ईरान-अमेरिका के बीच फंसा शांति का पेंच, क्या पाकिस्तान खेल रहा है डबल गेम?

वॉशिंगटन/इस्लामाबाद: ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव को कम करने के लिए चल रही सीजफायर वार्ता अब एक नए विवाद के भंवर में फंस गई है। इस पूरी बातचीत में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे पाकिस्तान पर अब अमेरिका के भीतर से ही गंभीर सवाल उठने लगे हैं। रिपब्लिकन सीनेटर और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के करीबी सहयोगी लिंडसे ग्राहम ने पाकिस्तान की नीयत पर कड़ा अविश्वास जताते हुए सनसनीखेज आरोप लगाए हैं।

ईरानी सैन्य विमानों को पनाह दे रहा है पाकिस्तान?

विवाद की जड़ में वह मीडिया रिपोर्ट्स हैं जिनमें दावा किया गया है कि पाकिस्तान ने अपनी सरजमीं का इस्तेमाल ईरानी सैन्य संपत्तियों को अमेरिकी हमलों से बचाने के लिए करने दिया है। सीनेट एप्रोप्रिएशंस कमेटी की सुनवाई के दौरान लिंडसे ग्राहम ने कड़े तेवर अपनाते हुए पूछा कि क्या यह सच है कि पाकिस्तान के ‘नूर खान एयर फोर्स बेस’ पर ईरानी विमानों को छिपाया गया है? ग्राहम ने साफ लहजे में कहा कि यदि पाकिस्तान दुश्मन देश की सैन्य संपत्तियों को सुरक्षा दे रहा है, तो वह एक निष्पक्ष मध्यस्थ कैसे हो सकता है।

‘मुझे पाकिस्तान पर रत्ती भर भी भरोसा नहीं’

सुनवाई के दौरान जब अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ और जनरल डैन केन ने इस मुद्दे पर सधी हुई प्रतिक्रिया दी, तो सीनेटर ग्राहम का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। उन्होंने दोटूक कहा, “मुझे पाकिस्तान पर रत्ती भर भी भरोसा नहीं है। अगर पाकिस्तान ईरानी विमानों को अपने ठिकानों पर पार्क करने की इजाजत दे रहा है, तो हमें तुरंत किसी नए मध्यस्थ की तलाश करनी चाहिए।” ग्राहम ने यहां तक कह दिया कि शांति वार्ता में हो रही देरी का मुख्य कारण पाकिस्तान का दोहरा रवैया ही है।

डोनाल्ड ट्रंप ने ढाल बनकर किया बचाव

एक तरफ जहां अमेरिकी सीनेटर पाकिस्तान को कटघरे में खड़ा कर रहे हैं, वहीं राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान का खुलकर समर्थन किया है। चीन दौरे पर रवाना होने से पहले ट्रंप ने व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा, “पाकिस्तानी बेहतरीन काम कर रहे हैं। वहां के प्रधानमंत्री और फील्ड मार्शल ने शानदार प्रदर्शन किया है।” ट्रंप ने स्पष्ट कर दिया कि फिलहाल अमेरिका किसी अन्य मध्यस्थ की तलाश नहीं कर रहा है और उन्हें पाकिस्तान की भूमिका पर पूरा भरोसा है।

पाकिस्तान की सफाई: दावों को बताया ‘सनसनीखेज’

इन आरोपों पर पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। इस्लामाबाद ने इन दावों को पूरी तरह से भ्रामक और निराधार करार दिया है। पाकिस्तान का कहना है कि जो विमान वहां पहुंचे थे, वे सीजफायर की प्रक्रिया के तहत शुरुआती बातचीत का हिस्सा थे। पाकिस्तान ने इसे अपनी छवि खराब करने की कोशिश बताया है।

लाइफ सपोर्ट पर सीजफायर: ट्रंप ने ईरान का प्रस्ताव ठुकराया

इस बीच अमेरिका-ईरान शांति वार्ता की स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है। राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान द्वारा भेजे गए ताजा शांति प्रस्ताव को ‘कचरा’ (Piece of Garbage) बताते हुए सिरे से खारिज कर दिया है। ट्रंप का मानना है कि ईरान का प्रस्ताव बेहद कमजोर है और अमेरिका के हितों के खिलाफ है। ट्रंप के इस रुख के बाद विशेषज्ञों का मानना है कि सीजफायर की कोशिशें अब ‘लाइफ सपोर्ट’ पर हैं, जबकि ईरान ने भी चेतावनी दी है कि वह किसी भी अमेरिकी हमले का मुंहतोड़ जवाब देने को तैयार है।