ITR फाइल करने के बाद ये काम नहीं किया, तो बेकार हो जाएगी सारी मेहनत! जानें क्या है नियम

अगर आपने अपना इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल कर दिया है, तो आपका काम अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। रिटर्न जमा करना टैक्स प्रक्रिया का सिर्फ पहला कदम है। आयकर विभाग के नियमों के अनुसार रिटर्न जमा करने के बाद उसे वेरिफाई करना भी उतना ही जरूरी है। जब तक आप अपनी ITR को वेरिफाई नहीं करते, तब तक आयकर विभाग उस पर कोई कार्रवाई नहीं करता और आपका रिफंड भी अटक सकता है।

ITR वेरिफाई करना क्यों है इतना जरूरी?

रिटर्न फाइल करने के बाद आयकर विभाग को आपकी जानकारी मिल जाती है, लेकिन इसकी असल प्रोसेसिंग आपके वेरिफिकेशन के बाद ही शुरू होती है। एक अगस्त 2022 से आयकर विभाग ने वेरिफिकेशन की समय सीमा को घटाकर सिर्फ 30 दिन कर दिया है, जो पहले 120 दिन हुआ करती थी। अगर आप इस 30 दिन की डेडलाइन के अंदर अपना रिटर्न वेरिफाई नहीं करते हैं, तो आपकी ITR इनवैलिड यानी अमान्य घोषित कर दी जाएगी। इसका मतलब है कि आपको फिर से लेट फीस के साथ रिटर्न भरना पड़ सकता है।

ऑनलाइन ITR वेरिफाई करने के 5 आसान तरीके

आज के समय में वेरिफिकेशन के लिए आपको कहीं जाने की जरूरत नहीं है, ई-वेरिफिकेशन सबसे तेज और सुरक्षित तरीका है। आप आधार ओटीपी के जरिए इसे सबसे आसानी से कर सकते हैं। अगर आपका मोबाइल नंबर आधार से लिंक है, तो ओटीपी डालकर मिनटों में वेरिफिकेशन हो जाएगा। इसके अलावा, अगर आपका बैंक या डीमैट अकाउंट ई-फाइलिंग पोर्टल पर पहले से वैलिडेट है, तो आप इलेक्ट्रॉनिक वेरिफिकेशन कोड (EVC) जनरेट करके भी काम पूरा कर सकते हैं। अधिकृत बैंकों की नेट बैंकिंग के जरिए सीधे लॉगिन करके भी बिना ओटीपी के ITR वेरिफाई किया जा सकता है। वहीं, बड़े व्यवसायी और प्रोफेशनल्स डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट (DSC) का इस्तेमाल करके भी ई-वेरिफिकेशन कर सकते हैं।

वेरिफिकेशन पूरा हुआ या नहीं, कैसे पता चलेगा?

जैसे ही आपका ई-वेरिफिकेशन सफलतापूर्वक पूरा हो जाता है, आपकी स्क्रीन पर एक सक्सेस मैसेज और ट्रांजैक्शन आईडी दिखने लगेगी। इसके साथ ही आपके रजिस्टर्ड ईमेल आईडी पर आयकर विभाग की तरफ से एक कन्फर्मेशन ईमेल भी आ जाएगा, जिससे आप निश्चिंत हो सकते हैं कि आपका वेरिफिकेशन सफलतापूर्वक पूरा हो गया है।

ऑफलाइन वेरिफिकेशन का भी है विकल्प

जो लोग ऑनलाइन प्रक्रिया से नहीं जुड़ना चाहते, उनके लिए ऑफलाइन का रास्ता भी खुला है। इसके लिए आपको ITR-V रसीद का प्रिंट आउट निकालकर उस पर अपने हस्ताक्षर करने होंगे और 30 दिनों के भीतर इसे सेंट्रलाइज्ड प्रोसेसिंग सेंटर (CPC), बेंगलुरु के पते पर भेजना होगा। हालांकि, ई-वेरिफिकेशन ज्यादा बेहतर माना जाता है क्योंकि इसमें डाक के खोने या देरी होने का कोई जोखिम नहीं रहता।