
उत्तर प्रदेश में जारी रिकॉर्ड तोड़ गर्मी और लू (हीटवेव) के बीच राजधानी लखनऊ में बिजली संकट गहरा गया है। शहर की विद्युत वितरण व्यवस्था (वर्टिकल व्यवस्था) पूरी तरह से चरमरा कर ध्वस्त हो चुकी है। चिलचिलाती धूप और अत्यधिक उमस के कारण ट्रांसफार्मर और एबीसी (ABC) केबल बिजली का लोड सह नहीं पा रहे हैं, जिसके चलते कई इलाकों में जर्जर तार टूटकर गिर रहे हैं।
इस भीषण गर्मी में रात-रात भर बत्ती गुल रहने से त्रस्त लोग जब अधिकारियों से गुहार लगाकर थक गए, तो उनका गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। शहर के विभिन्न इलाकों में रात भर बिजली न आने से करीब 3 लाख से अधिक की आबादी प्रभावित है। लोग पूरी रात सड़कों पर टहलकर समय काटने को मजबूर हैं। बिजली गुल होने से अब पीने के पानी की भी भारी किल्लत शुरू हो गई है। राहत न मिलने से नाराज लोग अब उपकेंद्रों पर प्रदर्शन कर रहे हैं, जिससे कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने लगी है।
मुनेश्वर पुरम में प्रदर्शनकारियों ने जेई को बनाया बंधक, कार की हवा निकाली
बिजली कटौती से गुस्साए लोगों का सबसे उग्र रूप एफसीआई (FCI) उपकेंद्र के तहत आने वाले मुनेश्वर पुरम इलाके में देखने को मिला। पिछले दो दिनों से लगातार बिजली संकट झेल रहे दर्जनों उपभोक्ताओं ने अपना आपा खो दिया और आलमनगर ओवरब्रिज के पास सड़क जाम कर जोरदार प्रदर्शन शुरू कर दिया।
हंगामे की सूचना मिलते ही तालकटोरा पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाने की कोशिश की, लेकिन प्रदर्शनकारी टस से मस नहीं हुए। इसी बीच जब एफसीआई उपकेंद्र के जूनियर इंजीनियर (JE) मौके पर पहुंचे, तो उपभोक्ताओं के साथ उनकी तीखी बहस हो गई। इसके बाद उग्र प्रदर्शनकारियों ने जेई को बंधक बना लिया और उनकी कार के चारों पहियों को पंचर कर दिया।
पीड़ितों पर ही पुलिस का एक्शन: 150 प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज
एक तरफ जहां लोग बिना बिजली-पानी के नरकीय जीवन जीने को मजबूर हैं, वहीं दूसरी तरफ प्रदर्शन करने वाले पीड़ितों पर ही कानूनी गाज गिरी है। गुरुवार को लखनऊ-रायबरेली हाईवे जाम करने वाले करीब 150 प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है।
साउथ सिटी चौकी प्रभारी दुर्गेश सिंह की तहरीर पर पुलिस ने सड़क जाम करने, सरकारी कार्य में बाधा डालने, पुलिसकर्मियों से अभद्रता करने और धमकी देने की गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है। वहीं, भविष्य में होने वाले हंगामे और कानून-व्यवस्था को बनाए रखने के लिए प्रशासन ने उतरेठिया उपकेंद्र पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया है।
शहीद पथ अंडरपास पर चक्काजाम से लगा था लंबा जाम
दरअसल, गुरुवार सुबह उतरेठिया और अंबेडकर उपकेंद्र से जुड़ी बिजली समस्याओं से नाराज बलदेव विहार, मवैया, देवीखेड़ा सहित आसपास के इलाकों के सैकड़ों लोग शहीद पथ अंडरपास के नीचे रायबरेली रोड पर धरने पर बैठ गए थे। इस चक्काजाम की वजह से करीब एक घंटे तक यातायात पूरी तरह ठप रहा और हाईवे पर गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं।
जाम हटाने पहुंची पुलिस और नाराज क्षेत्रवासियों के बीच कई बार तीखी नोकझोंक और धक्कामुक्की भी हुई। स्थानीय निवासियों का कहना है कि उतरेठिया और अंबेडकर उपकेंद्र से जुड़े नीलमथा, तेलीबाग समेत कई इलाकों में पिछले कई दिनों से बिजली व्यवस्था वेंटिलेटर पर है। बुधवार की पूरी रात उपकेंद्रों पर हंगामा करने के बाद भी जब बिजली विभाग के कानों पर जूं नहीं रेंगी, तब जाकर सुबह लोगों को सड़क पर उतरने के लिए मजबूर होना पड़ा।
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