Nuclear War: एक ग्राम यूरेनियम भी नहीं देंगे, ट्रंप के दावे पर ईरान का पलटवार परमाणु जंग की आहट से कांपा मध्य-पूर्व

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News India Live, Digital Desk: अमेरिका और ईरान के बीच जुबानी जंग अब एक बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुँच गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर किए गए बड़े दावे को तेहरान ने सिरे से खारिज कर दिया है। ईरान ने दो टूक लहजे में दुनिया को बता दिया है कि उसका ‘यूरेनियम’ कहीं नहीं जा रहा है और वह अपनी परमाणु क्षमताओं से रत्ती भर भी समझौता नहीं करेगा। ईरान के इस कड़े रुख ने न केवल वॉशिंगटन बल्कि पूरे पश्चिमी जगत में खलबली मचा दी है।

ट्रंप के दावे पर ईरान का करारा जवाब

हाल ही में डोनाल्ड ट्रंप ने एक बयान में संकेत दिया था कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को रोकने और यूरेनियम के भंडार को कम करने के लिए दबाव में है। हालांकि, ईरान के परमाणु ऊर्जा संगठन और विदेश मंत्रालय ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ट्रंप का दावा केवल एक ‘मनगढ़ंत कहानी’ है। ईरानी अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि उनके देश का परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह से उनके नियंत्रण में है और वे किसी भी बाहरी ताकत के आगे घुटने नहीं टेकेंगे।

‘हमारा यूरेनियम हमारी संपत्ति’, तेहरान का रुख साफ

ईरानी नेतृत्व ने अंतरराष्ट्रीय मीडिया से बात करते हुए कहा कि ईरान ने यूरेनियम संवर्धन (Uranium Enrichment) की प्रक्रिया को कम नहीं किया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि “हमारा यूरेनियम कहीं नहीं जा रहा है।” विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान का यह बयान सीधे तौर पर अमेरिका को यह चुनौती है कि वह प्रतिबंधों या धमकियों के जरिए ईरान की तकनीक को छीन नहीं सकता। ईरान ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि उनके परमाणु ठिकानों पर हमला हुआ, तो इसका अंजाम पूरी दुनिया के लिए विनाशकारी होगा।

क्या फिर टूटेगा परमाणु समझौता?

ट्रंप प्रशासन के सत्ता में आने के बाद से ही 2015 के परमाणु समझौते (JCPOA) को लेकर संशय बना हुआ है। ईरान का कहना है कि उसने हमेशा नियमों का पालन किया, लेकिन अमेरिका ने ही विश्वासघात किया। अब जिस तरह से दोनों देश आमने-सामने हैं, उससे साफ है कि आने वाले दिनों में कूटनीतिक बातचीत के रास्ते लगभग बंद हो सकते हैं। ईरान ने साफ कर दिया है कि वह अपनी सुरक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार है।

इजरायल और अमेरिका की बढ़ी टेंशन

ईरान के इस अड़ियल रुख के बाद इजरायल और अमेरिका की खुफिया एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं। इजरायल लंबे समय से दावा करता रहा है कि ईरान परमाणु बम बनाने के बेहद करीब है। अब ईरान द्वारा यूरेनियम भंडार को कम करने से इनकार करने के बाद, क्षेत्र में सैन्य कार्रवाई की आशंकाएं प्रबल हो गई हैं। मध्य-पूर्व के आसमान पर युद्ध के काले बादल और गहरे हो गए हैं, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति और शांति पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है।

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