सपा प्रवक्ता राजकुमार भाटी की विवादित टिप्पणी पर घमासान गाजियाबाद में FIR दर्ज

गाजियाबाद/नोएडा: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजकुमार भाटी अपने एक बयान को लेकर चौतरफा विवादों में घिर गए हैं। ब्राह्मण समाज पर की गई ‘अमर्यादित टिप्पणी’ का वीडियो वायरल होने के बाद जहां एक तरफ पुलिस ने उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है, वहीं दूसरी तरफ पश्चिमी उत्तर प्रदेश में उनके खिलाफ महापंचायत का बिगुल फूक दिया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए भाटी ने अब हाथ जोड़कर बिना शर्त माफी मांगी है।

क्या है पूरा विवाद?

यह पूरा विवाद 5 मई को दिल्ली के जवाहर भवन में आयोजित एक पुस्तक लोकार्पण कार्यक्रम से शुरू हुआ। ‘जाति और साम्प्रदायिकता के विषाणु’ नामक पुस्तक पर चर्चा के दौरान राजकुमार भाटी ने जातियों पर आधारित पुरानी कहावतों और मुहावरों का जिक्र किया। इसी दौरान उन्होंने ब्राह्मण समाज को लेकर एक ऐसी आपत्तिजनक कहावत का उल्लेख किया, जिसे लेकर सोशल मीडिया पर उबाल आ गया। वायरल वीडियो में वह टिप्पणी करने के बाद हंसते हुए भी नजर आ रहे हैं, जिससे समाज के लोगों में भारी आक्रोश है।

गाजियाबाद में FIR और अजय राय का हमला

भाजपा के पूर्व महानगर अध्यक्ष अजय शर्मा की शिकायत पर गाजियाबाद के कविनगर थाने में भाटी के खिलाफ विभिन्न समूहों के बीच वैमनस्यता फैलाने की धाराओं में केस दर्ज किया गया है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि भाटी ने ब्राह्मण समाज की तुलना अनैतिक शब्दों से करते हुए उनका अपमान किया है। वहीं, यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने भी इस मामले में अखिलेश यादव से भाटी पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

सफाई में क्या बोले राजकुमार भाटी?

विवाद बढ़ता देख राजकुमार भाटी ने एक वीडियो जारी कर सफाई दी। उन्होंने कहा:

  • माफीनामा: “यदि मेरे शब्दों से ब्राह्मण भाइयों का दिल दुखा है, तो मैं हाथ जोड़कर बिना शर्त माफी मांगता हूं। मेरा इरादा किसी का अपमान करना नहीं था।”

  • अधूरा वीडियो: उन्होंने आरोप लगाया कि 12 मिनट के भाषण में से केवल 7 सेकंड की क्लिप काटकर उन्हें बदनाम किया जा रहा है।

  • संदर्भ: भाटी के अनुसार, वह जातियों पर बने गंदे मुहावरों की बुराई कर रहे थे। उन्होंने उदाहरण दिया कि कैसे पत्रकारिता के दिनों में लोग उन्हें चिढ़ाते थे, जिसके जवाब में उन्होंने वह कहावत सुनी थी, लेकिन कभी इस्तेमाल नहीं की। उन्होंने स्वीकार किया कि उस गंदे दोहे का जिक्र करना उनकी गलती थी।

15 मई को दादरी में महापंचायत का ऐलान

सपा नेता की माफी के बावजूद ब्राह्मण समाज शांत होता नहीं दिख रहा है। मंगलवार को गौतमबुद्धनगर के दादरी (ब्रह्मपुरी) में समाज की एक बैठक हुई, जिसमें 15 मई को भगवान परशुराम धर्मशाला में बड़ी महापंचायत बुलाने का निर्णय लिया गया है। ब्राह्मण नेता पंडित पीताम्बर शर्मा ने कहा कि समाज को अपमानित करने वाली राजनीति बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जनता इसका लोकतांत्रिक तरीके से जवाब देगी।

अखिलेश यादव के लिए बढ़ी मुश्किल

चुनावों के बीच अपने राष्ट्रीय प्रवक्ता के इस विवादित बयान ने समाजवादी पार्टी की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। एक तरफ पार्टी ‘पीडीए’ (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) और सर्वसमाज को जोड़ने की बात कर रही है, वहीं दूसरी तरफ मुख्य प्रवक्ता का यह बयान भाजपा और कांग्रेस दोनों को हमला करने का मौका दे रहा है।