
भारतीय शेयर बाजार के इतिहास के सबसे बड़े और बहुप्रतीक्षित पब्लिक इश्यू यानी नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के आईपीओ (Initial Public Offering) को लेकर उत्साह चरम पर है। मुंबई में आयोजित फिक्की (FICCI) के 23वें कैपिटल मार्केट्स सम्मेलन में एनएसई के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी (MD & CEO) आशीष कुमार चौहान ने सार्वजनिक रूप से बाजार नियामक सेबी (SEBI) का आभार व्यक्त करते हुए इस मेगा आईपीओ की प्रगति पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बाजार नियामक सेबी से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) मिलने के बाद एक्सचेंज ने अपनी ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाया है और वर्षों से लंबित सभी विनियामक बाधाएं अब सुलझ चुकी हैं।
सेबी प्रमुख का जताया आभार, व्यावहारिक दृष्टिकोण की सराहना
सम्मेलन को संबोधित करते हुए आशीष कुमार चौहान ने कहा कि बाजार नियामक के व्यावहारिक और सकारात्मक रुख के कारण ही एनएसई के आईपीओ का रास्ता पूरी तरह साफ हो पाया है। उन्होंने कहा कि सेबी द्वारा हरी झंडी दिए जाने के बाद एनएसई ने सेबी के पास अपने ड्राफ्ट पेपर्स दाखिल किए हैं। एक्सचेंज ने इस विशाल पब्लिक इश्यू के प्रबंधन और संचालन के लिए कोटक महिंद्रा कैपिटल, जेएम फाइनेंशियल, मॉर्गन स्टेनली, एचएसबीसी और सिटीग्रुप सहित 20 प्रमुख घरेलू और अंतरराष्ट्रीय मर्चेंट बैंकर्स को नियुक्त किया है।
पूरी तरह ऑफर फॉर सेल (OFS) होगा यह मेगा आईपीओ
नियामकीय ड्राफ्ट के अनुसार, एनएसई का आईपीओ पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (Offer for Sale – OFS) होगा। इसका मतलब यह है कि एक्सचेंज कोई नया इक्विटी शेयर जारी करके नई पूंजी नहीं जुटाएगा, बल्कि इसके मौजूदा शेयरधारक (जिनमें प्रमुख बैंक, वित्तीय संस्थान, बीमा कंपनियां और विदेशी निवेशक शामिल हैं) अपनी हिस्सेदारी बेचेंगे। चूंकि एनएसई में कोई एकल नियंत्रक प्रमोटर (Identifiable Promoter) नहीं है, इसलिए सेबी के नियमों के तहत लोअर पब्लिक फ्लोट के साथ लिस्टिंग की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। अंतिम मूल्यांकन (Valuation) और इश्यू साइज का निर्धारण मर्चेंट बैंकर्स द्वारा रोडशो और बाजार की परिस्थितियों के आधार पर किया जाएगा।
घरेलू पूंजी बनी भारतीय शेयर बाजार की सबसे बड़ी ढाल
आशीष चौहान ने भारतीय पूंजी बाजार में आ रहे ऐतिहासिक संरचनात्मक बदलाव पर प्रकाश डालते हुए बताया कि विदेशी संस्थागत निवेशकों (FPIs) की बिकवाली के बावजूद घरेलू पूंजी ने बाजार को अभूतपूर्व गहराई और स्थिरता प्रदान की है। घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) और खुदरा निवेशकों की मासिक एसआईपी (SIP) ने रिकॉर्ड इनफ्लो दर्ज किया है, जो किसी भी वैश्विक झटके या विदेशी पूंजी की निकासी को झेलने में पूरी तरह सक्षम साबित हुआ है।
महानगरों से लेकर टियर-2 और टियर-3 शहरों में एनएसई आईपीओ का भारी क्रेज
ट्रेडिंग वॉल्यूम के लिहाज से दुनिया के सबसे बड़े डेरिवेटिव एक्सचेंज एनएसई की लिस्टिंग को लेकर देश भर के निवेशकों में भारी उत्साह है। दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और कोलकाता जैसे वित्तीय केंद्रों के अलावा उत्तर प्रदेश के लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, राजस्थान के जयपुर, मध्य प्रदेश के इंदौर और गुजरात के अहमदाबाद व सूरत जैसे टियर-2 और टियर-3 शहरों के खुदरा निवेशकों के बीच अनलिस्टेड मार्केट (Unlisted Shares) से लेकर आगामी पब्लिक इश्यू में भागीदारी को लेकर अभूतपूर्व दिलचस्पी देखी जा रही है।
लिस्टिंग टाइमलाइन और आगे का रोडमैप
रेगुलेटरी मंजूरियां मिलने के बाद अब मर्चेंट बैंकर्स और एक्सचेंज प्रबंधन रोडशोज और वैल्यूएशन असेसमेंट की प्रक्रिया में जुटे हैं। सभी आवश्यक वैधानिक प्रक्रियाओं और अंतिम मंजूरी के बाद यह ऐतिहासिक इश्यू बाजार में सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा, जो न केवल भारतीय प्राथमिक बाजार (Primary Market) के लिए एक नया मील का पत्थर साबित होगा, बल्कि खुदरा निवेशकों को देश के सबसे बड़े वित्तीय प्लेटफॉर्म का सीधा हिस्सेदार बनने का अवसर भी देगा।
(डिस्क्लेमर: शेयर बाजार और आईपीओ में निवेश वित्तीय जोखिमों के अधीन है। किसी भी पब्लिक इश्यू में आवेदन करने से पहले कंपनी के आधिकारिक प्रॉस्पेक्टस और प्रमाणित वित्तीय सलाहकारों की राय अवश्य लें।)
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