PDS System: राशन कार्ड धारकों के लिए खुशखबरी केंद्र सरकार ने सार्थक-PDS योजना को दी मंजूरी

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने देश की सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को पूरी तरह से डिजिटल और पारदर्शी बनाने के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में नई ‘सार्थक-PDS’ (Sarthak-PDS) योजना को आधिकारिक मंजूरी दे दी गई है। सरकार का यह कदम देश के करोड़ों राशन कार्ड लाभार्थियों के लिए बेहद मददगार साबित होने वाला है, जिससे न केवल खाद्यान्न की बर्बादी रुकेगी बल्कि सही समय पर सही व्यक्ति तक राशन पहुंचाना भी सुनिश्चित किया जा सकेगा।

अगले 5 सालों के लिए ₹25,530 करोड़ का भारी-भरकम बजट

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट फैसलों की जानकारी देते हुए प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि सरकार ने इस महत्वकांक्षी योजना को सुचारू रूप से लागू करने के लिए अगले पांच वर्षों के लिए 25,530 करोड़ रुपए का भारी-भरकम बजट आवंटित किया है। इस विशाल बजट का मुख्य उद्देश्य देश भर में लाभार्थियों को बांटे जाने वाले सरकारी खाद्यान्न की आवाजाही को सुव्यवस्थित करना और उचित मूल्य की दुकानों (राशन दुकानों) के बुनियादी ढांचे को मजबूत और आधुनिक बनाना है।

एआई सिस्टम ‘निर्मल’ करेगा रियल टाइम मॉनिटरिंग

इस नई योजना की सबसे बड़ी खासियत इसमें अत्याधुनिक तकनीक का समावेश है। केंद्रीय मंत्री के मुताबिक, पूरे वितरण सिस्टम की चौबीसों घंटे लाइव ट्रैकिंग और रियल टाइम मॉनिटरिंग के लिए एक विशेष आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सिस्टम तैयार किया गया है, जिसे ‘निर्मल’ (NIRMAL) नाम दिया गया है। इसके लिए बजट में अलग से विशेष प्रावधान किया गया है। यह एआई सिस्टम गोदामों से लेकर राशन की दुकानों तक अनाज के परिवहन पर पैनी नजर रखेगा, जिससे कालाबाजारी और घटतौली जैसी समस्याओं पर पूरी तरह से लगाम लगाई जा सकेगी।

उचित दर की दुकानों की बदलेगी सूरत, लाभार्थियों को होगा सीधा फायदा

‘सार्थक-PDS’ योजना के लागू होने से राशन वितरण प्रणाली में लगे सरकारी तंत्र और कोटेदारों की कार्यशैली में बड़ा बदलाव आएगा। नई व्यवस्था के तहत उचित रेट की दुकानों को डिजिटल उपकरणों से लैस किया जाएगा, जिससे खाद्यान्न वितरण में आने वाली तकनीकी दिक्कतें दूर होंगी। सरकार का सीधा फोकस इस बात पर है कि गरीब और जरूरतमंद परिवारों को अपने हिस्से का अनाज लेने के लिए न तो लंबी कतारों में खड़ा होना पड़े और न ही किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार की गुंजाइश बचे।

मेटा डिस्क्रिप्शन (Meta Description):

केंद्र सरकार ने राशन वितरण प्रणाली को पारदर्शी बनाने के लिए ‘सार्थक-PDS’ योजना को मंजूरी दी है। ₹25,530 करोड़ के बजट और AI सिस्टम ‘निर्मल’ के साथ अब राशन की हेराफेरी पर लगेगी पूरी रोक। जानें लाभार्थियों को कैसे मिलेगा इसका सीधा फायदा।