अंतरराष्ट्रीय नर्सिंग दिवस के अवसर पर उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में बेरोजगार नर्सिंग अभ्यर्थियों ने अपनी मांगों को लेकर एक दुस्साहसिक और उग्र कदम उठाया है। वर्षवार भर्ती की मांग को लेकर पिछले 158 दिनों से आंदोलन कर रहे अभ्यर्थी सोमवार तड़के सर्वे चौक स्थित जल संस्थान की ऊंची पानी की टंकी पर जा चढ़े। अभ्यर्थियों के साथ महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला भी टंकी पर डटी हुई हैं। आंदोलनकारियों ने अपने साथ पेट्रोल की बोतलें होने का दावा करते हुए सामूहिक आत्मदाह की चेतावनी दी है, जिससे पूरे प्रदेश के पुलिस और खुफिया तंत्र में हड़कंप मच गया है।
खुफिया विभाग फेल: रणनीति के साथ तारों को फांदकर चढ़े ऊपर
नर्सिंग बेरोजगारों ने इस पूरे ऑपरेशन को बेहद गोपनीय तरीके से अंजाम दिया। पुलिस और एलआईयू को भनक लगे बिना, अभ्यर्थी तड़के 3:30 बजे एकता विहार धरना स्थल से निकले और 4:00 बजे सर्वे चौक पहुँच गए। टंकी की सुरक्षा के लिए लगाए गए 20 फीट ऊंचे कंटीले तारों को पार करने के लिए वे अपने साथ अलग से सीढ़ियां लेकर आए थे। सुबह 5:00 बजे जब उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी किया, तब जाकर प्रशासन को इसकी जानकारी मिली।
सरकार से वार्ता विफल, अभ्यर्थियों का ‘आर-पार’ का एलान
सोमवार शाम को स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल और बेरोजगारों के बीच हुई वार्ता बेनतीजा रही। मंत्री ने कोर्ट और ओटीएस (OTS) के तकनीकी कारणों का हवाला देते हुए परीक्षा में 10 नंबर के वेटेज और ओवरएज में छूट का प्रस्ताव दिया, लेकिन अभ्यर्थियों ने इसे सीधे तौर पर ठुकरा दिया।
बेरोजगारों का दर्द: अभ्यर्थियों का कहना है कि कोविड काल में जब उन्होंने जान जोखिम में डालकर काम किया, तब सरकार ने उन पर फूल बरसाए, लेकिन आज उन्हें सड़कों पर मरने के लिए छोड़ दिया गया है। कई अभ्यर्थी 44 साल की उम्र पार कर चुके हैं और उनके पास सरकारी नौकरी का यह आखिरी अवसर है।
सर्वे चौक बना सियासी अखाड़ा: भारी पुलिस बल तैनात
घटनास्थल पर दिनभर सियासी हलचल बनी रही। पूर्व मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत, विधायक प्रीतम सिंह, और स्वाभिमान मोर्चा के बॉबी पंवार समेत कई विपक्षी नेताओं ने मौके पर पहुंचकर सरकार के ‘अड़ियल रवैये’ की आलोचना की।
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पुलिस से झड़प: रात के समय टंकी पर मौजूद लोगों के लिए पानी, कंबल और भोजन भेजने को लेकर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी झड़प हुई।
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ज्योति रौतेला का अल्टीमेटम: महिला कांग्रेस अध्यक्ष ने फेसबुक लाइव के जरिए चेतावनी दी कि उनकी तबीयत बिगड़ रही है, लेकिन वे पीछे नहीं हटेंगी। उन्होंने आह्वान किया कि “कल कुछ बड़ा होगा।”
कैबिनेट बैठक पर टिकी निगाहें
कांग्रेस नेताओं के साथ हुई ढाई घंटे की वार्ता के बाद स्वास्थ्य मंत्री ने आश्वासन दिया है कि वह इस पूरे प्रकरण को 13 मई को होने वाली कैबिनेट बैठक में रखेंगे और अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट तलब करेंगे। फिलहाल, सर्वे चौक पर तनाव बरकरार है। टंकी के नीचे अभ्यर्थियों का धरना शुरू हो गया है और कई थानों की फोर्स तैनात की गई है ताकि किसी भी अनहोनी को रोका जा सके।
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