NEET री-टेस्ट से पहले टेलीग्राम का बड़ा कदम : केंद्र सरकार के अस्थायी बैन को दी कोर्ट में चुनौती, हाईकोर्ट में आज होगी सुनवाई

देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट (NEET UG) के री-टेस्ट के आयोजन से ठीक पहले एक बहुत बड़ी और कानूनी रूप से बेहद संवेदनशील खबर सामने आ रही है। पेपर लीक और धांधली के आरोपों के केंद्र में रहे लोकप्रिय मैसेजिंग प्लेटफॉर्म टेलीग्राम (Telegram) ने केंद्र सरकार द्वारा लगाए गए अस्थायी प्रतिबंध (Temporary Ban) के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया है। टेलीग्राम ने सरकार के इस फैसले को सीधे चुनौती दी है, जिस पर आज अदालत में एक महत्वपूर्ण सुनवाई होने जा रही है। परीक्षा के ठीक पहले आए इस नए मोड़ ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA), छात्रों और सरकार के बीच चल रही तनातनी को और अधिक बढ़ा दिया है।

पेपर लीक विवाद और टेलीग्राम पर लगे अस्थायी बैन की इनसाइड स्टोरी

दरअसल, नीट परीक्षा के दौरान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स, विशेषकर टेलीग्राम पर कई ऐसे ग्रुप्स और चैनल्स एक्टिव पाए गए थे, जिन पर कथित तौर पर पेपर लीक करने और आंसर की (Answer Key) बेचने के गंभीर आरोप लगे थे। सुरक्षा और जांच एजेंसियों की रिपोर्ट के आधार पर, केंद्र सरकार के सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने कानून-व्यवस्था और परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए टेलीग्राम पर अस्थायी रूप से कुछ कड़े प्रतिबंध लगा दिए थे। सरकार का मानना था कि जांच में सहयोग न मिलने और डेटा शेयरिंग में आनाकानी के चलते यह कदम उठाना बेहद जरूरी था।

टेलीग्राम ने किस आधार पर सरकार के फैसले को दी है चुनौती

टेलीग्राम ने अपनी याचिका में दिल्ली हाईकोर्ट के सामने दलील दी है कि सरकार द्वारा लगाया गया यह अस्थायी प्रतिबंध अभिव्यक्ति की आजादी और बिजनेस करने के अधिकारों का उल्लंघन है। कंपनी का कहना है कि वे अपनी प्राइवेसी पॉलिसी (Privacy Policy) के तहत काम करते हैं, लेकिन उन्होंने जांच एजेंसियों का हमेशा सहयोग किया है। टेलीग्राम का तर्क है कि कुछ असामाजिक तत्वों की हरकतों की वजह से पूरे प्लेटफॉर्म को ब्लॉक करना या उस पर प्रतिबंध लगाना लाखों निर्दोष यूजर्स और छात्रों के साथ नाइंसाफी है, जो इस ऐप का इस्तेमाल पढ़ाई और नोट्स शेयर करने के लिए करते हैं।

दिल्ली हाईकोर्ट की सुनवाई पर टिकी देश भर के छात्रों और अभिभावकों की नजरें

इस हाई-प्रोफाइल कानूनी लड़ाई पर न केवल तकनीकी जगत बल्कि देश भर के लाखों नीट परीक्षार्थियों, उनके माता-पिता और कोचिंग सेंटर्स की निगाहें जमी हुई हैं। राजधानी दिल्ली के प्रशासनिक गलियारों से लेकर उत्तर प्रदेश के लखनऊ, कोटा (राजस्थान), पटना और मुंबई जैसे बड़े एजुकेशन हब्स में इस बात को लेकर काफी चर्चा है कि यदि कोर्ट आज कोई बड़ा फैसला सुनाता है, तो उसका आगामी नीट री-टेस्ट की पूरी प्रक्रिया और सुरक्षा इंतजामों पर क्या असर पड़ेगा। कानूनी विशेषज्ञों के मुताबिक, कोर्ट आज सरकार से टेलीग्राम पर लगाए गए प्रतिबंधों का पुख्ता आधार और जांच की स्टेटस रिपोर्ट मांग सकता है।