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NTA AI Helpline: अब परीक्षा से जुड़े हर सवाल का जवाब देगा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्षेत्रीय भाषाओं में 24×7 मिलेगी रियल-टाइम मदद

देश भर में जेईई (JEE Main), नीट (NEET UG), सीयूईटी (CUET) और यूजीसी नेट (UGC NET) जैसी प्रमुख और संवेदनशील प्रतियोगी परीक्षाओं का आयोजन कराने वाली राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (National Testing Agency – NTA) ने छात्र सहायता प्रणाली में बड़ा तकनीकी बदलाव किया है। परीक्षा चक्र के दौरान अक्सर हेल्पलाइन नंबरों के व्यस्त रहने, ईमेल का देर से जवाब मिलने या कॉल ड्रॉप की समस्याओं से छात्रों और अभिभावकों को जूझना पड़ता था। इस चुनौती को दूर करने के लिए एनटीए ने अपनी आधिकारिक हेल्पलाइन और छात्र समाधान तंत्र को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और आधुनिक नेचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग (NLP) तकनीक से लैस करने का फैसला किया है। इस नई एआई-संचालित हेल्पलाइन के जरिए लाखों अभ्यर्थियों को आवेदन पत्र, परीक्षा केंद्र, एडमिट कार्ड और परिणाम से जुड़े सवालों के तुरंत और सटीक जवाब मिल सकेंगे।

इस एआई असिस्टेंट का सबसे बड़ा फायदा भाषा की बाधा को समाप्त करना है। भारत जैसे विविधतापूर्ण देश में गैर-हिंदी और गैर-अंग्रेजी भाषी राज्यों के छात्रों को अक्सर औपचारिक अंग्रेजी शब्दावली में अपनी समस्या दर्ज कराने में असुविधा होती थी। एनटीए की इस नई एआई प्रणाली को संविधान की 8वीं अनुसूची में शामिल प्रमुख भारतीय भाषाओं—जैसे हिंदी, अंग्रेजी, तमिल, तेलुगु, बंगाली, मराठी, गुजराती, कन्नड़, मलयालम, उड़िया और पंजाबी—के बड़े भाषा मॉडल (LLM) पर प्रशिक्षित किया गया है। छात्र अपनी मातृभाषा में लिखकर या वॉयस कमांड (Voice Query) के जरिए सवाल पूछ सकेंगे और एआई बॉट उसी भाषा में सरल व स्पष्ट शब्दों में समाधान प्रस्तुत करेगा।

आमतौर पर परीक्षा आवेदन की अंतिम तिथि के नजदीक आते ही एनटीए के पारंपरिक कॉल सेंटर पर एक दिन में लाखों कॉल्स आती हैं, जिससे सर्वर और फोन लाइनें जाम हो जाती हैं। नया एआई सिस्टम एक साथ लाखों अभ्यर्थियों की समस्याओं को प्रोसेस करने में सक्षम है। यह चैटबॉट निम्नलिखित श्रेणियों में तत्काल सहायता प्रदान करेगा:

  1. आवेदन पत्र और दस्तावेज़ अपलोड: फोटो, हस्ताक्षर या श्रेणी प्रमाणपत्र (OBC-NCL, EWS, SC/ST) के साइज, फॉर्मेट और वैधता से जुड़े सामान्य भ्रमों का निवारण।

  2. फीस भुगतान और ट्रांजैक्शन स्टेटस: बैंक खाते से पैसे कटने के बाद भी पोर्टल पर ‘Payment Pending’ दिखने की स्थिति में ट्रांजैक्शन आईडी ट्रैक कर तुरंत स्थिति स्पष्ट करना।

  3. एडमिट कार्ड और एग्जाम सिटी स्लिप: परीक्षा केंद्र का शहर, रिपोर्टिंग समय, ड्रेस कोड और परीक्षा हॉल में प्रतिबंधित वस्तुओं से संबंधित सभी नियमों की बिंदुवार जानकारी।

  4. सुधार विंडो (Correction Window): आवेदन में हुई गलतियों को ठीक करने के लिए उपलब्ध विकल्पों और पात्रता नियमों का मार्गदर्शन।

एनटीए ने स्पष्ट किया है कि यह प्रणाली पूरी तरह से केवल मशीनी स्तर पर सीमित नहीं रहेगी। इसके लिए ‘ह्यूमन-इन-द-लूप’ मॉडल तैयार किया गया है। यदि किसी छात्र का मामला अत्यंत जटिल, विधिक या नीतिगत प्रकृति का है, जिसे एआई अपने डेटाबेस के आधार पर हल करने में असमर्थ पाता है, तो बातचीत को तुरंत बिना किसी रुकावट के एनटीए के वरिष्ठ मानव कार्यकारी (Human Grievance Officer) के पास टिकट नंबर के साथ एस्केलेट (फॉरवर्ड) कर दिया जाएगा। छात्र को एक यूनिक ट्रैकिंग आईडी दी जाएगी, जिससे वह अपनी शिकायत की स्थिति को लाइव ट्रैक कर सकेगा।

परीक्षाओं के समय सोशल मीडिया पर पेपर लीक, परीक्षा टलने या परीक्षा तिथि में बदलाव जैसी अनगिनत फर्जी खबरें और भ्रामक नोटिस वायरल होने लगते हैं। कई बार ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों के छात्र इन अफवाहों के झांसे में आकर मानसिक तनाव का शिकार हो जाते हैं। एआई हेल्पलाइन केवल एनटीए के आधिकारिक और सत्यापित डेटाबेस से जानकारी खींचकर जवाब देगी। यदि कोई छात्र किसी वायरल दावे के बारे में चैटबॉट से पूछेगा, तो एआई तुरंत आधिकारिक स्थिति की पुष्टि कर देगा, जिससे अफवाहों के प्रसार पर सीधे रोक लगेगी।

इस सेवा का लाभ उठाने के लिए छात्रों को किसी अलग ऐप को डाउनलोड करने की जरूरत नहीं होगी:

  • आधिकारिक वेबसाइट्स पर इंटिग्रेशन: एनटीए की मुख्य वेबसाइट (nta.ac.in) के साथ-साथ जेईई, नीट और सीयूईटी के अलग-अलग परीक्षा पोर्टल्स पर एक इंटरएक्टिव एआई विजेट (Floating Chat Widget) उपलब्ध रहेगा।

  • व्हाट्सएप और आईवीआर इंटीग्रेशन: भविष्य के चरण में इसे एक आधिकारिक व्हाट्सएप बिजनेस नंबर और एआई-इनेबल्ड आईवीआर (IVR) फोन लाइन से भी जोड़ा जाएगा, ताकि बेसिक फीचर फोन या धीमी इंटरनेट कनेक्टिविटी वाले छात्र भी कॉल करके वॉयस-आधारित एआई से बात कर सकें।

एनटीए का यह तकनीकी उन्नयन न केवल परीक्षा प्रबंधन में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ाएगा, बल्कि लाखों छात्रों और उनके अभिभावकों के लिए तनाव-मुक्त परीक्षा अनुभव सुनिश्चित करने की दिशा में एक अहम कदम साबित होगा।