NCR में मात्र ₹27 लाख में अपना घर पाने का सुनहरा मौका: एक्सप्रेसवे-मेट्रो पास, पहले नहीं बिका तो फिर शुरू हुई नीलामी, ₹1.35 लाख टोकन में बुकिंग

दिल्ली-एनसीआर में अपना खुद का आशियाना तलाश रहे मध्यमवर्गीय परिवारों और वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए एक बेहद आकर्षक और किफायती मौका सामने आया है। जहां आज के समय में नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गुरुग्राम में एक सामान्य फ्लैट की कीमतें करोड़ों रुपये का आंकड़ा पार कर चुकी हैं, वहीं सरकारी आवास एजेंसी ने आम जनता के बजट में पक्के मकानों का पिटारा फिर खोल दिया है। उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद (UPAVP) ने दिल्ली से सटे गाजियाबाद के प्रमुख सेक्टरों में अनसोल्ड रह गए तैयार फ्लैट्स को बेचने के लिए ई-नीलामी (E-Auction) की प्रक्रिया दोबारा शुरू की है।

इस विशेष सरकारी हाउसिंग ई-नीलामी के तहत 2BHK/LIG फ्लैट्स की शुरुआती आरक्षित कीमत (Reserve Price) लगभग 26.77 लाख रुपये से 27 लाख रुपये के बीच तय की गई है। वहीं ईडब्ल्यूएस (EWS) और 1BHK फ्लैट्स की कीमतें तो महज 17 लाख रुपये से शुरू होती हैं। इस नीलामी प्रक्रिया में भाग लेने और अपनी पसंद का फ्लैट बुक करने के लिए नियम बेहद सरल बनाए गए हैं। खरीदार को कुल संपत्ति मूल्य का केवल 5 प्रतिशत बयाना राशि यानी ईएमडी (EMD/टोकन मनी) के रूप में जमा करना होगा। इसका सीधा अर्थ यह है कि 27 लाख रुपये के 2BHK फ्लैट के लिए आपको सिर्फ 1.35 लाख रुपये की टोकन मनी ऑनलाइन जमा करनी होगी। यदि नीलामी में आपको फ्लैट आवंटित नहीं होता है, तो आपकी पूरी बयाना राशि सीधे आपके बैंक खाते में सुरक्षित वापस कर दी जाती है।

अक्सर लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि प्राइम लोकेशन वाले ये सरकारी फ्लैट्स पहले क्यों नहीं बिक सके? दरअसल, पिछली नीलामियों के दौरान कई फ्लैटों पर केवल एक ही बोली (Single Bid) प्राप्त हुई थी। आवास विकास परिषद के कड़े नियमों के अनुसार, पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए किसी भी सरकारी संपत्ति को सिंगल बिड पर तब तक आवंटित नहीं किया जा सकता जब तक कि उसे दोबारा सार्वजनिक मुकाबले के लिए न रखा जाए। इसी कानूनी बाध्यता के कारण खाली रह गए फ्लैटों को फिर से री-ऑक्शन पोर्टल पर लाइव किया गया है, ताकि इच्छुक खरीदारों को पारदर्शी तरीके से घर मिल सके।

यह आवासीय योजना केवल कागजी ब्रोशर तक सीमित नहीं है, बल्कि ऑन-ग्राउंड मजबूत कनेक्टिविटी से लैस है। गाजियाबाद के मंडोला विहार और वसुंधरा क्षेत्र में स्थित ये फ्लैट्स दिल्ली-एनसीआर के आधुनिक ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर से सीधे जुड़े हैं:

  • दिल्ली-सहारनपुर-देहरादून एक्सप्रेसवे व ट्रॉनिका सिटी: मंडोला विहार सीधे नए एक्सप्रेसवे और सिग्नेचर सिटी से जुड़ा हुआ है, जिससे अक्षरधाम और कश्मीरी गेट दिल्ली तक की दूरी महज 20 से 25 मिनट में तय हो जाती है।

  • दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे (NE-9) और NH-9: वसुंधरा और आसपास के सेक्टर्स सीधे यूपी गेट और गाजीपुर बॉर्डर से जुड़ते हैं, जिससे दिल्ली की आवाजाही पूरी तरह सिग्नल-फ्री हो चुकी है।

  • मेट्रो व नमो भारत (RRTS) नेटवर्क: वसुंधरा योजना से वैशाली मेट्रो स्टेशन (ब्लू लाइन) केवल 3 से 4 किलोमीटर की दूरी पर है। इसके साथ ही साहिबाबाद और गाजियाबाद नमो भारत (रैपिड रेल) स्टेशन बिल्कुल नजदीक हैं, जिससे आनंद विहार और सराय काले खां तक का सफर चुटकियों का रह गया है।

निजी बिल्डरों के अधूरे प्रोजेक्ट्स और पजेशन की अंतहीन देरी से त्रस्त लोगों के लिए यह योजना पूरी तरह सुरक्षित है, क्योंकि यह सीधे यूपी रेरा (UP RERA) और राज्य सरकार के सख्त नियमों के अधीन है। ये सभी इमारतें भूकंपरोधी आरसीसी (RCC) तकनीक से निर्मित हैं, जिनमें चौड़ी सड़कें, ग्रीन पार्क, कम्युनिटी स्पेस, 24 घंटे जलापूर्ति और आरक्षित पार्किंग की सुविधा मौजूद है। इसके अलावा, सरकारी योजना होने के कारण एसबीआई (SBI), पीएनबी, एचडीएफसी और एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस जैसे प्रमुख बैंक बिना किसी अड़चन के तुरंत होम लोन मंजूर कर देते हैं। परिषद ने खरीदारों को बड़ी वित्तीय छूट भी दी है—यदि सफल बोलीदाता नीलामी जीतने के 60 दिनों के भीतर पूरी राशि का एकमुश्त भुगतान करता है, तो उसे कुल लागत पर सीधे 15 प्रतिशत की भारी छूट (Rebate) दी जाती है। वहीं 61 से 90 दिनों के भीतर भुगतान करने वालों को 10 प्रतिशत की सीधी छूट मिलती है। सामान्य नागरिक 50% राशि जमा कर तुरंत पजेशन ले सकते हैं, जबकि सरकारी कर्मियों और सेना के जवानों को मात्र 25% भुगतान पर ही चाबी सौंप दी जाती है।

इस सरकारी नीलामी में घर बैठे भाग लेने के लिए किसी दफ्तर के चक्कर काटने या बिचौलियों को कमीशन देने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। पूरी प्रक्रिया 100% पारदर्शी और ऑनलाइन रखी गई है:

  1. सबसे पहले यूपी आवास विकास परिषद के आधिकारिक पोर्टल (upavp.in) या ई-ऑक्शन पोर्टल (upavpauction.procure247.com) पर जाएं।

  2. पोर्टल पर अपने मोबाइल नंबर, ईमेल और पैन कार्ड विवरण के जरिए न्यू बिडर (Bidder) के रूप में रजिस्ट्रेशन करें।

  3. गाजियाबाद जोन की उपलब्ध संपत्तियों की सूची में से अपनी पसंद का फ्लैट नंबर और लोकेशन चुनें।

  4. तय तिथि से पहले नेट बैंकिंग या आरटीजीएस (RTGS/NEFT) के जरिए संबंधित फ्लैट के लिए 5% टोकन मनी (₹1.35 लाख) ऑनलाइन जमा करें।

  5. लाइव ई-नीलामी के दिन अपने लॉगिन डैशबोर्ड से ऑनलाइन बोली लगाएं। यदि आप सफल (H1) बोलीदाता बनते हैं, तो अलॉटमेंट लेटर आपके नाम जारी कर दिया जाएगा।