सचिन तेंदुलकर के साथ किया था डेब्यू, वकार यूनुस से हुई थी तुलना अंधेरे में है यह दिग्गज भारतीय पेसर

क्रिकेट की दुनिया जितनी चकाचौंध भरी दिखती है, इसके पीछे का संघर्ष उतना ही स्याह और दर्दनाक हो सकता है। 15 नवंबर 1989 का वह ऐतिहासिक दिन तो सबको याद है जब ‘मास्टर ब्लास्टर’ सचिन तेंदुलकर ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखा था। लेकिन क्या आपको याद है कि उसी कराची टेस्ट में एक और भारतीय तेज गेंदबाज ने डेब्यू किया था? जिसे भविष्य का ‘कपिल देव’ कहा जा रहा था, वह आज डिप्रेशन (अवसाद) जैसी गंभीर बीमारी से जंग लड़ रहा है। हम बात कर रहे हैं सलिल अंकोला की।

सचिन और वकार के साथ शुरू हुआ था सफर

साल 1989 का पाकिस्तान दौरा भारतीय क्रिकेट इतिहास के लिए मील का पत्थर माना जाता है। इसी दौरे पर सचिन तेंदुलकर और पाकिस्तान के महान गेंदबाज वकार यूनुस ने पदार्पण किया था। इनके साथ ही महाराष्ट्र के लंबे-चौड़े कद के तेज गेंदबाज सलिल अंकोला ने भी अपना पहला टेस्ट मैच खेला। अपनी रफ्तार और सटीक लाइन-लेंथ से उन्होंने सबको प्रभावित किया था, लेकिन किसे पता था कि यह उनका पहला और आखिरी टेस्ट मैच साबित होगा।

चोट और किस्मत ने फेरा उम्मीदों पर पानी

सलिल अंकोला का क्रिकेट करियर चोटों की भेंट चढ़ गया। उन्होंने भारत के लिए 20 वनडे मैच भी खेले और 1996 के विश्व कप टीम का हिस्सा भी रहे। हालांकि, उनके पैर की हड्डियों में ट्यूमर (Osteoid Osteoma) विकसित होने के कारण उन्हें क्रिकेट को अलविदा कहना पड़ा। क्रिकेट छूटने के बाद उन्होंने हार नहीं मानी और ग्लैमर की दुनिया यानी बॉलीवुड का रुख किया। ‘कुरुक्षेत्र’ जैसी फिल्मों और ‘श्श… कोई है’ जैसे चर्चित टीवी सीरियल्स के जरिए उन्होंने घर-घर में पहचान बनाई।

सफलता के शिखर से अवसाद की गर्त तक

हालिया रिपोर्टों के अनुसार, सलिल अंकोला इन दिनों मानसिक स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याओं से जूझ रहे हैं। उन्होंने खुद सोशल मीडिया के जरिए संकेत दिए हैं कि वह डिप्रेशन का शिकार हैं। एक खिलाड़ी जिसने मैदान पर दुनिया के दिग्गज बल्लेबाजों का सामना किया और फिर कैमरे के सामने अपनी कला का प्रदर्शन किया, उसका इस तरह मानसिक रूप से टूटना प्रशंसकों के लिए चिंता का विषय है। इससे पहले भी सलिल शराब की लत और पारिवारिक समस्याओं के कारण चर्चा में रहे थे, जिससे उबरने के लिए उन्हें रिहैब सेंटर तक जाना पड़ा था।

क्रिकेट जगत कर रहा है वापसी की दुआ

सलिल अंकोला हाल ही में मुंबई क्रिकेट टीम के मुख्य चयनकर्ता भी रहे थे, लेकिन वर्तमान में उनकी स्थिति ने सबको झकझोर दिया है। डिप्रेशन एक ऐसी बीमारी है जो किसी भी मजबूत इंसान को अंदर से खोखला कर सकती है। खेल जगत और उनके प्रशंसक सोशल मीडिया पर उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं। सलिल की कहानी हमें सिखाती है कि मानसिक स्वास्थ्य उतना ही महत्वपूर्ण है जितना कि शारीरिक फिटनेस।