लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर साइलेंस का कवच, एलिवेटेड रोड पर लगे ध्वनि रोधक बैरियर

लखनऊ: राजधानी के फ्लाईओवर और एलिवेटेड रोड के किनारे रहने वाले लोगों के लिए राहत भरी खबर है। अब रात के सन्नाटे में वाहनों की तेज रफ्तार और हॉर्न की गूंज आपकी नींद में खलल नहीं डालेगी। लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे (NE-6) पर एनएचएआई (NHAI) ने आधुनिक तकनीक वाले ‘ध्वनि रोधक बैरियर’ (Noise Barriers) लगाने का काम पूरा कर लिया है। दावा किया जा रहा है कि 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ते वाहनों का शोर इन बैरियरों को पार कर पास के अपार्टमेंट्स और घरों तक नहीं पहुंच पाएगा।

शहीद पथ वाली ‘विजिबल शीट’ से कहीं ज्यादा एडवांस

अब तक लखनऊ में शहीद पथ जैसे प्रमुख मार्गों पर एंटी-विजिबल शीट का इस्तेमाल किया जाता रहा है। हालांकि, ये शीट केवल चकाचौंध रोकने में कारगर थीं, शोर कम करने में नहीं। लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर लगाए गए नए बैरियर लगभग 10 फीट ऊंचे हैं। इन्हें एल्युमिनियम और स्टील के विशेष फ्रेम से बनाया गया है, जिसके अंदर फाइबर का इस्तेमाल हुआ है। यह तकनीक न केवल दिखने में आधुनिक है, बल्कि शोर को सोखने में भी सक्षम है।

छोटे-छोटे छेदों में कैद हो जाएगा हॉर्न का शोर

इन विशेष बैरियरों की कार्यप्रणाली काफी दिलचस्प है। पूरे बैरियर पैनल में बहुत महीन छेद बनाए गए हैं। जब वाहनों का शोर या हॉर्न की तेज आवाज इन पर टकराती है, तो ये छेद ध्वनि तरंगों को अंदर सोख लेते हैं और उन्हें वापस उसी दिशा में परावर्तित (Reflect) कर देते हैं जिधर से वे आई थीं। इससे सड़क के किनारे स्थित स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAI) के आसपास और दरोगा खेड़ा से बनी तक के रिहायशी इलाकों में रहने वालों को शोर से पूरी तरह मुक्ति मिल जाएगी।

आपात स्थिति के लिए हर 5 किमी पर ‘मैजिक बैरियर’

सुरक्षा और राहत कार्य को ध्यान में रखते हुए एक्सप्रेसवे पर एक और खास इंतजाम किया गया है। हर 5 किलोमीटर पर ‘मीडियन ओपनिंग बैरियर’ लगाए गए हैं। चूंकि एक्सप्रेसवे के डिवाइडर काफी ऊंचे हैं, इसलिए किसी हादसे की स्थिति में एम्बुलेंस को दूसरी तरफ जाने के लिए टोल प्लाजा तक का लंबा चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। इन बैरियरों को जरूरत पड़ने पर तुरंत खोलकर एम्बुलेंस या राहत वाहनों को रास्ता दिया जा सकेगा, जिससे घायलों तक पहुंचने का कीमती समय बचेगा।

11 किलोमीटर से ज्यादा हिस्से में बिछा ‘शांति का जाल’

लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के लखनऊ वाले हिस्से में एलिवेटेड रोड और फ्लाईओवर के बड़े हिस्से को इस सुरक्षा कवच से ढका गया है:

  • नादरगंज फ्लाईओवर: कानपुर की ओर से आते समय लगभग 800 मीटर लंबा हिस्सा।

  • पहला एलिवेटेड रोड: सरोजनीनगर (SAI गेट) से दरोगा खेड़ा तक 1.74 किमी लंबा हिस्सा।

  • दूसरा एलिवेटेड रोड: दरोगा खेड़ा से बनी तक लगभग 9.6 किमी लंबा विशाल खंड। इन दोनों एलिवेटेड रास्तों के दोनों तरफ ये साउंड बैरियर लगाए गए हैं, जिससे एक्सप्रेसवे का शोर एक्सप्रेसवे के भीतर ही सीमित रह जाएगा।