
भारतीय सिनेमा के सबसे बेहतरीन और नेशनल अवॉर्ड विनर अभिनेताओं में से एक मनोज बाजपेयी (Manoj Bajpayee) ने आज जो मुकाम हासिल किया है, उसके पीछे उनके करियर के कई कड़े और मुश्किल फैसले रहे हैं। मशहूर अभिनेता और होस्ट शेखर सुमन के टॉक शो ‘शेखर टोनाइट’ (Shekhar Tonight) में मनोज बाजपेयी ने अपने पुराने दिनों को याद किया।
एक्टर ने बताया कि फिल्म ‘सत्या’ (Satya) की ऐतिहासिक सफलता के बाद उन्होंने बॉलीवुड के कई बड़े और आकर्षक फिल्मों के ऑफर सिर्फ इसलिए ठुकरा दिए थे, क्योंकि वे उनकी क्रिएटिविटी और अभिनय की महत्वाकांक्षाओं से मेल नहीं खाते थे। इसी खुलकर हुई बातचीत के दौरान मनोज बाजपेयी ने दिग्गज फिल्ममेकर यश चोपड़ा की ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘वीर-जारा’ (Veer-Zaara) से जुड़ा एक बेहद दिलचस्प और चौंकाने वाला किस्सा भी साझा किया।
टाइपकास्ट होने के डर से ठुकराए विलेन के बड़े ऑफर्स
मनोज बाजपेयी ने शेखर सुमन से बात करते हुए बताया कि ‘सत्या’ में ‘भीखू म्हात्रे’ के आइकॉनिक किरदार के बाद उनके पास फिल्मों की लाइन लग गई थी। लेकिन इंडस्ट्री उन्हें केवल खलनायक (Villain) की भूमिकाओं में ही बांधना चाहती थी। उन्होंने टाइपकास्ट होने से बचने के लिए पैसों को लात मार दी और विलेन के रोल ठुकरा दिए।
उसी दौर में, जिन अच्छी कहानियों वाली फिल्मों में उनकी असली रुचि थी, वहां बेहद मामूली फीस दी जा रही थी। इस आर्थिक तंगी और संघर्ष के बावजूद मनोज को अपने फैसलों पर कभी पछतावा नहीं हुआ। उनका मानना है कि अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनना ही आज उनके सफल करियर की सबसे मजबूत नींव बना।
जब यश चोपड़ा ने खुद फोन कर कहा—’तू यह रोल करेगा क्या?’
मनोज बाजपेयी ने ‘वीर-जारा’ में अपने कैमियो (Camio Role) को याद करते हुए बताया कि उन्हें लीजेंडरी डायरेक्टर यश चोपड़ा (Yash Chopra) के साथ काम करने का कोई पछतावा नहीं है। उन्होंने बताया, “यश जी ने मुझे खुद फोन किया और कहा कि मेरी फिल्म में एक छोटा सा कैमियो रोल है, तू करेगा क्या? फिल्म ‘पिंजर’ में तेरी अदाकारी देखने के बाद मुझे पूरा भरोसा हो गया है कि यह किरदार तेरे अलावा और कोई नहीं निभा सकता।”
मनोज बाजपेयी यश चोपड़ा के इतने बड़े मुरीद थे कि वे फिल्म की स्क्रिप्ट तक नहीं सुनना चाहते थे। मनोज ने यश जी से कहा था, “आप बस मुझे तारीख बता दीजिए कि कब सेट पर आना है, कहानी की कोई जरूरत नहीं।” हालांकि, बाद में आदित्य चोपड़ा ने उन्हें पूरा सीन विस्तार से सुनाया था।
‘मैं तेरे जैसे एक्टर्स के लिए फिल्में कहां बनाता हूं’—यश चोपड़ा का बेबाक जवाब
मनोज बाजपेयी ने बताया कि जब उन्होंने यश चोपड़ा से हंसते हुए कहा कि अगली बार मेरे लिए कोई बड़ा रोल रखिएगा, तो यश जी ने बेहद ईमानदारी और बेबाकी से जवाब दिया, “बेटे, मैं तेरे जैसे संजीदा अभिनेताओं के लिए फिल्में कहां बनाता हूं! और जो बड़े रोल मैं बनाऊंगा, वो तू करेगा नहीं। इसलिए ये वाला जो रोल मिला है, इसे ही बढ़िया से कर दे।” मनोज बाजपेयी को यश जी की यह साफगोई बेहद पसंद आई कि उन्होंने कोई झूठा दिलासा नहीं दिया।
कैमियो के लिए मिली लीड एक्टर जितनी फीस: मनोज बाजपेयी ने इस फिल्म के लिए कोई भी पैसा लेने से साफ इनकार कर दिया था। लेकिन यश चोपड़ा ने उनके आत्मसम्मान का ध्यान रखा। मनोज बाजपेयी ने बताया, “मैंने यश जी से कहा कि मैं इस रोल के लिए एक रुपया भी फीस नहीं लूंगा, लेकिन उन्होंने मेरी बात नहीं मानी। फिल्म पूरी होने के बाद यश जी ने मुझे उतनी बड़ी रकम का चेक भेजा, जितना पैसा मैं उस दौर में किसी फिल्म में मुख्य भूमिका (Lead Actor) निभाने के लिए लेता था।”
नेशनल अवॉर्ड जीत चुकी है शाहरुख-प्रीति की ‘वीर-जारा’
साल 2004 में रिलीज हुई यश चोपड़ा के निर्देशन में बनी यह कल्ट रोमांटिक-ड्रामा फिल्म बॉक्स ऑफिस पर ऑल-टाइम ब्लॉकबस्टर साबित हुई थी। फिल्म में शाहरुख खान, प्रीति जिंटा और रानी मुखर्जी मुख्य भूमिकाओं में नजर आए थे। वहीं अमिताभ बच्चन, हेमा मालिनी, दिव्या दत्ता, बोमन ईरानी, अनुपम खेर और मनोज बाजपेयी ने अपनी शानदार सहायक भूमिकाओं से फिल्म में जान फूंक दी थी। इस फिल्म को ‘बेहतरीन मनोरंजन प्रदान करने वाली सर्वश्रेष्ठ लोकप्रिय फिल्म’ का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार (National Film Award) भी मिला था।
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