GST कलेक्शन ने रचा नया इतिहास: जून में ₹1.95 लाख करोड़ की बंपर कमाई से सरकार गदगद

भारतीय अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर एक बेहद शानदार और बड़ी खबर सामने आई है। चालू वित्त वर्ष के जून महीने में गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) कलेक्शन ने अब तक के कई बड़े रिकॉर्ड्स को ध्वस्त कर दिया है। घरेलू मांग में लगातार आ रही मजबूती और मजबूत आर्थिक गतिविधियों के दम पर जून में कुल जीएसटी संग्रह सालाना आधार पर 14% की जोरदार बढ़त के साथ ₹1.95 लाख करोड़ के स्तर पर पहुंच गया है। यह आंकड़ा न सिर्फ सरकार के खजाने को मजबूती दे रहा है, बल्कि देश की मजबूत आर्थिक सेहत को भी साफ बयां कर रहा है।

विदेशी सामानों की भारी डिमांड, आयात से टैक्स रेवेन्यू में 35% का बंपर उछाल

इस बार के जीएसटी कलेक्शन में सबसे चौंकाने वाला और सकारात्मक पहलू अंतरराष्ट्रीय व्यापार से जुड़ा है। देश के भीतर विदेशी सामानों की मांग में जबरदस्त तेजी देखी गई है। यही वजह है कि वस्तुओं के आयात (Import of Goods) से मिलने वाले टैक्स रेवेन्यू में इस बार 35% की ऐतिहासिक ग्रोथ दर्ज की गई है। इस भारी उछाल से यह साफ है कि भारतीय बाजारों में प्रीमियम और विदेशी विनिर्मित उत्पादों की खपत तेजी से बढ़ी है, जिसने कुल टैक्स कलेक्शन को आसमान पर पहुंचाने में सबसे बड़ी भूमिका निभाई है।

डोमेस्टिक ट्रांजैक्शन भी रहे टॉप पर, त्योहारों और शादियों के सीजन का दिखा असर

सिर्फ आयात ही नहीं, बल्कि देश के भीतर होने वाले घरेलू लेन-देन (Domestic Transactions) में भी शानदार तेजी का रुख बना हुआ है। रिपोर्टर के मुताबिक, देश के विभिन्न राज्यों में बिजनेस एक्टिविटीज और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में आई तेजी की वजह से डोमेस्टिक टैक्स कलेक्शन में भी लगभग 13 से 14 फीसदी की वृद्धि आंकी गई है। गर्मियों की छुट्टियों में टूरिज्म, शादियों की खरीदारी और इलेक्ट्रॉनिक्स सामानों की भारी बिक्री ने इस बार के कलेक्शन को चार चांद लगा दिए हैं।

एक्सपर्ट्स का दावा: आने वाले महीनों में ₹2 लाख करोड़ का आंकड़ा भी होगा पार

आर्थिक जानकारों और वित्तीय विश्लेषकों का मानना है कि टैक्स चोरी पर कड़ाई, बेहतर अनुपालन (Tax Compliance) और डिजिटल ट्रांजैक्शन में आई पारदर्शिता के कारण टैक्स बेस लगातार चौड़ा हो रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि जिस रफ्तार से भारतीय बाजार आगे बढ़ रहे हैं, उसे देखते हुए वह दिन दूर नहीं जब मासिक जीएसटी कलेक्शन स्थाई रूप से ₹2 लाख करोड़ के जादुई आंकड़े को भी पार कर जाएगा।