुक्ति: कई महिलाएं पीरियड्स के दौरान दिनभर बिस्तर पर लेटी रहती हैं, जिससे शरीर में सुस्ती और भारीपन और ज्यादा बढ़ जाता है। थोड़ा सा टहलने या स्ट्रेचिंग करने से शरीर ऊर्जान्वित (Energized) महसूस करता है।

एक्सपर्ट गाइडेंस: इन दिनों के लिए 4 सबसे सुरक्षित और बेस्ट वर्कआउट:

  • 1. धीमी गति से टहलना (Light Walking): यह पीरियड्स के दिनों के लिए सबसे आसान और सुरक्षित व्यायाम है। खुली हवा में 15 से 20 मिनट के लिए सामान्य गति से टहलने से फेफड़ों को पर्याप्त ऑक्सीजन मिलती है और पेल्विक एरिया का ब्लड फ्लो बेहतर होता है।

  • 2. हल्की स्ट्रेचिंग (Gentle Stretching): मांसपेशियों के कड़ेपन और पीठ दर्द को दूर करने के लिए हल्की फुलकी स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज बेहद असरदार होती हैं। यह शरीर के निचले हिस्से के तनाव को कम करती हैं।

  • 3. योग और प्राणायाम (Yoga): पीरियड्स के दर्द को शांत करने के लिए भुजंगासन, शशांकासन या वज्रासन जैसे सरल योग आसन किए जा सकते हैं। साथ ही गहरी सांस लेने वाले प्राणायाम (ब्रीदिंग एक्सरसाइज) करने से दिमाग को तुरंत शांति मिलती है।

  • 4. लाइट कार्डियो (Low-Volume Cardio): यदि आपका शरीर इजाजत दे, तो आप बहुत ही हल्की साइकिलिंग या कम इंटेंसिटी वाला कार्डियो वर्कआउट भी कर सकती हैं।

भूलकर भी न करें ये गलतियां, इन वर्कआउट्स से बनाएं पूरी दूरी:

विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि पीरियड्स में एक्सरसाइज करते समय अपने शरीर की आवाज सुनना (Listen to your body) सबसे जरूरी है। इन दिनों नीचे दिए गए अभ्यासों से पूरी तरह परहेज करना चाहिए:

  • भारी वजन उठाना (Heavy Weight Lifting): जिम में जाकर भारी डंबल्स उठाना या अत्यधिक इंटेंसिटी वाला वेट वर्कआउट करने से बचें, क्योंकि इससे पेट के निचले हिस्से पर दबाव बढ़ता है और ब्लीडिंग तेज हो सकती है।

  • उल्टे होने वाले आसन (Inversions): योग के दौरान शीर्षासन, सर्वांगासन या कोई भी ऐसा आसन न करें जिसमें पैर ऊपर और सिर नीचे हो। वास्तु और मेडिकल दोनों ही नजरिए से इसे इन दिनों में सही नहीं माना जाता।

  • अत्यधिक थकान होने पर जबरदस्ती: यदि आपको पेट में असहनीय दर्द है, बहुत ज्यादा फ्लो (Heavy Bleeding) हो रहा है या चक्कर आ रहे हैं, तो वर्कआउट को तुरंत रोक दें और केवल आराम करें।