बेंगलुरु से वाराणसी जा रही इंडिगो की एक फ्लाइट में उस वक्त भारी अफरा-तफरी मच गई, जब एक सिरफिरे यात्री ने हवा में उड़ते विमान का इमरजेंसी दरवाजा (Emergency Exit) खोलने की कोशिश की। यह खतरनाक हरकत एक बार नहीं, बल्कि दो बार की गई, जिससे विमान में सवार यात्रियों और क्रू मेंबर्स की जान सांसत में पड़ गई। यह घटना 28 मार्च की रात फ्लाइट संख्या 6E 185 में हुई। गनीमत रही कि केबिन क्रू की मुस्तैदी से एक बड़ा हादसा टल गया और विमान को सुरक्षित वाराणसी एयरपोर्ट पर लैंड कराया गया।
लैंडिंग से ठीक पहले दोबारा की कोशिश
सूत्रों के मुताबिक, आरोपी यात्री ने पहली बार बीच उड़ान (Mid-air) के दौरान इमरजेंसी एग्जिट के साथ छेड़छाड़ की। क्रू मेंबर्स ने उसे तुरंत चेतावनी दी, लेकिन हद तो तब हो गई जब विमान वाराणसी के लाल बहादुर शास्त्री अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरने के लिए ‘फाइनल अप्रोच’ (लैंडिंग के आखिरी चरण) में था, तभी उसने दूसरी बार दरवाजा खोलने का प्रयास किया। इस हरकत से विमान के अंदर चीख-पुकार मच गई, लेकिन क्रू ने मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) का पालन करते हुए स्थिति को काबू में कर लिया।
हवाई अड्डे पर सुरक्षा घेरे में लिया गया आरोपी
रात करीब 10:35 बजे जैसे ही विमान रनवे पर सुरक्षित उतरा, सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत मोर्चा संभाल लिया। यात्री की इन हरकतों के बावजूद पायलट को विमान दोबारा ऊपर ले जाने (Go-around) की जरूरत नहीं पड़ी। लैंडिंग के बाद सीआईएसएफ (CISF) और हवाई अड्डा सुरक्षा कर्मियों ने आरोपी को अपनी हिरासत में ले लिया। एयरलाइन ने इस घटना की आधिकारिक रिपोर्ट दर्ज कराई है और यात्री के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
पूछताछ में आरोपी का अजीबोगरीब तर्क
पकड़े गए आरोपी की पहचान मोहम्मद अदनान के रूप में हुई है, जो उत्तर प्रदेश के मऊ जिले का निवासी है। पुलिस और खुफिया एजेंसियों (ATS व IB) की पूछताछ में अदनान ने एक हैरान करने वाला दावा किया। उसने बताया कि वह गोवा से घूमकर लौट रहा था और उसे “जानकारी नहीं थी कि किसी बटन को दबाने से विमान का दरवाजा खुल सकता है।” हालांकि, पुलिस ने उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है और यह जांच की जा रही है कि क्या यह महज अनजाने में हुई गलती थी या कोई सोची-समझी साजिश।
हवाई सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल
इस घटना ने एक बार फिर विमान के भीतर यात्रियों के अनुशासन और सुरक्षा प्रोटोकॉल पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इमरजेंसी एग्जिट के साथ ऐसी छेड़छाड़ न केवल विमान के दबाव (Pressure) को प्रभावित कर सकती है, बल्कि पूरी फ्लाइट के लिए जानलेवा साबित हो सकती है। फिलहाल आरोपी जेल की सलाखों के पीछे है और नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) को भी इस मामले की विस्तृत रिपोर्ट भेजी गई है।
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