Gold Price Today: सोने की कीमतों में बड़ी गिरावट, एक हफ्ते में ₹2960 सस्ता हुआ गोल्ड; चांदी की चमक बढ़ी, चेक करें अपने शहर का भाव

भारतीय सराफा बाजार में इस हफ्ते सोने और चांदी की चाल ने निवेशकों और खरीदारों को हैरान कर दिया है। जहां एक ओर सोने की कीमतों में साप्ताहिक आधार पर भारी गिरावट दर्ज की गई है, वहीं चांदी की कीमतों में उछाल देखने को मिला है। आज 3 मई 2026 को देश के प्रमुख शहरों में सोने के भाव में राहत नजर आ रही है, जिससे शादियों के सीजन से पहले खरीदारी करने वालों के लिए यह एक अच्छा मौका हो सकता है।

सोने की कीमतों में भारी गिरावट: 24 कैरेट गोल्ड ₹2960 टूटा

पिछले एक सप्ताह के भीतर सोने के दाम में उल्लेखनीय कमी आई है। आंकड़ों के मुताबिक, 24 कैरेट सोने की कीमत में ₹2960 प्रति 10 ग्राम की गिरावट दर्ज की गई है, जबकि 22 कैरेट गोल्ड का भाव ₹2850 तक नीचे आया है।

राजधानी दिल्ली की बात करें तो यहाँ 24 कैरेट सोने का भाव अब ₹1,51,230 प्रति 10 ग्राम पर आ गया है। गौरतलब है कि गुरुवार, 30 अप्रैल को कीमतें ₹1,54,800 के स्तर पर थीं। शुक्रवार को मजदूर दिवस और बुद्ध पूर्णिमा के कारण बाजार बंद रहे, जिसके बाद आज कीमतों में यह सुधार देखने को मिल रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी हाजिर सोना $4,627.63 प्रति औंस के आसपास कारोबार कर रहा है।

देश के प्रमुख शहरों में आज का गोल्ड रेट (3 मई 2026)

नीचे दी गई तालिका में देश के बड़े शहरों में सोने के ताजा भाव दिए गए हैं:

शहर 22 कैरेट (₹/10 ग्राम) 24 कैरेट (₹/10 ग्राम)
दिल्ली 1,38,500 1,51,230
मुंबई 1,38,350 1,50,930
चेन्नई 1,40,000 1,52,730
कोलकाता 1,38,350 1,50,930
बेंगलुरु/पुणे 1,38,350 1,50,930
जयपुर/लखनऊ 1,38,500 1,51,230
अहमदाबाद 1,38,400 1,51,030

चांदी की कीमतों में उछाल: ₹5000 की साप्ताहिक बढ़त

सोने के विपरीत, चांदी की कीमतों में इस हफ्ते मजबूती देखी गई है। साप्ताहिक आधार पर चांदी ₹5000 महंगी हुई है। आज सुबह चांदी का भाव ₹2,65,000 प्रति किलोग्राम दर्ज किया गया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर चांदी $75.91 प्रति औंस पर बनी हुई है। याद दिला दें कि इसी साल जनवरी में चांदी ने ₹4 लाख प्रति किलो का ऐतिहासिक स्तर पार कर लिया था, जिसके मुकाबले अभी कीमतें काफी स्थिर हैं।

क्यों बदल रहे हैं दाम?

भारत में सोने-चांदी की कीमतें केवल घरेलू मांग पर निर्भर नहीं करतीं, बल्कि वैश्विक कारक भी बड़ी भूमिका निभाते हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर की मजबूती, केंद्रीय बैंकों के फैसले और पश्चिम एशिया में जारी तनाव जैसे भू-राजनीतिक हालात कीमतों को प्रभावित कर रहे हैं। इसके अलावा, भारत में सराफा बाजार स्थानीय टैक्स और वैट (VAT) की वजह से भी अलग-अलग शहरों में भिन्न भाव दिखाता है।