Muzaffरनगर Conversion Case: मुजफ्फरनगर के गोदाम में सामूहिक धर्मांतरण का आरोप, 200 लोगों के जुटने की सूचना पर मचा हंगामा; 14 नामजद, पुलिस जांच तेज

मुजफ्फरनगर: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में कथित सामूहिक धर्मांतरण को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। मंसूरपुर थाना क्षेत्र के जड़ौदा गांव स्थित एक गोदाम में बड़ी संख्या में लोगों के एकत्र होने की सूचना मिलने के बाद बजरंग दल के कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए। संगठन ने आरोप लगाया कि करीब 200 ग्रामीणों को कथित तौर पर प्रलोभन देकर ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा था। सूचना पर पहुंची पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित किया और मामले की जांच शुरू कर दी है।

गोदाम में जुटी भीड़ को लेकर बढ़ा विवाद

बजरंग दल के कार्यकर्ताओं का आरोप है कि जड़ौदा गांव के एक गोदाम में बड़ी संख्या में लोगों को बुलाकर कथित धर्मांतरण की गतिविधियां संचालित की जा रही थीं। संगठन के विरोध के दौरान मौके पर हंगामा हुआ, जिसके बाद पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।

इसी दौरान घटनास्थल पर वीडियो बना रहे एक युवक के साथ भी कथित तौर पर हाथापाई हुई। आरोप है कि वहां मौजूद महिलाओं में से एक ने युवक का मोबाइल छीनने और उसे नुकसान पहुंचाने की कोशिश की।

पुलिस ने 12 लोगों को हिरासत में लेकर शुरू की पूछताछ

मामले में पुलिस ने मौके से सात पुरुष और पांच महिलाओं को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। जांच के दौरान तीन ईसाई धर्मग्रंथ और कुछ पहचान पत्र भी बरामद किए गए हैं।

बजरंग दल के जिला संयोजक रवि चौधरी की तहरीर के आधार पर पुलिस ने राशिद, मनीष, संजीव, संगीता, पूजा, मोनू, आशु, चांदनी, सरिता, अमरीश, कार्तिक, कनक, शीशपाल और प्रवीण सहित 14 नामजद आरोपियों के खिलाफ उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम, 2021 की धारा 3 और 5(1) के तहत मुकदमा दर्ज किया है।

बजरंग दल का दावा- लालच देकर कराया जा रहा था धर्म परिवर्तन

बजरंग दल के जिला संयोजक रवि चौधरी का आरोप है कि गोदाम में करीब 200 लोगों को एकत्र किया गया था। उनका कहना है कि लोगों को 50 से 60 हजार रुपये, बीमारी के इलाज और अन्य सुविधाओं का कथित लालच देकर धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किया जा रहा था।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मुख्य आरोपी राशिद गांव के जंगल क्षेत्र में चर्च बनाने की तैयारी कर रहा था। संगठन ने मामले में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

एसएसपी बोले- संदिग्ध गतिविधियों की सूचना पर हुई कार्रवाई

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि जड़ौदा गांव में टेंट लगाकर कुछ संदिग्ध गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। प्रारंभिक जांच के दौरान यह बात सामने आई कि गरीब लोगों को कथित रूप से प्रलोभन देकर ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा था।

एसएसपी के अनुसार इसी आधार पर थाना मंसूरपुर में संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है और पूरे मामले की विस्तृत जांच जारी है।

तीन पुलिस टीमें गठित, आरोपियों की तलाश जारी

पुलिस प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तीन विशेष पुलिस टीमों का गठन किया है। थाना मंसूरपुर प्रभारी विपिन त्यागी और क्षेत्राधिकारी खतौली स्वयं जांच की निगरानी कर रहे हैं।

पुलिस का कहना है कि अब तक जांच में 16 लोगों के नाम सामने आए हैं। सभी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।