न हाथ मिलाया, न साथ फोटो खिंचवाई, पेरिस में रूसी और यूक्रेनी खिलाड़ी के बीच दिखा भारी तनाव

टेनिस की दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंट्स में से एक फ्रेंच ओपन (Roland Garros 2026) के महिला सिंगल्स सेमीफाइनल में गुरुवार को एक ऐसा मुकाबला देखने को मिला, जिसकी चर्चा खेल से ज्यादा खिलाड़ियों के बीच के ठंडे और तनावपूर्ण रिश्तों के लिए हो रही है। पेरिस के ऐतिहासिक कोर्ट फिलिप-चैट्रियर पर रूस की 19 वर्षीय टेनिस सनसनी मिरा एंड्रीवा ने यूक्रेन की मार्टा कोस्त्युक को सीधे सेटों में 6-1, 6-3 से हराकर अपने करियर के पहले ग्रैंड स्लैम फाइनल में प्रवेश कर लिया है। हालांकि, इस ऐतिहासिक मुकाबले के दौरान दोनों खिलाड़ियों के बीच जारी कड़वाहट और राजनीतिक तनाव साफ तौर पर कैमरे में कैद हो गया, जिसने सोशल मीडिया पर एक नई बहस को जन्म दे दिया है।

कोर्ट पर उतरा रूस-यूक्रेन युद्ध का तनाव, टूट गई ग्रैंड स्लैम की बरसों पुरानी परंपरा

इस हाई-प्रोफाइल सेमीफाइनल मैच के शुरू होने से पहले ही मैदान का माहौल काफी बदल गया था। टेनिस में मैच शुरू होने से ठीक पहले नेट पर दोनों प्रतिस्पर्धी खिलाड़ियों के साथ संयुक्त रूप से एक पारंपरिक फोटो खिंचवाने का रिवाज है, लेकिन इस मुकाबले में ऐसा कुछ नहीं हुआ। दोनों ही स्टार खिलाड़ियों ने एक साथ फ्रेम में आने से साफ तौर पर इनकार कर दिया। इसके बजाय, आयोजकों को नेट के दोनों ओर बच्चों के साथ दोनों खिलाड़ियों की अलग-अलग तस्वीरें लेनी पड़ीं। मैच खत्म होने के बाद भी यह दूरी साफ नजर आई। अपनी शानदार जीत के बाद जब मिरा एंड्रीवा हाथ मिलाने के लिए आगे बढ़ने की सोच ही रही थीं, तभी मार्टा कोस्त्युक ने बिना हाथ मिलाए और बिना नेट की तरफ देखे ही दर्शकों का अभिवादन किया, उन्हें फ्लाइंग किस दी और कोर्ट से बाहर चली गईं। आपको बता दें कि यूक्रेनी खिलाड़ी कोस्त्युक रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध को लेकर पहले भी खुलकर विरोध जता चुकी हैं, और इसी वजह से दोनों देशों के खिलाड़ियों के बीच कोर्ट पर ऐसी कड़े फैसले अक्सर देखने को मिलते हैं।

19 साल की रूसी सनसनी मिरा एंड्रीवा ने पेरिस में मचाया धमाल, ऐसे पलटा शुरुआती मैच का पासा

अगर ऑन-कोर्ट एक्शन और खेल की बात करें, तो 19 साल की मिरा एंड्रीवा ने मैच की शुरुआत से ही अपना दबदबा बनाए रखा। हालांकि, खेल के शुरुआती कुछ मिनट एंड्रीवा के लिए आसान नहीं थे। उन्होंने मैच के पहले ही सर्विस गेम में कोस्त्युक के खिलाफ तीन बड़े ब्रेक प्वाइंट का सामना किया और उन्हें बड़ी ही सूझबूझ से बचाया। यह मैच का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुआ, क्योंकि इसके तुरंत बाद एंड्रीवा ने बेसलाइन से बेहद आक्रामक शॉट खेलते हुए पहले सेट को पूरी तरह अपने नियंत्रण में ले लिया। कोस्त्युक ने लंबे संघर्ष के बाद किसी तरह स्कोरबोर्ड पर अपना खाता खोला, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी और पहला सेट 6-1 से बेहद आसानी से एंड्रीवा के नाम हो गया। अपनी इस जीत पर खुशी जाहिर करते हुए एंड्रीवा ने कहा, “मैं अपने पहले ग्रैंड स्लैम फाइनल में पहुंचकर बेहद रोमांचित हूं। कोर्ट पर कई तरह की भावनाएं एक साथ उमड़ रही थीं। मैंने खुद से बस यही कहा था कि चाहे जो हो जाए, मुझे आखिरी पॉइंट तक लड़ना है और अपना सर्वश्रेष्ठ देना है।”

बंद छत के नीचे कोस्त्युक ने की वापसी की कोशिश, लेकिन एंड्रीवा ने तोड़ दिया 16 मैचों का अजेय रथ

दोपहर में जब यह मुकाबला शुरू हुआ था, तब धूप खिली हुई थी और स्टेडियम की छत पूरी तरह खुली थी। लेकिन दूसरे सेट के दौरान पेरिस का मौसम बदला और कोर्ट की छत को बंद करना पड़ा। इस बदलाव का फायदा यूक्रेन की मार्टा कोस्त्युक को मिला। उन्होंने बंद छत के नीचे शानदार खेल दिखाते हुए एंड्रीवा की सर्विस ब्रेक की और स्कोर को 4-3 पर ला खड़ा किया, जिससे स्टेडियम में मौजूद दर्शकों ने भी कोस्त्युक का खूब उत्साहवर्धन किया। हालांकि, कोस्त्युक की यह वापसी ज्यादा देर नहीं टिक सकी। एंड्रीवा ने तुरंत मैच की कमान अपने हाथों में ली और जबरदस्त जवाबी हमला करते हुए कोस्त्युक की सर्विस दोबारा ब्रेक कर दी और पहले ही मैच पॉइंट पर मुकाबला अपने नाम कर लिया। इस हार के साथ ही क्ले कोर्ट पर मार्टा कोस्त्युक के लगातार 16 मैचों से चले आ रहे अजेय रथ (Winning Streak) का भी अंत हो गया। मैच के बाद प्रतिद्वंदी की तारीफ करते हुए एंड्रीवा ने कहा, “कोस्त्युक के लिए यह सीजन कमाल का रहा है। इस मैच से पहले वे क्ले कोर्ट पर अजेय थीं। वे एक शानदार खिलाड़ी और बेहद कठिन प्रतिद्वंदी हैं।” अब शनिवार को होने वाले ग्रैंड फिनाले में मिरा एंड्रीवा की नजरें अपनी पहली ग्रैंड स्लैम ट्रॉफी पर टिकी होंगी।