
सनातन धर्म और वास्तु शास्त्र में पवनपुत्र हनुमान जी को संकटमोचन, बल, बुद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का परम स्रोत माना गया है। घर में हनुमान जी की तस्वीर या प्रतिमा स्थापित करने से शनि दोष, मंगल दोष, भूत-पिशाच बाधा और वास्तु दोषों से मुक्ति मिलती है। हालांकि, वास्तु शास्त्र के अनुसार हनुमान जी की हर मुद्रा का अलग प्रभाव होता है और उनकी तस्वीर को सही दिशा व सही स्थान पर लगाना अत्यंत आवश्यक है। यदि गलत दिशा या अनुचित मुद्रा वाली तस्वीर लगा दी जाए, तो घर में ऊर्जा का संतुलन बिगड़ सकता है। आइए जानते हैं कि वास्तु के अनुसार घर के लिए हनुमान जी की कौन सी तस्वीर सबसे शुभ मानी जाती है और उसे किस दिशा में स्थापित करना चाहिए।
घर में किस दिशा में लगाएं हनुमान जी की तस्वीर?
वास्तु शास्त्र में हनुमान जी की तस्वीर लगाने के लिए सबसे उपयुक्त और शक्तिशाली दिशा दक्षिण दिशा (South Direction) को माना गया है।
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दक्षिण मुखी दीवार: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, हनुमान जी ने अपनी शक्तियों का सबसे बड़ा प्रदर्शन दक्षिण दिशा (लंका) की ओर किया था। साथ ही, दक्षिण को यम की दिशा माना जाता है, इसलिए दक्षिण दिशा में बैठी हुई या पहरा देती मुद्रा में हनुमान जी का चित्र लगाने से नकारात्मक ऊर्जा, अकाल मृत्यु का भय और बुरी शक्तियां घर में प्रवेश नहीं कर पातीं।
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उत्तर दिशा (North Direction): यदि उत्तर दिशा में हनुमान जी की तस्वीर लगाई जाए (जिसमें उनका मुख दक्षिण की ओर हो), तो इसे ‘उत्तर मुखी हनुमान’ कहा जाता है। यह दिशा सुख, समृद्धि और आरोग्य की वृद्धि के लिए शुभ फलदायी मानी जाती है।
हनुमान जी की कौन सी मुद्रा वाली तस्वीर लगाना है सबसे शुभ?
अलग-अलग मनोकामनाओं और घर के वातावरण के अनुसार हनुमान जी के विभिन्न स्वरूपों की तस्वीरें लगाना अत्यंत लाभकारी होता है:
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1. पंचमुखी हनुमान जी (Panchmukhi Hanuman): घर के मुख्य द्वार (Main Entrance) के ठीक ऊपर या लिविंग रूम में पंचमुखी हनुमान जी की तस्वीर लगाना सर्वोत्तम माना जाता है। इनके पांचों मुख (वानर, नरसिंह, गरुड़, वराह और हयग्रीव) मिलकर सभी दिशाओं से आने वाली नकारात्मक ऊर्जा, तंत्र-मंत्र और बुरी नजर को नष्ट कर घर की रक्षा करते हैं।
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2. श्री राम का कीर्तन या ध्यान करते हुए हनुमान जी: यदि परिवार के सदस्यों के बीच अक्सर मनमुटाव या तनाव रहता है, तो घर में प्रभु श्री राम की भक्ति में लीन या करताल बजाते हुए हनुमान जी की तस्वीर लगाएं। इससे घर में शांति, सौहार्द और परस्पर प्रेम बढ़ता है।
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3. पर्वत (संजीवनी बूटी) उठाए हुए हनुमान जी: हाथ में द्रोणागिरी पर्वत उठाए हनुमान जी की तस्वीर परिवार के सदस्यों में आत्मविश्वास, साहस, नई ऊर्जा और कठिन से कठिन परिस्थितियों से बाहर निकलने का बल प्रदान करती है।
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4. आकाश में उड़ते हुए हनुमान जी: व्यापार, करियर या पढ़ाई में लगातार अड़चनें आ रही हों, तो उड़ती हुई मुद्रा में हनुमान जी की तस्वीर लगाने से प्रगति के नए रास्ते खुलते हैं और कार्यों में बिना रुकावट सफलता मिलती है।
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5. लाल रंग की बैठी हुई शांत मुद्रा: पूजा घर या बैठक कक्ष में लाल/सिंदूरी रंग के वस्त्रों में बैठी हुई मुद्रा वाली तस्वीर स्थापित करने से घर की सभी मानसिक व आर्थिक उलझनें दूर होती हैं।
भूलकर भी न लगाएं ऐसी तस्वीरें: इन नियमों का रखें ध्यान
वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर के भीतर कुछ विशेष प्रकार की तस्वीरें लगाने से पूर्णतः परहेज करना चाहिए:
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क्रोधित या युद्ध मुद्रा वाली तस्वीर: लंका दहन करते हुए, राक्षसों का वध करते हुए या अत्यंत रौद्र/क्रोधित चेहरे वाली तस्वीर घर के भीतर न लगाएं, क्योंकि इससे घर में कलह और उग्रता बढ़ सकती है।
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छाती चीरते हुए स्वरूप: ऐसी तस्वीर जिसमें हनुमान जी अपनी छाती चीरकर श्री राम-जानकी के दर्शन करा रहे हों, उसे घर के मंदिर या दीवारों पर लगाने से बचना चाहिए।
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बेडरूम और किचन में न लगाएं: हनुमान जी बाल ब्रह्मचारी हैं, इसलिए उनकी तस्वीर या मूर्ति को कभी भी बेडरूम (शयनकक्ष), सीढ़ियों के नीचे, किचन या बाथरूम के आसपास न लगाएं। तस्वीर केवल पूजा घर, लिविंग रूम या मुख्य द्वार पर ही लगाएं।
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