
देश की राजधानी नई दिल्ली में स्वतंत्रता दिवस के राष्ट्रीय पर्व की तैयारियों के बीच सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अचानक हड़कंप मच गया। 15 अगस्त के ऐतिहासिक समारोह से ठीक पहले दिल्ली के कई अति-संवेदनशील और वीवीआईपी ठिकानों को बम से उड़ाने की धमकी भरे ईमेल प्राप्त हुए हैं। जिन प्रमुख स्थानों को निशाना बनाने की धमकी दी गई, उनमें दिल्ली हाईकोर्ट, इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (IGI Airport) टर्मिनल 3, लाल किला क्षेत्र और विभिन्न सरकारी प्रशासनिक कार्यालय शामिल हैं। इन धमकी भरे संदेशों के सामने आते ही दिल्ली पुलिस, केंद्रीय खुफिया एजेंसियां, बम निरोधक दस्ता (BDDS), डॉग स्क्वॉड और दिल्ली फायर सर्विस की टीमें तुरंत हाई अलर्ट मोड पर आ गईं।
धमकी भरे ईमेल में क्या था और किन ठिकानों को बनाया गया निशाना?
प्राप्त आधिकारिक जानकारियों के अनुसार, शुक्रवार सुबह अज्ञात स्रोतों से सरकारी तंत्र और अदालती कार्यालयों को ईमेल भेजे गए थे। दिल्ली हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल कार्यालय, आईजीआई एयरपोर्ट के टर्मिनल 3, जामनगर हाउस, झंडेवालान स्थित कार्यालय, साकेत एसडीएम कार्यालय और दिल्ली कैंट एसडीएम दफ्तर को इन धमकियों में सीधे तौर पर चिन्हित किया गया था। ईमेल में विशिष्ट समय का उल्लेख करते हुए अदालत परिसर और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर सिलसिलेवार धमाके करने की चेतावनी दी गई थी। इसके अतिरिक्त, संदेश में अलगाववादी विचारधारा और विवादित संदर्भों का उल्लेख करते हुए स्वतंत्रता दिवस के आयोजनों को बाधित करने का दावा किया गया था।
सुरक्षा एजेंसियों की त्वरित कार्रवाई और सर्च ऑपरेशन
धमकी भरे संदेशों की सूचना मिलते ही राजधानी के चप्पे-चप्पे पर सघन तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया। दिल्ली पुलिस के विशेष दस्तों ने डॉग स्क्वॉड और आधुनिक मेटल डिटेक्टर्स की मदद से दिल्ली हाईकोर्ट के पूरे परिसर, अदालती कमरों, पार्किंग क्षेत्रों और प्रशासनिक भवनों की गहन जांच की। इसी प्रकार, इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सुरक्षा एजेंसियों और सीआईएसएफ (CISF) ने सुरक्षा के स्तर को कई गुना बढ़ाते हुए यात्रियों के सामान, कार्गो टर्मिनल और सार्वजनिक क्षेत्रों की बहुस्तरीय जांच सुनिश्चित की। घंटों चले सघन तलाशी अभियान के बाद अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि किसी भी स्थान से कोई संदिग्ध या विस्फोटक सामग्री बरामद नहीं हुई है और प्रारंभिक तौर पर यह एक सुनियोजित ‘होक्स’ यानी फर्जी धमकी प्रतीत होती है।
लाल किले पर अभेद्य सुरक्षा चक्र और दिल्ली में कड़ा पहरा
स्वतंत्रता दिवस के मुख्य समारोह स्थल लाल किले और उसके आसपास के पूरे इलाके को पहले से ही एक मजबूत सुरक्षा किले में तब्दील कर दिया गया है। प्रधानमंत्री के राष्ट्र के नाम संबोधन और हजारों गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति को देखते हुए राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। लाल किला, राजघाट, इंडिया गेट, संसद भवन और केंद्रीय सचिवालय के आसपास ड्रोन रोधी प्रणाली (Anti-Drone Systems), स्नाइपर्स और फेशियल रिकॉग्निशन तकनीक से लैस हाई-डेफिनिशन सीसीटीवी कैमरे सक्रिय किए गए हैं। दिल्ली की सभी अंतरराज्यीय सीमाओं, टोल प्लाजा और चेक पोस्टों पर प्रत्येक वाहन की कड़ी चेकिंग की जा रही है ताकि किसी भी अवांछित गतिविधि को समय रहते विफल किया जा सके।
साइबर सेल की जांच और आईपी एड्रेस की ट्रैकिंग
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और साइबर क्राइम यूनिट ने ईमेल भेजने वालों का सुराग लगाने के लिए तकनीकी जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि ईमेल भेजने के लिए प्रॉक्सी सर्वर और वीपीएन (VPN) नेटवर्क का इस्तेमाल किया गया हो सकता है। सुरक्षा एजेंसियां विदेशी डोमेन और संदिग्ध आईपी एड्रेस की गहन पड़ताल कर रही हैं। दिल्ली पुलिस ने राजधानी के सभी नागरिकों और यात्रियों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें, संयम बनाए रखें और किसी भी लावारिस वस्तु अथवा संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत निकटतम पुलिस नियंत्रण कक्ष को दें।
girls globe