
वैश्विक मोर्चे पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिका-ईरान युद्ध के गहराते संकट के बीच भारतीय शेयर बाजार के लिए आज यानी गुरुवार का दिन बेहद चुनौतीपूर्ण साबित होने वाला है। घरेलू शेयर बाजार (Sensex-Nifty) की शुरुआत आज भारी कमजोरी के साथ होने के साफ संकेत मिल रहे हैं। दुनिया भर के बाजारों में मची चौतरफा बिकवाली, आसमान छूती कच्चे तेल की कीमतों और लगातार बढ़ती महंगाई की चिंताओं ने निवेशकों की रातों की नींद उड़ा दी है। बाजार के जानकारों का मानना है कि आज भारतीय शेयर बाजार पर अमेरिका-ईरान वार्ता के घटनाक्रम, क्रूड ऑयल की चाल, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की आक्रामक बिकवाली और रिजर्व बैंक (RBI) की आगामी मौद्रिक नीति का सीधा और गहरा असर देखने को मिलेगा।
लगातार दूसरे दिन दबाव में बंद हुआ बाजार, सेंसेक्स-निफ्टी में गिरावट
इससे पहले बुधवार को भी घरेलू शेयर बाजार में लगातार दूसरे दिन तगड़ा दबाव देखने को मिला था। कल के कारोबारी सत्र में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सूचकांक सेंसेक्स (Sensex) 303.67 अंक यानी 0.41% की गिरावट के साथ 74,346.17 के स्तर पर बंद हुआ था। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 77.95 अंक (0.33%) टूटकर 23,405.60 के स्तर पर क्लोज हुआ था। मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के रिटेल रिसर्च हेड सिद्धार्थ खेमका के अनुसार, बाजार में आ रही यह लगातार गिरावट साफ दर्शाती है कि हमारा घरेलू बाजार अब वैश्विक और भू-राजनीतिक (Geo-political) संकटों के प्रति बहुत ज्यादा संवेदनशील हो चुका है।
गिफ्ट निफ्टी ने दिए क्रैश होने के संकेत, एशियाई बाजारों में भी मची बिकवाली
गुरुवार की सुबह वैश्विक बाजारों से जो संकेत मिल रहे हैं, वे भारतीय निवेशकों को डराने वाले हैं। सिंगापुर एक्सचेंज पर गिफ्टी निफ्टी (Gift Nifty) करीब 23,346 के स्तर पर कारोबार करता नजर आया, जो निफ्टी फ्यूचर्स के पिछले बंद स्तर से लगभग 170 अंक नीचे है। इससे साफ है कि आज दलाल स्ट्रीट की शुरुआत लाल निशान के साथ होने जा रही है। दूसरी ओर, एशियाई बाजारों में भी आज सुबह से ही भारी बिकवाली का माहौल है। जापान का बेंचमार्क इंडेक्स निक्केई 225 (Nikkei 225) करीब 1.4% तक टूट गया, जबकि टॉपिक्स इंडेक्स में 0.9% से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा दक्षिण कोरिया का कोस्पी (Kospi) भी लगभग 2% तक नीचे लुढ़क गया है और हांगकांग के बाजारों से भी बेहद कमजोर संकेत मिल रहे हैं।
अमेरिकी वॉल स्ट्रीट में भारी गिरावट, एनवीडिया और एप्पल जैसे टेक दिग्गज धराशायी
अमेरिकी शेयर बाजारों में भी बुधवार रात को भयंकर बिकवाली देखने को मिली। प्रमुख अमेरिकी इंडेक्स डॉऊ जोंस (Dow Jones) 620 अंकों की भारी गिरावट के साथ बंद हुआ। वहीं एसएंडपी 500 (S&P 500) में 0.74% और टेक-हैवी नैस्डैक (Nasdaq) में 0.89% की बड़ी गिरावट दर्ज की गई। वैश्विक अनिश्चितता के चलते दुनिया की दिग्गज टेक कंपनियों के शेयरों में भारी बिकवाली हुई, जिसमें एनवीडिया (Nvidia), माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft), एप्पल (Apple) और एएमडी (AMD) जैसी दिग्गज कंपनियों के शेयर दबाव में टूटकर बंद हुए।
अमेरिका-ईरान वार्ता पर टिकी निगाहें, डोनाल्ड ट्रंप के बयान से उम्मीद
इस समय पूरी दुनिया और वित्तीय बाजारों की नजरें अमेरिका और ईरान के बीच चल रही तनातनी पर टिकी हुई हैं। ईरान के विदेश मंत्री ने हाल ही में बयान दिया है कि युद्ध को समाप्त करने और शांति बहाली को लेकर अभी तक कोई ठोस या बड़ी प्रगति नहीं हो सकी है। हालांकि, दूसरी ओर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक सकारात्मक संकेत देते हुए कहा है कि इस सप्ताह के अंत (सप्ताहांत) तक दोनों देशों के बीच कोई महत्वपूर्ण और बड़ा समझौता निकल सकता है। इस बयान के बाद निवेशकों में थोड़ी उम्मीद जरूर जगी है।
FII ने बेचे ₹5,616 करोड़ के शेयर, सुरक्षित निवेश की ओर भागे लोग
बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने बुधवार को भारतीय शेयर बाजार से ₹5,616.56 करोड़ की शुद्ध नकदी बाहर निकाल ली, जिससे बाजार पर दबाव बहुत ज्यादा बढ़ गया। हालांकि, इस भारी बिकवाली के बीच घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने ₹5,740.89 करोड़ के शेयरों की खरीदारी कर बाजार को पूरी तरह क्रैश होने से बचाने का प्रयास किया। वैश्विक संकट के इस माहौल में निवेशकों ने शेयर बाजार से पैसा निकालकर सुरक्षित निवेश विकल्पों का रुख किया है, जिसके चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 0.4% की तेजी के साथ 4,450 डॉलर प्रति औंस के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। वहीं, कच्चे तेल की बात करें तो ब्रेंट क्रूड 0.69% की मामूली नरमी के साथ 97.14 डॉलर प्रति बैरल और अमेरिकी डब्ल्यूटीआई (WTI) क्रूड 95.4 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है।
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