Karnataka Horror: कर्नाटक के हावेरी में अंधविश्वास की खौफनाक वारदात, 9 बेज़ुबान कुत्तों के मुंह बांधकर चढ़ाया केसर का लेप

कर्नाटक के हावेरी जिले स्थित सवनूर तालुक से एक बेहद विचलित, खौफनाक और दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। यहां मंतागानी, कलासुर, खत्तीमत्तूर और कल्लाकोटी जैसे प्रमुख गांवों को आपस में जोड़ने वाली मुख्य सड़कों के किनारे 9 से अधिक बेज़ुबान कुत्तों के शव बेहद संदेहास्पद और भयावह स्थिति में बरामद किए गए हैं। शनिवार सुबह जब इलाके के किसान और स्थानीय ग्रामीण अपने रोजमर्रा के कामों व खेतों की ओर जा रहे थे, तब उन्होंने सड़क किनारे इन मासूम जानवरों के शवों को पड़े देखा। इस दृश्य को देखकर हर कोई सन्न रह गया। शुरुआती साक्ष्यों और घटनास्थल के हालातों से यह साफ-साफ स्पष्ट हो रहा है कि अंधविश्वास और घिनौना काला जादू करने के उद्देश्य से इन बेज़ुबान जानवरों की बड़ी ही बेरहमी से हत्या की गई है। इस रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना के बाद से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है और स्थानीय ग्रामीणों में भारी गुस्से के साथ-साथ गहरे डर का माहौल व्याप्त हो गया है।

मुंह में रस्सी, केसर का लेप और चिकन विंग्स: बेज़ुबानों पर तंत्र-मंत्र का साया

घटनास्थल से सामने आई जानकारी और तस्वीरों ने लोगों की आत्मा को झकझोर कर रख दिया है। सवनूर तालुक के मंतागानी और खत्तीमत्तूर मार्ग पर सड़क किनारे मृत पाए गए 9 कुत्तों में 5 मादा और 4 नर कुत्ते शामिल हैं। हत्यारों और तांत्रिक तत्वों ने इन बेज़ुबानों को तड़पा-तड़पाकर मारने में किसी तरह की कसर नहीं छोड़ी। सभी मृत कुत्तों के मुंह को मजबूत रस्सियों से बहुत कसकर बांधा गया था ताकि वे चीख न सकें। इसके अलावा, शवों के ऊपर केसर का लेप लगाया गया था और उनके ठीक पास में कटे हुए चिकन विंग्स (मुर्गे के पंख/मांस) रखे गए थे। जिस तरीके से शवों को सजाकर रखा गया था, वह सीधा और स्पष्ट इशारा करता है कि यह किसी तांत्रिक कृत्य, टोटके या काले जादू का ही घिनौना परिणाम है। बेज़ुबान जानवरों के साथ इस तरह की हैवानियत देखकर हर कोई दहल गया है।

मुर्गों और अंडों की जगह कुत्तों की हत्या? अंधविश्वास का यह रूप देख स्तब्ध हुए लोग

स्थानीय निवासियों का कहना है कि उन्होंने अक्सर गांवों और कस्बों में मुर्गों, नींबू या अंडों का इस्तेमाल करके टोटका और तंत्र-मंत्र करने के मामले सुने और देखे हैं। लेकिन किसी वफादार और बेज़ुबान जानवर यानी कुत्तों की इस तरह से सामूहिक और क्रूर हत्या करके अंधविश्वास का खेल रचने की घटना से हर कोई पूरी तरह स्तब्ध और हैरान है। लोग यह सोचकर ही कांप उठते हैं कि इंसानी स्वार्थ और अंधविश्वास में छिपी हैवानियत किस हद तक गिर सकती है। कुत्तों के मुंह बांधकर उन्हें जिस बर्बरता से मौत के घाट उतारा गया, उससे यह भी आशंका जताई जा रही है कि इस घटना के पीछे किसी संगठित गिरोह या सिरफिरे तांत्रिक तत्वों का हाथ हो सकता है जो इलाके में अपनी किसी सिद्धि या टोटके के नाम पर जानवरों की बलि दे रहे हैं।

सवनूर के 4 गांवों में फैली दहशत: असामाजिक और तांत्रिक तत्वों से सहमे किसान

चूंकि यह घिनौनी और भयावह घटना मंतागानी, कलासुर, खत्तीमत्तूर और कल्लाकोटी गांवों को जोड़ने वाली तथा खेतों की ओर जाने वाली तीन मुख्य सड़कों के ठीक पास घटी है, इसलिए इसका असर सीधे तौर पर ग्रामीणों की दिनचर्या पर पड़ा है। सुबह-शाम खेतों में काम करने जाने वाले किसान अब अकेले निकलने से कतरा रहे हैं। ग्रामीणों को अब न केवल अपनी बल्कि अपने बच्चों और परिवारों की सुरक्षा की भी गहरी चिंता सताने लगी है। क्षेत्र में सक्रिय असामाजिक, आपराधिक और तांत्रिक तत्वों को लेकर लोगों के मन में गहरा खौफ बैठ गया है। ग्रामीणों का कहना है कि जो लोग तंत्र-मंत्र के नाम पर बेज़ुबान जानवरों की इतनी क्रूरता से जान ले सकते हैं, वे आने वाले समय में गांव के किसी इंसान या बच्चे के लिए भी बड़ा खतरा बन सकते हैं।

ग्रामीणों का उग्र आक्रोश: पुलिस से त्वरित जांच और दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग

इस घिनौने कृत्य की खबर जैसे ही पूरे सवनूर तालुक में फैली, ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। यह कृत्य किस मकसद से, किस रात और किसके द्वारा अंजाम दिया गया है, फिलहाल इसका सटीक पता नहीं चल पाया है। घटना से बेहद आक्रोशित और भयभीत ग्रामीणों ने तुरंत स्थानीय पुलिस प्रशासन को इसकी सूचना दी और मौके पर पहुंची पुलिस से गुहार लगाई है कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए त्वरित और गहनता से तफ्तीश की जाए। ग्रामीणों की मांग है कि इलाके के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगाला जाए, संदिग्ध तांत्रिकों और असामाजिक तत्वों से पूछताछ की जाए और इस बर्बरता को अंजाम देने वाले दोषियों की जल्द से जल्द पहचान कर उन्हें कानून के तहत सख्त से सख्त सजा दी जाए ताकि इलाके में शांति और सुरक्षा का माहौल फिर से बहाल हो सके।