Panchang 17 August 2026: नागपंचमी पर पूजा के लिए कौन सा समय है सबसे उत्तम? जानें आज का राहुकाल, शुभ मुहूर्त और पंचांग

वैदिक पंचांग के अनुसार आज 17 अगस्त 2026, दिन सोमवार है। सावन (श्रावण) मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि होने के कारण आज का दिन अत्यंत पावन और फलदायी माना गया है। आज पूरे देश में नागपंचमी का महापर्व बड़े हर्षोल्लास और भक्तिभाव के साथ मनाया जा रहा है। सोमवार का दिन और सावन का पवित्र महीना होने से भगवान शिव और नाग देवता की पूजा का यह संयोग विशेष फलदायी बन गया है। किसी भी मांगलिक या धार्मिक अनुष्ठान को करने से पहले शुभ मुहूर्त, चौघड़िया और राहुकाल का समय जानना बेहद जरूरी होता है ताकि कार्यों में किसी प्रकार का विघ्न न आए।

आज का सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्रोदय समय

  • सूर्योदय: प्रातः 05:51 AM

  • सूर्यास्त: सायं 06:58 PM

  • चंद्रोदय: प्रातः 09:42 AM

  • चंद्रास्त: रात्रि 09:58 PM

  • सूर्य राशि: सिंह राशि में प्रवेश (सिंह संक्रांति काल)

  • चंद्र राशि: कन्या राशि

तिथि, नक्षत्र और शुभ योग का विवरण

  • संवत: विक्रम संवत 2083 (कालयुक्त), शक संवत 1948

  • माह: श्रावण (सावन), शुक्ल पक्ष

  • तिथि: पंचमी तिथि (सायं 05:34 PM तक, तत्पश्चात षष्ठी तिथि आरंभ)

  • नक्षत्र: हस्त नक्षत्र (दोपहर 01:28 PM तक, इसके बाद चित्रा नक्षत्र)

  • योग: साध्य योग (रात्रि 08:15 PM तक, उपरांत शुभ योग)

  • करण: बव करण (प्रातः 06:12 AM तक), इसके बाद बालव और कौलव करण

  • वार: सोमवार (सोमवारी सावन नागपंचमी का दुर्लभ संयोग)

नागपंचमी 2026: पूजा का सबसे श्रेष्ठ शुभ मुहूर्त

नागपंचमी के दिन नाग देवता की पूजा, रुद्राभिषेक और कालसर्प दोष निवारण की पूजा के लिए प्रातः काल का समय सर्वोत्तम माना गया है। आज पंचमी तिथि सायं 05:34 PM तक प्रभावी रहेगी, इसलिए पूजा इसी समय सीमा के भीतर संपन्न कर लेनी चाहिए।

  • अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11:59 AM से दोपहर 12:51 PM तक (सर्वश्रेष्ठ एवं सर्वकार्य सिद्धि मुहूर्त)

  • अमृत काल: प्रातः 07:15 AM से प्रातः 08:48 AM तक

  • विजय मुहूर्त: दोपहर 02:36 PM से दोपहर 03:28 PM तक

  • गोधूलि मुहूर्त: सायं 06:58 PM से सायं 07:20 PM तक

  • निशिता मुहूर्त (अर्धरात्रि): रात 12:03 AM से रात 12:47 AM (18 अगस्त) तक

राहुकाल और आज के अशुभ मुहूर्त

शास्त्रों में राहुकाल को किसी भी नए, मांगलिक या विशेष अनुष्ठान के लिए वर्जित माना गया है। इस समय पूजा की शुरुआत करने या यात्रा पर निकलने से बचना चाहिए।

  • राहुकाल (Rahu Kaal): प्रातः 07:29 AM से प्रातः 09:08 AM तक (इस दौरान कोई नया कार्य शुरू न करें)

  • यमगण्ड: प्रातः 10:46 AM से दोपहर 12:24 PM तक

  • गुलिक काल: दोपहर 02:03 PM से दोपहर 03:41 PM तक

  • दुर्मुहूर्त: दोपहर 12:51 PM से 01:43 PM तक एवं दोपहर 03:28 PM से 04:20 PM तक

  • वर्ज्यम्: रात्रि 10:14 PM से 11:46 PM तक

आज का शुभ दिन का चौघड़िया मुहूर्त

  • अमृत (सर्वोत्तम): प्रातः 05:51 AM से 07:29 AM तक

  • काल (अशुभ): प्रातः 07:29 AM से 09:08 AM तक

  • शुभ (उत्तम): प्रातः 09:08 AM से 10:46 AM तक

  • रोग (अशुभ): प्रातः 10:46 AM से दोपहर 12:24 PM तक

  • उद्वेग (अशुभ): दोपहर 12:24 PM से 02:03 PM तक

  • चर (सामान्य): दोपहर 02:03 PM से 03:41 PM तक

  • लाभ (उन्नति): दोपहर 03:41 PM से सायं 05:20 PM तक

  • अमृत (सर्वोत्तम): सायं 05:20 PM से 06:58 PM तक

दिशाशूल और विशेष सलाह

आज सोमवार के दिन पूर्व दिशा में दिशाशूल रहता है। यदि पूर्व दिशा की ओर लंबी यात्रा करनी अत्यंत आवश्यक हो, तो घर से निकलने से पहले दर्पण देखकर या थोड़ा सा मीठा दही/दूध ग्रहण करके यात्रा आरंभ करें। नागपंचमी के दिन धरती की जुताई या खुदाई करने से बचें और नाग प्रतिमा पर गाय का कच्चा दूध, दूर्वा, रोली, चावल व फूल अर्पित कर ॐ नमः शिवाय व नाग गायत्री मंत्र का जाप करें।