
नौकरीपेशा कर्मचारियों के लिए कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) में जमा होने वाला प्रोविडेंट फंड (PF) जीवनभर की सबसे सुरक्षित बचत होती है। लेकिन जब इमरजेंसी में पीएफ से पैसा निकालने, एडवांस क्लेम करने या नौकरी बदलने पर पीएफ ट्रांसफर करने की बारी आती है, तो लाखों कर्मचारियों का क्लेम सिर्फ इसलिए रिजेक्ट हो जाता है क्योंकि उनके ईपीएफ रिकॉर्ड और आधार कार्ड के विवरण में बेमेल (mismatch) होता है। नाम की स्पेलिंग में एक अक्षर की गलती, जन्मतिथि में अंतर, पिता के नाम में विसंगति या नौकरी जॉइन करने और छोड़ने की तारीख का गलत दर्ज होना वर्षों तक क्लेम सेटलमेंट को अटकाए रखता था। पहले इस समस्या को ठीक कराने के लिए कर्मचारी को दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते थे और कंपनी के एचआर से फिजिकल फॉर्म पर साइन-मुहर कराकर ईपीएफओ के क्षेत्रीय कार्यालय में जमा करना होता था। लेकिन अब ईपीएफओ ने अपने मेंबर सेवा पोर्टल पर डिजिटल ‘जॉइंट डिक्लेरेशन’ (Joint Declaration) मॉड्यूल को पूरी तरह लाइव कर दिया है, जिससे खाताधारक अपने मोबाइल या लैपटॉप से बिना किसी दफ्तर जाए 5 सीधे स्टेप्स में अपना रिकॉर्ड दुरुस्त करा सकते हैं।
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ने खाताधारकों की सुविधा के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) जारी कर ऑनलाइन सुधार की सीमा को काफी विस्तृत किया है। अब सदस्य अपने यूएएन (UAN) प्रोफाइल में 11 प्रमुख विवरणों को ऑनलाइन ठीक कर सकते हैं। इनमें कर्मचारी का नाम, लिंग (Gender), जन्मतिथि (Date of Birth), पिता/माता का नाम, वैवाहिक स्थिति (Marital Status), राष्ट्रीयता, आधार नंबर, पैन कार्ड विवरण, बैंक खाता संख्या, नौकरी शुरू करने की तारीख (Date of Joining) और नौकरी छोड़ने की तारीख (Date of Exit) शामिल हैं। ईपीएफओ ने इन सुधारों को दो श्रेणियों में बांटा है—’माइनर चेंज’ (मामूली सुधार) और ‘मेजर चेंज’ (बड़ा बदलाव)। माइनर चेंज में नाम में एक-दो अक्षरों का फेरबदल या जन्मतिथि में 3 साल से कम का अंतर शामिल होता है, जिसे केवल आधार ओटीपी और बेसिक आईडी प्रूफ से चंद दिनों में प्रोसेस कर दिया जाता है। वहीं बड़े बदलावों के लिए सहायक कानूनी दस्तावेजों जैसे पासपोर्ट, पैन या गजट नोटिफिकेशन की आवश्यकता होती है।
ईपीएफओ द्वारा निर्धारित आधिकारिक डिजिटल प्रक्रिया के तहत आप अपने प्रोफाइल की गलतियों को इन पांच चरणों में सुधार सकते हैं।
स्टेप 1: सबसे पहले ईपीएफओ के आधिकारिक एकीकृत सदस्य पोर्टल (Unified Member Portal – unifiedportal-mem.epfindia.gov.in) पर जाएं। यहां अपना 12 अंकों का यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN), पासवर्ड और स्क्रीन पर दिख रहा कैप्चा कोड दर्ज करके लॉगिन करें। इसके बाद आपके आधार से लिंक मोबाइल नंबर पर 6 अंकों का ओटीपी आएगा, जिसे सबमिट करके डैशबोर्ड खोलें।
