News India Live, Digital Desk: जब बात लिवर खराब होने की आती है, तो अक्सर लोग इसका सारा दोष शराब को देते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी रसोई में मौजूद कुछ आम खाद्य पदार्थ शराब से भी कहीं ज्यादा खतरनाक साबित हो सकते हैं? चिकित्सा विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि गलत खान-पान और खराब जीवनशैली के कारण आज ‘नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज’ (NAFLD) के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। ये खाद्य पदार्थ शरीर के भीतर ‘साइलेंट किलर’ की तरह काम करते हैं और धीरे-धीरे लिवर को डैमेज कर देते हैं। आइए जानते हैं वे कौन सी 5 चीजें हैं जिनसे आपको आज ही दूरी बना लेनी चाहिए।
सफेद जहर है चीनी और हाई-फ्रुक्टोज कॉर्न सिरप चीनी का अत्यधिक सेवन लिवर के लिए शराब जितना ही घातक है। जब हम बहुत अधिक मीठा खाते हैं, तो लिवर अतिरिक्त फ्रुक्टोज को फैट में बदलने लगता है। समय के साथ यह फैट लिवर की कोशिकाओं में जमा होकर सूजन और सिरोसिस जैसी गंभीर स्थिति पैदा कर सकता है। कोल्ड ड्रिंक्स, कैंडी और डिब्बाबंद जूस में मौजूद ‘हाई-फ्रुक्टोज कॉर्न सिरप’ लिवर के लिए सबसे बड़ा खतरा बनकर उभरा है।
मैदा और रिफाइंड कार्ब्स का बढ़ता ट्रेंड बिस्कुट, सफेद ब्रेड, पिज्जा और पास्ता जैसे मैदे से बने उत्पाद आपके लिवर पर बुरा असर डालते हैं। इनमें फाइबर की मात्रा शून्य होती है और ये ब्लड शुगर को तेजी से बढ़ाते हैं। शरीर इस ऊर्जा का उपयोग नहीं कर पाता और अंततः यह फैट के रूप में लिवर के आसपास जमा होने लगता है। अगर आप नियमित रूप से मैदा खा रहे हैं, तो आप अनजाने में अपने लिवर को खतरे में डाल रहे हैं।
ट्रांस फैट और जंक फूड से बचें बाजार में मिलने वाले फ्राइड फूड, चिप्स और बेक्ड आइटम्स में ‘ट्रांस फैट’ की प्रचुर मात्रा होती है। यह न केवल आपका वजन बढ़ाता है, बल्कि लिवर में सूजन (Inflammation) भी पैदा करता है। शोध बताते हैं कि जो लोग हफ्ते में तीन बार से ज्यादा बाहर का तला-भुना खाना खाते हैं, उनमें लिवर डैमेज होने की संभावना उन लोगों से कहीं ज्यादा होती है जो घर का सादा खाना पसंद करते हैं।
अत्यधिक नमक का सेवन भी है हानिकारक सिर्फ मीठा ही नहीं, बहुत ज्यादा नमक भी लिवर के लिए जहर समान है। सोडियम की अधिकता से शरीर में पानी का जमाव (Water Retention) होने लगता है और लिवर में फाइब्रोसिस की शुरुआत हो सकती है। पैकेट बंद नमकीन, सॉस और अचार का ज्यादा इस्तेमाल लिवर की कार्यक्षमता को प्रभावित करता है।
लाल मांस (Red Meat) का बढ़ता शौक रेड मीट प्रोटीन का अच्छा स्रोत हो सकता है, लेकिन यह सैचुरेटेड फैट से भी भरा होता है। लिवर के लिए रेड मीट को पचाना काफी कठिन होता है, जिससे इस पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का सुझाव है कि लिवर को स्वस्थ रखने के लिए रेड मीट की जगह लीन प्रोटीन जैसे मछली या दालों को प्राथमिकता दें।
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