
नौकरी बदलने या करियर में कुछ समय का ब्रेक लेने पर ज्यादातर कर्मचारी केवल अपने प्रोविडेंट फंड (PF) का बैलेंस ट्रांसफर करने या उसे निकालने पर ही ध्यान देते हैं। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के एकीकृत पोर्टल पर लॉगिन करके पीएफ पासबुक का स्टेटस चेक करना और ऑनलाइन क्लेम फाइल करना अब बेहद आसान हो चुका है, लेकिन इस पूरी प्रक्रिया में 90 प्रतिशत से अधिक नौकरीपेशा लोग एक बेहद महत्वपूर्ण दस्तावेज को पूरी तरह नजरअंदाज कर देते हैं। इस दस्तावेज का नाम है ‘स्कीम सर्टिफिकेट’ (Scheme Certificate)।
वित्तीय और पेंशन मामलों के विशेषज्ञों के अनुसार, लंबे समय में यह एक कागज आपके पीएफ फंड से भी कहीं अधिक मूल्यवान साबित होता है। यदि आप नौकरी छोड़ रहे हैं, दूसरी कंपनी ज्वाइन करने में वक्त है या किसी कारणवश कुछ साल के लिए काम से ब्रेक ले रहे हैं, तो स्कीम सर्टिफिकेट न लेना आपके बुढ़ापे की पेंशन को हमेशा के लिए खतरे में डाल सकता है।
ईपीएफओ के तहत हर महीने आपकी बेसिक सैलरी और महंगाई भत्ते (DA) का 12 प्रतिशत हिस्सा ईपीएफ में कटता है, और इतनी ही राशि नियोक्ता (कंपनी) द्वारा दी जाती है। कंपनी के इस 12 प्रतिशत अंशदान में से 8.33 प्रतिशत हिस्सा कर्मचारी पेंशन योजना यानी ईपीएस (EPS – Employee Pension Scheme, 1995) में जाता है, जबकि शेष 3.67 प्रतिशत ईपीएफ में जुड़ता है।
स्कीम सर्टिफिकेट ईपीएफओ द्वारा जारी किया जाने वाला एक आधिकारिक प्रमाणपत्र है, जो फॉर्म 10C के माध्यम से प्राप्त होता है। यह सर्टिफिकेट इस बात का पक्का कानूनी और प्रमाणित रिकॉर्ड होता है कि आपने कितने वर्षों और महीनों तक ईपीएस में योगदान दिया है। सरल शब्दों में कहें तो यह आपकी पेंशन सेवा अवधि (Pensionable Service Period) को सुरक्षित रखने वाली एक पासबुक है।
जब आप एक कंपनी छोड़कर दूसरी कंपनी में जाते हैं, तो आमतौर पर ऑनलाइन पोर्टल से आपका पीएफ बैलेंस ट्रांसफर हो जाता है। लेकिन कई मामलों में—विशेष रूप से जब पिछली और नई कंपनी के ट्रस्ट अलग हों, बीच में सर्विस ब्रेक आ जाए, या आप तुरंत कोई नई नौकरी ज्वाइन न कर रहे हों—पेंशन का सर्विस रिकॉर्ड अधूरा रह जाता है।
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पेंशन के लिए 10 साल की अनिवार्य शर्त: ईपीएस नियमों के अनुसार, 58 वर्ष की आयु के बाद आजीवन मासिक पेंशन पाने के लिए किसी भी कर्मचारी का कुल सेवा काल (Total Service) कम से कम 10 वर्ष (120 महीने) होना अनिवार्य है।
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सर्विस पीरियड का क्लब होना: यदि आपने पहली कंपनी में 4 साल काम किया और दूसरी में 6 साल, तो इन दोनों अवधियों को जोड़ने के लिए पेंशन रिकॉर्ड का ट्रांसफर होना जरूरी है। स्कीम सर्टिफिकेट पिछली सर्विस को नई सर्विस के साथ जोड़ता है।
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रिकॉर्ड खोने से बचाव: यदि बीच में कंपनी बंद हो जाए या उसका रिकॉर्ड ईपीएफओ पोर्टल पर मिसमैच हो जाए, तो स्कीम सर्टिफिकेट आपके पास मौजूद ठोस कानूनी साक्ष्य होता है जिसके आधार पर ईपीएफओ आपकी पुरानी सर्विस को खारिज नहीं कर सकता।
