
तेहरान/नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में पिछले दो महीनों से जारी भारी तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में मची हलचल के बीच ईरान ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने स्पष्ट किया है कि ईरान अब किसी की शर्तों पर झुकने वाला देश नहीं है, बल्कि वह खुद एक ‘सुपरपावर’ है। ‘द हिंदू’ को दिए एक विशेष इंटरव्यू में बघाई ने अमेरिकी वर्चस्व को सीधी चुनौती देते हुए भारत के साथ अपने ऐतिहासिक और अटूट रिश्तों की भी जमकर तारीफ की।
“दो परमाणु शक्तियों के सामने खड़ा होना ही सुपरपावर होने का सबूत”
इंटरव्यू के दौरान जब बघाई से पूछा गया कि अमेरिका जैसी महाशक्ति के सामने ईरान अपनी स्थिति क्या देखता है, तो उन्होंने बेबाकी से जवाब दिया। बघाई ने कहा, “जो देश अपनी संप्रभुता और सम्मान की रक्षा के लिए दो परमाणु संपन्न देशों (अमेरिका और इजरायल) के खिलाफ मजबूती से खड़ा रहा, यह अपने आप में इस बात का प्रमाण है कि उसे सुपरपावर माना जाना चाहिए।” उन्होंने साफ किया कि ईरान अपनी रक्षा नीतियों और क्षेत्रीय हितों से कोई समझौता नहीं करेगा।
भारत के साथ रिश्तों पर गर्व: “भारतीय जहाजों पर कोई टैक्स नहीं”
ईरानी प्रवक्ता ने भारत को ईरान का सबसे भरोसेमंद और करीबी दोस्त बताया। हाल के दिनों में होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर ‘संभावित शुल्क’ की खबरों को सिरे से खारिज करते हुए उन्होंने बड़ी राहत दी।
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कोई शुल्क नहीं: बघाई ने स्पष्ट किया कि भारत से आने-जाने वाले जहाजों पर कोई टैक्स लगाने की योजना नहीं है।
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साझा विरासत: उन्होंने कहा, “हमें भारत के साथ अपने ऐतिहासिक संबंधों पर गर्व है। दोनों देश गुटनिरपेक्ष आंदोलन (NAM) का हिस्सा रहे हैं और वर्तमान सरकारें इन रिश्तों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
शांति वार्ता और अमेरिकी प्रस्ताव पर सस्पेंस
अमेरिका और ईरान के बीच चल रही पर्दे के पीछे की बातचीत पर बघाई ने कहा कि संवाद तो जारी है, लेकिन दोनों पक्षों के बीच ‘भरोसे की भारी कमी’ एक बड़ी बाधा है।
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शांति प्रस्ताव: ईरान द्वारा भेजे गए 40-सूत्रीय शांति प्रस्ताव के जवाब में अमेरिका ने अपना नया प्रस्ताव भेजा है।
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पाकिस्तान की भूमिका: बघाई ने बताया कि ईरानी अधिकारी फिलहाल अमेरिकी प्रस्ताव का बारीकी से अध्ययन कर रहे हैं, जिसके बाद अपना जवाब मध्यस्थता कर रहे पाकिस्तानी दूतों को सौंपा जाएगा।
सुरक्षा के नाम पर अंतरराष्ट्रीय कानूनों का हवाला
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में बढ़ती सैन्य गतिविधि और जहाजों की जांच को लेकर बघाई ने कहा कि ईरान किसी देश को निशाना नहीं बना रहा है। उन्होंने तर्क दिया कि ईरान जो भी कदम उठा रहा है, वे अंतरराष्ट्रीय कानूनों के दायरे में हैं और केवल अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हैं।
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