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ग्रामीण डाक सेवकों की मौज डाक कर्मचारियों को अब मिलेगा 60% महंगाई भत्ता

DA Hike for GDS: भारतीय डाक विभाग में कार्यरत लाखों ग्रामीण डाक सेवकों (GDS) और डाक कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। केंद्र सरकार ने ग्रामीण डाक सेवकों के लिए महंगाई भत्ते (Dearness Allowance – DA) में जबरदस्त बढ़ोतरी का ऐलान किया है। नए आदेश के मुताबिक, अब इन कर्मचारियों को 60% की दर से महंगाई भत्ता दिया जाएगा। यह बढ़ोतरी जनवरी 2026 से प्रभावी मानी जाएगी, जिसका सीधा फायदा कर्मचारियों की मासिक आय और एरियर (Arrears) के रूप में देखने को मिलेगा।

महंगाई भत्ते में भारी उछाल: सीधे 50% से पहुंचा 60%

डाक विभाग द्वारा जारी आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, ग्रामीण डाक सेवकों के डीए में उल्लेखनीय वृद्धि की गई है। इससे पहले इन कर्मचारियों को 50% की दर से महंगाई भत्ता मिल रहा था, जिसे अब बढ़ाकर 60% कर दिया गया है। 10% की यह एकमुश्त बढ़ोतरी कर्मचारियों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने और बढ़ती महंगाई से राहत देने के उद्देश्य से की गई है।

सैलरी में कितनी होगी बढ़ोतरी? जानें गणित

इस बढ़ोतरी के बाद ग्रामीण डाक सेवकों की टेक-होम सैलरी में अच्छा इजाफा होगा। उदाहरण के तौर पर:

  • अगर किसी डाक सेवक की बेसिक सैलरी (TRCA) ₹12,000 है, तो पहले उन्हें ₹6,000 डीए मिलता था।

  • अब 60% की दर से उन्हें ₹7,200 डीए मिलेगा।

  • यानी उनकी कुल सैलरी में हर महीने सीधे ₹1,200 का इजाफा होगा। इसी तरह, सीनियर पदों पर कार्यरत डाक सेवकों को उनकी बेसिक सैलरी के आधार पर और भी अधिक लाभ मिलेगा। जनवरी से प्रभावी होने के कारण, कर्मचारियों को पिछले महीनों का बकाया (Arrears) भी एक साथ दिया जाएगा।

किन कर्मचारियों को मिलेगा लाभ?

महंगाई भत्ते की यह नई दरें सभी श्रेणियों के ग्रामीण डाक सेवकों पर लागू होंगी, जिनमें शामिल हैं:

  1. बीपीएम (Branch Postmaster)

  2. एबीपीएम (Assistant Branch Postmaster)

  3. डाक सेवक सरकार का यह फैसला डाक विभाग के उस कार्यबल के लिए मनोबल बढ़ाने वाला है जो ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में बैंकिंग और डाक सेवाएं पहुंचाने का महत्वपूर्ण कार्य करते हैं।

बजट 2026 और कर्मचारी कल्याण पर जोर

विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार का यह कदम 8वें वेतन आयोग की चर्चाओं के बीच कर्मचारियों को राहत देने की दिशा में एक बड़ा संकेत है। बढ़ती महंगाई को देखते हुए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के आधार पर यह संशोधन किया गया है। रेल और अन्य केंद्रीय विभागों के बाद अब डाक विभाग में इस बढ़ोतरी से अन्य राज्यों के कर्मचारियों में भी उम्मीदें जाग गई हैं।