ईपीएस नियमों के तहत नौकरी छोड़ने पर सर्विस की अवधि के आधार पर नियम पूरी तरह बदल जाते हैं:
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10 साल से कम की सेवा (Service Less than 9.5 Years): यदि आपकी कुल सेवा 9.5 साल से कम है और आप बेरोजगार हैं, तो आपके पास दो विकल्प होते हैं—या तो फॉर्म 10C भरकर पेंशन का पैसा एकमुश्त विड्रॉ (Withdraw) कर लें, या फिर ‘स्कीम सर्टिफिकेट’ ले लें। जानकारों की सलाह होती है कि कभी भी पेंशन का पैसा बीच में न निकालें, बल्कि स्कीम सर्टिफिकेट लें ताकि भविष्य में जब भी नई नौकरी लगे, यह अवधि अगली नौकरी में जुड़ सके और आप 10 साल की पात्रता पूरी कर सकें।
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10 साल से अधिक की सेवा (Service 10 Years or More): यदि आपकी कुल सेवा 10 साल पूरी हो चुकी है, तो नियम के तहत आप ईपीएस से पैसा निकाल ही नहीं सकते। ऐसी स्थिति में स्कीम सर्टिफिकेट लेना कानूनन अनिवार्य हो जाता है। यह सर्टिफिकेट इस बात की गारंटी देता है कि 50 या 58 वर्ष की आयु पूरी होने पर आपको आजीवन पेंशन मिलेगी।
स्कीम सर्टिफिकेट केवल कर्मचारी के लिए ही नहीं, बल्कि उसके परिवार के लिए भी एक बड़ा ढाल है।
यदि किसी कारणवश कर्मचारी के साथ कोई अनहोनी हो जाती है, तो वैध स्कीम सर्टिफिकेट होने पर उसके आश्रित जीवनसाथी (विधवा/विधुर पेंशन) और दो बच्चों (25 वर्ष की उम्र तक) को तुरंत पारिवारिक पेंशन (Family Pension) मिलने लगती है। यदि कर्मचारी ने नौकरी छोड़ने के बाद पेंशन का पैसा निकाल लिया होता और नई नौकरी में सर्विस नहीं जोड़ी होती, तो परिवार इस आजीवन सुरक्षा कवच से पूरी तरह वंचित रह जाता।
स्कीम सर्टिफिकेट प्राप्त करने की प्रक्रिया पूरी तरह व्यवस्थित है और इसे ऑनलाइन व ऑफलाइन दोनों माध्यमों से लिया जा सकता है:
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फॉर्म 10C का उपयोग: ईपीएफओ के एकीकृत सदस्य सेवा पोर्टल (Member Portal) पर जाएं।
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ऑनलाइन क्लेम: ‘Online Services’ टैब के तहत ‘Claim (Form-31, 19, 10C & 10D)’ पर क्लिक करें।
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विकल्प का चयन: जब फॉर्म 10C का चयन करें, तो ‘Withdrawal Benefit’ चुनने के बजाय ‘Scheme Certificate’ का विकल्प चुनें।
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दस्तावेज: अपने बैंक खाते का कैंसिल्ड चेक, सर्विस हिस्ट्री और परिवार/नॉमिनी का विवरण सबमिट करें।
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सर्टिफिकेट प्राप्ति: सत्यापन के बाद संबंधित क्षेत्रीय ईपीएफओ कार्यालय द्वारा आपके पंजीकृत पते पर भौतिक सर्टिफिकेट भेजा जाता है या पोर्टल से डिजिटल रूप से जारी किया जाता है।
नई कंपनी में ज्वाइन करते समय आपको केवल इस स्कीम सर्टिफिकेट का नंबर और कॉपी नए एचआर को देनी होती है, जिससे आपकी पुरानी पेंशन सेवा बिना किसी रुकावट के नए यूएएन (UAN) खाते से सीधे जुड़ जाती है।
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