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Panchang : 20 अप्रैल को विनायक चतुर्थी का शुभ संयोग, जानें शुभ मुहूर्त, राहुकाल और बप्पा की पूजा का सटीक समय

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News India Live, Digital Desk: वैशाख मास की शुरुआत के साथ ही धार्मिक उत्सवों का सिलसिला भी तेज हो गया है। आज यानी 20 अप्रैल 2026 को वैशाख शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि है, जिसे ‘विनायक चतुर्थी’ के रूप में श्रद्धाभाव के साथ मनाया जा रहा है। शास्त्रों के अनुसार, इस दिन भगवान गणेश की आराधना करने से जीवन के सभी विघ्न दूर होते हैं और सुख-समृद्धि का वास होता है। यदि आप आज कोई शुभ कार्य करने की योजना बना रहे हैं, तो उससे पहले आज के पंचांग और ग्रहों की स्थिति पर नजर जरूर डाल लें।

विनायक चतुर्थी का महत्व और पूजन विधि

विनायक चतुर्थी का दिन भगवान गणेश के सिद्धिविनायक स्वरूप को समर्पित है। आज के दिन भक्त व्रत रखते हैं और दोपहर के समय गणेश जी की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। मान्यता है कि जो व्यक्ति आज के दिन सच्चे मन से बप्पा की सेवा करता है, उसे कार्यों में सिद्धि और मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है। पूजा के दौरान ‘ओम गं गणपतये नमः’ मंत्र का जाप और दूर्वा अर्पित करना विशेष फलदायी माना गया है।

आज के शुभ मुहूर्त (Auspicious Timings)

किसी भी मांगलिक कार्य की शुरुआत के लिए शुभ मुहूर्त का ज्ञान होना अनिवार्य है। आज के दिन के प्रमुख मुहूर्त कुछ इस प्रकार हैं:

ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:22 से 05:06 तक।

अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11:54 से 12:46 तक (यह समय शुभ कार्यों के लिए सर्वश्रेष्ठ है)।

अमृत काल: शाम 05:40 से 07:12 तक।

विजय मुहूर्त: दोपहर 02:30 से 03:22 तक।

राहुकाल और अशुभ समय: भूलकर भी न करें ये काम

ज्योतिष शास्त्र में राहुकाल को अशुभ माना जाता है, इस दौरान शुरू किए गए कार्यों में बाधा आने की संभावना रहती है।

राहुकाल: सुबह 07:27 से 09:04 तक।

गुलिक काल: दोपहर 01:56 से 03:33 तक।

यमगण्ड: सुबह 10:41 से दोपहर 12:19 तक।

ध्यान रहे कि राहुकाल के दौरान किसी भी नए व्यापार या महत्वपूर्ण डील की शुरुआत करने से बचना चाहिए।

नक्षत्र और योग की स्थिति

आज ‘रोहिणी’ नक्षत्र रहेगा, जो कि ज्योतिष में बहुत शुभ और रचनात्मक माना जाता है। वहीं योग की बात करें तो आज ‘सौभाग्य’ योग का निर्माण हो रहा है, जो नाम के अनुरूप ही सौभाग्य और सफलता देने वाला है। आज चंद्रमा वृषभ राशि में विराजमान रहेंगे, जो मानसिक शांति और स्थिरता का प्रतीक है। सूर्य देव मेष राशि में रहकर अपनी उच्च स्थिति का प्रभाव दिखाएंगे।

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