
NEET परीक्षा को लेकर देश भर में जारी सियासी घमासान और कानूनी लड़ाई के बीच एक ऐसा सनसनीखेज खुलासा हुआ है जिसने पूरे प्रशासनिक अमले को हिलाकर रख दिया है। नीट पेपर लीक और री-एग्जाम की जांच कर रही एजेंसियों के हाथ एक ऐसी एफआईआर (FIR) लगी है, जिसे कथित तौर पर पांच दिनों तक बेहद गोपनीय रखा गया और मीडिया की नजरों से छिपाकर रखा गया था। अब इस एफआईआर के पन्ने जैसे ही सामने आए हैं, देश के सबसे बड़े सॉल्वर गैंग के मास्टरमाइंड का काला चिट्ठा और उसकी पूरी कार्यप्रणाली (मोडस ऑपेरंडी) बेनकाब हो गई है।
आखिर उस एफआईआर में क्या छिपा था
जांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, इस गोपनीय एफआईआर में परीक्षा शुरू होने से ठीक पहले के उन महत्वपूर्ण घंटों का पूरा ब्योरा दर्ज है, जब नीट परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक किए गए थे। इसमें स्पष्ट रूप से दर्ज है कि किस तरह सॉल्वर गैंग ने अत्याधुनिक गैजेट्स और कोडवर्ड का इस्तेमाल कर चुनिंदा सेंटर्स पर प्रश्नपत्र और उनके उत्तर पहुंचाने की पूरी प्लानिंग तैयार की थी। पांच दिनों तक इस दस्तावेज को सार्वजनिक न करने के पीछे की मुख्य वजह इस रैकेट से जुड़े बड़े चेहरों और रसूखदार लोगों को बचाने की कोशिश बताई जा रही है।
सॉल्वर गैंग के मास्टरमाइंड का नेटवर्क देखकर उड़े होश
इस एफआईआर से जो सबसे बड़ा पर्दाफाश हुआ है, वह है सॉल्वर गैंग के मास्टरमाइंड का देशव्यापी नेटवर्क। यह मास्टरमाइंड कोई आम अपराधी नहीं, बल्कि देश के कई राज्यों में फैले कोचिंग सेंटर्स, परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसियों के कुछ भ्रष्ट अधिकारियों और टेक एक्सपर्ट्स के साथ मिलकर एक समानांतर सिस्टम चला रहा था। आरोपी मास्टरमाइंड मोटी रकम लेकर कमजोर छात्रों की जगह ‘स्कॉलर्स’ यानी सॉल्वर बैठाने और परीक्षा से पहले लीक पेपर रटवाने के लिए सेफ हाउस का इंतजाम करता था।
री-एग्जाम और जांच एजेंसियों का अगला कदम
एफआईआर के सार्वजनिक होने और मास्टरमाइंड के इस बड़े खुलासे के बाद अब नीट री-एग्जाम (NEET Re-Exam) को लेकर छात्रों का आक्रोश और ज्यादा बढ़ गया है। केंद्रीय जांच एजेंसियां अब इस एफआईआर में दर्ज कड़ियों को जोड़कर मास्टरमाइंड के बैंक खातों, बेनामी संपत्तियों और उसके राजनीतिक संपर्कों की बारीकी से पड़ताल कर रही हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में देश के कई अन्य राज्यों से भी इस सॉल्वर गैंग से जुड़े मददगारों की बड़ी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
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