Ghaziabad News: CM योगी का खौफ! अपराधियों ने सड़क पर हाथ जोड़कर मांगी माफी, पोस्टर लेकर बोले- अब नहीं करेंगे जुर्म

उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जीरो टॉलरेंस नीति का असर अब जमीन पर साफ दिखाई देने लगा है। गाजियाबाद में पुलिस की सख्त कार्रवाई और लगातार निगरानी के चलते कई अपराधियों ने सार्वजनिक रूप से अपराध छोड़ने का संकल्प लिया। इतना ही नहीं, कुछ अपराधी सड़क पर पोस्टर लेकर सामने आए और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से माफी मांगते हुए भविष्य में किसी भी गैरकानूनी गतिविधि में शामिल न होने की बात कही।

अपराधियों की पहचान कर पुलिस ने शुरू किया विशेष अभियान

गाजियाबाद पुलिस द्वारा चलाए गए विशेष अभियान के तहत अपराध की दुनिया से जुड़े लोगों की पहचान की गई। इसके बाद पुलिस अधिकारियों ने उनसे सीधे संवाद स्थापित कर उन्हें कानून का पालन करने और अपराध से दूर रहने की चेतावनी दी। इस कार्रवाई का असर यह रहा कि कई अपराधियों ने खुले तौर पर अपनी गलती स्वीकार की और अपराध छोड़ने का संकल्प लिया।

पोस्टर लेकर सार्वजनिक रूप से मांगी माफी

पुलिस अभियान के दौरान कई अपराधी पोस्टर लेकर सार्वजनिक स्थानों पर पहुंचे। इन पोस्टरों के जरिए उन्होंने अपराध से दूरी बनाने का संदेश दिया और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से माफी भी मांगी। अपराधियों का कहना था कि वे अब सामान्य जीवन जीना चाहते हैं और कानून का सम्मान करेंगे।

एक हजार से ज्यादा लोगों की हुई जांच

जानकारी के अनुसार, पुलिस ने एक हजार से अधिक ऐसे लोगों की जांच की है जिनका आपराधिक रिकॉर्ड रहा है या जिनकी गतिविधियां संदिग्ध पाई गई हैं। पुलिस लगातार इन लोगों की निगरानी कर रही है ताकि किसी भी प्रकार की आपराधिक गतिविधि को समय रहते रोका जा सके।

जीरो टॉलरेंस नीति का दिख रहा असर

प्रदेश सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत अपराधियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। गाजियाबाद में सामने आई यह तस्वीर बताती है कि कानून का डर अपराधियों में बढ़ा है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि अपराध और अपराधियों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा और कानून व्यवस्था से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

अपराध मुक्त समाज की दिशा में प्रयास

पुलिस अधिकारियों का मानना है कि केवल कार्रवाई ही नहीं बल्कि अपराधियों का सामाजिक पुनर्वास भी जरूरी है। इसी उद्देश्य से उन्हें अपराध छोड़कर मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। प्रशासन का दावा है कि इस पहल से क्षेत्र में अपराध पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी और लोगों में सुरक्षा की भावना मजबूत होगी।