स्टेप 2: पोर्टल पर लॉगिन करने के बाद ऊपर दिए गए मुख्य मेन्यू बार में ‘Manage’ टैब पर क्लिक करें। ड्रॉप-डाउन लिस्ट में आपको ‘Joint Declaration’ का विकल्प दिखाई देगा, इस पर क्लिक करें। इसके बाद अपनी उस कंपनी या मेंबर आईडी का चयन करें जिसके रिकॉर्ड में आप सुधार करना चाहते हैं।
स्टेप 3: स्क्रीन पर आपके खाते का पूरा विवरण खुलकर आ जाएगा। यहां एक तरफ ‘मौजूदा विवरण’ (Present Details) दिखेगा और दूसरी तरफ खाली बॉक्स के साथ ‘वांछित विवरण’ (Corrected Details) भरने का कॉलम होगा। आपको जिस भी फील्ड (जैसे नाम, पिता का नाम, जन्मतिथि आदि) में सुधार करना है, उसके आगे बने चेकबॉक्स पर टिक करें और आधार कार्ड के अनुसार सही विवरण टाइप करें।
स्टेप 4: विवरण दर्ज करने के बाद ईपीएफओ के नए नियमों के तहत संबंधित सहायक दस्तावेज (जैसे आधार कार्ड, पैन कार्ड, पासपोर्ट, 10वीं की मार्कशीट या जन्म प्रमाण पत्र) की सेल्फ-अटेस्टेड पीडीएफ फाइल (100 से 500 KB के बीच) अपलोड करें। इसके बाद नीचे दिए गए सहमति घोषणा पत्र (Declaration) पर टिक करके ‘Get OTP’ पर क्लिक करें। आधार से लिंक मोबाइल पर आए ओटीपी को भरकर फॉर्म फाइनल सबमिट करें।
स्टेप 5: सबमिट करते ही एक रेफरेंस ट्रैकिंग आईडी जनरेट हो जाएगी। आपका आवेदन सीधे आपकी मौजूदा या पिछली कंपनी (Employer) के डिजिटल पोर्टल पर चला जाएगा। नियोक्ता द्वारा डिजिटल सिग्नेचर (DSC) से अप्रूव होते ही यह ईपीएफओ के फील्ड ऑफिसर के पास पहुंच जाएगा। फील्ड ऑफिसर की जांच के बाद रिकॉर्ड अपने आप अपडेट हो जाएगा।
ऑनलाइन जॉइंट डिक्लेरेशन सबमिट करने से पहले जरूरी दस्तावेजों को स्कैन करके रखना बेहद जरूरी है ताकि आवेदन में कोई त्रुटि न रहे। यदि आप नाम या उपनाम में मामूली बदलाव कर रहे हैं, तो आधार कार्ड, पैन कार्ड या वोटर आईडी कार्ड पर्याप्त होता है। यदि जन्मतिथि में सुधार कराना है, तो जन्म प्रमाण पत्र, पासपोर्ट, किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से जारी 10वीं की मार्कशीट या स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट मान्य है। पिता या माता के नाम में सुधार के लिए राशन कार्ड, पासपोर्ट या सर्विस रिकॉर्ड की कॉपी लगाई जा सकती है। सभी दस्तावेज स्पष्ट, पढ़ने योग्य और पीडीएफ फॉर्मेट में होने चाहिए। धुंधले या अस्पष्ट दस्तावेज अपलोड करने पर ईपीएफओ अधिकारी आवेदन को खारिज कर सकते हैं।
फॉर्म जमा करने के बाद कर्मचारी ‘Track Joint Declaration Request’ विकल्प पर जाकर अपने आवेदन की रियल-टाइम स्थिति देख सकते हैं। सामान्य परिस्थितियों में माइनर चेंज के मामलों में नियोक्ता द्वारा अप्रूव किए जाने के 7 से 15 कार्य दिवसों (Working Days) के भीतर ईपीएफओ रिकॉर्ड अपडेट कर देता है। वहीं बड़े बदलावों (Major Changes) के सत्यापन में 20 से 30 दिनों का समय लग सकता है। एक बार रिकॉर्ड सही हो जाने के बाद सदस्य बिना किसी रुकावट के ऑनलाइन पीएफ विड्रॉल, एडवांस क्लेम, पेंशन ट्रांसफर और ई-पासबुक डाउनलोड की सुविधाओं का निर्बाध लाभ उठा सकते हैं। क्लेम रिजेक्शन के झंझट से बचने के लिए हर पीएफ खाताधारक को समय रहते अपने प्रोफाइल का मिलान आधार से कर लेना चाहिए।
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