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Nag Panchami 2026 Mistakes to Avoid: नाग पंचमी के दिन भूलकर भी न करें ये 5 गलतियां, वरना जीवन में घेर सकती हैं परेशानियां और कालसर्प दोष

सनातन धर्म में सावन मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को नाग पंचमी (Nag Panchami) का महापर्व अत्यंत श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ मनाया जाता है। यह दिन भगवान भोलेनाथ के गले के आभूषण नाग देवता की पूजा, आराधना और उनका आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए विशेष रूप से समर्पित है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जिन जातकों की कुंडली में कालसर्प दोष, राहु-केतु जनित पीड़ा या पितृ दोष होता है, उनके निवारण के लिए नाग पंचमी की पूजा सबसे अचूक मानी जाती है। धार्मिक ग्रंथों और पुराणों में नाग पंचमी के दिन पूजा-पाठ के शुभ मुहूर्तों के साथ-साथ कुछ विशेष कार्यों को करने की सख्त मनाही की गई है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यदि इस दिन अनजाने में भी कुछ वर्जित कार्य कर दिए जाएं, तो घर की सुख-शांति प्रभावित हो सकती है और दोष लग सकता है।

नाग पंचमी के दिन भूलकर भी न करें ये 5 गलतियां

धार्मिक और ज्योतिषीय नियमों के अनुसार इस दिन निम्नलिखित कार्यों से पूरी तरह परहेज करना चाहिए:

  • 1. जमीन की खुदाई, जुताई और पेड़-पौधों की कटाई न करें: नाग पंचमी के पावन दिन धरती की खुदाई करना, हल चलाना या बागवानी के लिए मिट्टी खोदना पूरी तरह वर्जित माना गया है। धार्मिक मान्यता है कि मिट्टी के नीचे नागों और अन्य जीवों का प्राकृतिक वास या बिल (बांबी) हो सकता है। खुदाई करने से उन्हें अनजाने में चोट पहुंच सकती है, जिससे दोष लगता है।

  • 2. लोहे का तवा या कड़ाही चूल्हे पर न चढ़ाएं: कई क्षेत्रों और लोक मान्यताओं के अनुसार, नाग पंचमी के दिन रसोई में लोहे के तवे पर रोटियां सेंकना या तवा चढ़ाना वर्जित होता है। तवे के आकार की तुलना नाग के फन से की जाती है। इसलिए इस दिन तवे पर रोटी बनाने के बजाय बासी भोजन, दाल-बाटी, पूरी या मिट्टी के बर्तन में बने सात्विक भोजन का भोग लगाया जाता है।

  • 3. जीवित सांप को जबरन दूध न पिलाएं: नाग पंचमी पर जीवित सांप को पकड़कर दूध पिलाना वैज्ञानिक और धार्मिक दोनों नजरिए से गलत माना जाता है। सांप मांसाहारी और सरीसृप (Reptile) जीव होते हैं, उनका पाचन तंत्र दूध पचाने में असमर्थ होता है और दूध पीने से उनकी जान को खतरा हो सकता है। पूजा के लिए हमेशा चांदी, तांबे, मिट्टी या आटे से बने नाग देवता की प्रतिमा या शिवलिंग पर लिपटे नाग पर ही कच्चा दूध अर्पित करना चाहिए।

  • 4. नुकीली या धारदार वस्तुओं का उपयोग करने से बचें: शास्त्रों के अनुसार इस पावन दिन सुई-धागे से सिलाई करने, कैंची चलाने, चाकू या धारदार औजारों के अनावश्यक इस्तेमाल से बचना चाहिए। ऐसा करना शुभ नहीं माना जाता और इसे गृह क्लेश से जोड़कर देखा जाता है।

  • 5. तामसिक भोजन, मदिरा और अपशब्दों का प्रयोग न करें: नाग पंचमी के दिन घर में लहसुन, प्याज, मांस-मछली या शराब का सेवन बिल्कुल नहीं करना चाहिए। इस दिन किसी जीव-जंतु को सताना, घर में कलह करना या किसी को अपशब्द बोलना पूजा के पुण्य फल को नष्ट कर देता है।

नाग पंचमी पर सुख-समृद्धि के लिए क्या करना चाहिए?

  • सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र पहनकर भगवान शिव और नाग देवता का ध्यान करें।

  • चांदी, तांबे या मिट्टी के नाग-नागिन के जोड़े की विधि-विधान से पूजा करें, उन्हें हल्दी, कुमकुम, अक्षत, कच्चा दूध और दूर्वा अर्पित करें।

  • कुंडली में कालसर्प दोष की शांति के लिए इस दिन ‘ॐ नमः शिवाय’ और ‘ॐ नागदेवताय नमः’ मंत्र का 108 बार जाप करें।

  • जरूरतमंदों और गरीबों को अन्न, वस्त्र या दूध का दान करें।