mAadhaar App Closing: बंद होने जा रहा है पुराना mAadhaar ऐप! UIDAI ने लॉन्च किया नया ‘Aadhaar’ ऐप, जानें फीचर्स और शिफ्ट होने का तरीका

यदि आप भी अपने स्मार्टफोन में आधार कार्ड से जुड़ा काम आसान करने के लिए ‘mAadhaar’ ऐप का इस्तेमाल करते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने एक बड़ा रणनीतिक फैसला लेते हुए एलान किया है कि मौजूदा mAadhaar ऐप को अब धीरे-धीरे (Phase-wise) पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा।

इस पुराने ऐप की जगह अब पूरी तरह अपडेटेड और सुरक्षित नया ‘Aadhaar’ ऐप लेगा। UIDAI ने देश के सभी नागरिकों से अपील की है कि वे जल्द से जल्द पुराने ऐप को छोड़कर नए ऐप पर शिफ्ट हो जाएं। यह नया आधिकारिक ऐप एंड्रॉयड (Google Play Store) और आईओएस (Apple App Store) दोनों प्लेटफॉर्म पर डाउनलोड के लिए उपलब्ध करा दिया गया है।

क्यों बंद किया जा रहा है पुराना ऐप? क्या है नया मकसद?

UIDAI ने 28 जनवरी 2026 को इस नए ‘Aadhaar’ ऐप को आधिकारिक तौर पर लॉन्च किया था। इसे लाने के पीछे मुख्य मकसद आधार कार्ड के बढ़ते गलत इस्तेमाल (Data Misuse) को रोकना, साइबर फ्रॉड से सुरक्षा देना और आम नागरिकों को अपनी निजी डिजिटल जानकारी पर ज्यादा नियंत्रण (Privacy Control) प्रदान करना है।

नया आधार ऐप अत्याधुनिक फेस ऑथेंटिकेशन (Face Authentication), सिक्योर QR कोड वेरिफिकेशन और ‘डिजिटल पहचान साझा करने’ जैसी आधुनिक तकनीकों पर आधारित है। इसके आने से आधार से जुड़े तमाम सरकारी और गैर-सरकारी काम पहले के मुकाबले कई गुना ज्यादा सुरक्षित और आसान हो जाएंगे।

सबसे बड़ा बदलाव: अब नहीं देनी होगी आधार की फोटोकॉपी!

अब तक किसी होटल में चेक-इन करने, नया मोबाइल सिम कार्ड खरीदने, किराये का एग्रीमेंट (Rent Agreement) कराने या बैंक से जुड़े कामों के लिए हमें अपने आधार कार्ड की फोटोकॉपी (Xerox Copy) देनी पड़ती थी। इस वजह से हमारी जन्मतिथि, पूरा पता और आधार नंबर जैसी संवेदनशील जानकारियां अनजाने में ही बाहरी लोगों या निजी संस्थाओं के पास चली जाती थीं, जिससे डेटा लीक का खतरा बना रहता था।

नया प्राइवेसी फीचर: नए Aadhaar ऐप का पूरा फोकस इसी गंभीर समस्या को जड़ से खत्म करने पर है। अब यूजर्स को कहीं भी अपनी फिजिकल कॉपी देने की जरूरत नहीं होगी। वे ऐप के भीतर जनरेट होने वाले डायनेमिक QR कोड के जरिए अपनी पहचान वेरिफाई करा सकेंगे और सामने वाले संस्थान के साथ सिर्फ उतनी ही चुनिंदा जानकारी साझा (Selective Data Sharing) करेंगे, जितनी उस काम के लिए जरूरी होगी।

नए ‘Aadhaar’ ऐप में मिलेंगे ये 6 धांसू फीचर्स

  1. फेस आईडी (Face ID Verification): अब फिंगरप्रिंट या ओटीपी के बिना भी आप अपने चेहरे के स्कैन (Face Authentication) से आधार का वेरिफिकेशन कर सकेंगे।

  2. QR कोड कॉन्टैक्ट कार्ड: अपनी पहचान डिजिटल तरीके से साझा करने के लिए एक सुरक्षित कॉन्टैक्ट कार्ड की सुविधा मिलेगी।

  3. बायोमेट्रिक लॉक/अनलॉक: यूजर महज एक क्लिक में अपने फिंगरप्रिंट और आईरिस (Iris) डेटा को लॉक या अनलॉक कर सकेंगे, जिससे कोई दूसरा आपके बायोमेट्रिक का गलत इस्तेमाल नहीं कर पाएगा।

  4. मल्टीपल प्रोफाइल्स: एक ही स्मार्टफोन के भीतर परिवार के अधिकतम 5 आधार प्रोफाइल्स को जोड़ा और मैनेज किया जा सकेगा।

  5. ऑनलाइन अपडेट: ऐप के जरिए ही मोबाइल नंबर और घर का पता बदलने या अपडेट करने की ऑनलाइन रिक्वेस्ट डाली जा सकेगी।

  6. मुफ्त दस्तावेज अपडेट की तारीख बढ़ी: UIDAI ने देशवासियों को एक और बड़ी राहत देते हुए आधार पोर्टल पर पहचान और पते से जुड़े दस्तावेजों (PoI/PoA) को मुफ्त अपडेट करने की समय सीमा पूरे एक साल के लिए बढ़ा दी है। पहले यह मुफ्त सुविधा 15 जून 2026 तक ही मिलने वाली थी, जिसे अब बढ़ाकर 14 जून 2027 कर दिया गया है।

पुराने ऐप से नए ऐप में कैसे जाएं? (Step-by-Step Guide)

बहुत से लोगों को लग रहा है कि नए ऐप पर जाने के लिए उन्हें दोबारा भारी डेटा ट्रांसफर करना होगा, लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है। आपको कोई भी डेटा मैनुअली ट्रांसफर करने की जरूरत नहीं है, बस नीचे दिए गए आसान स्टेप्स को फॉलो करें:

  • स्टेप 1: अपने एंड्रॉयड फोन के प्ले स्टोर या आईफोन के ऐप स्टोर पर जाकर नया आधिकारिक ‘Aadhaar’ ऐप डाउनलोड करें। डाउनलोड पूरा होने के बाद आप चाहें तो पुराने ‘mAadhaar’ ऐप को अनइंस्टॉल (हटा) कर सकते हैं।

  • स्टेप 2: नए ऐप को ओपन करें और अपना आधार नंबर व पुराने mAadhaar का PIN दर्ज कर लॉग इन करें। इसके बाद आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आए ओटीपी (OTP) को डालकर वेरिफाई करें।

  • स्टेप 3: अगले चरण में सुरक्षा मानकों के तहत आपको एक बार अपना बायोमेट्रिक या फेस ऑथेंटिकेशन पूरा करना होगा।

  • स्टेप 4: अंत में, ऐप की सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए अपनी पसंद का एक नया 6 अंकों का पासवर्ड (MPIN) सेट करें।

इन स्टेप्स को पूरा करते ही आपका नया आधार ऐप पूरी तरह एक्टिवेट और इस्तेमाल के लिए तैयार हो जाएगा। इसके बाद आप अपनी सभी डिजिटल पहचान सेवाओं को बेहद सुरक्षित और आधुनिक तरीके से एक्सेस कर पाएंगे।