
गर्मियों का मौसम आते ही चिलचिलाती धूप और पसीने से हर कोई परेशान होने लगता है। लेकिन क्या आपने कभी इस बात पर गौर किया है कि कुछ लोग ऐसे होते हैं जिन्हें बाकी लोगों की तुलना में बहुत ज्यादा गर्मी लगती है? जब कमरे में बैठे बाकी लोग सामान्य महसूस कर रहे होते हैं, तब भी कुछ लोगों को पसीने छूट रहे होते हैं और उनके लिए एसी-कूलर की हवा भी कम पड़ने लगती है। आमतौर पर लोग इसे केवल खराब लाइफस्टाइल या शारीरिक कमजोरी से जोड़कर देखते हैं। लेकिन ज्योतिष शास्त्र (Astrology) और चिकित्सा विज्ञान के पास इसका एक बेहद दिलचस्प और चौंकाने वाला जवाब है। ज्योतिष विज्ञान के अनुसार, आपकी कुंडली और आपकी राशि का तत्व इसके पीछे की एक बहुत बड़ी और मुख्य वजह हो सकता है।
आपकी राशि का कौन सा तत्व तय करता है आपके शरीर का मिजाज
ज्योतिष और सनातन शास्त्र के अनुसार, इस ब्रह्मांड की तरह हमारा शरीर और हमारी राशियां भी पांच मुख्य तत्वों- पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश से मिलकर बनी हैं। इन 12 राशियों को उनके स्वभाव के आधार पर अलग-अलग तत्वों में बांटा गया है। जिन लोगों की राशि का मुख्य स्वामी ग्रह तेज स्वभाव का होता है या जिनकी राशि ‘अग्नि तत्व’ (Fire Element) के अंतर्गत आती है, उनके शरीर के भीतर का तापमान और पित्त प्रकृति स्वभाव से ही थोड़ी गर्म होती है। यही वजह है कि ऐसे लोगों को सामान्य मौसम में भी दूसरों के मुकाबले बहुत जल्दी और बहुत ज्यादा गर्मी का अहसास होने लगता है।
जानिए कौन सी हैं वो राशियां जिनके भीतर छिपा है ‘अग्नि का वास’
ज्योतिष शास्त्र के नियमों के मुताबिक, चक्र की 12 राशियों में से तीन राशियां ऐसी हैं जिन्हें पूरी तरह से अग्नि तत्व प्रधान माना गया है। ये राशियां हैं- मेष (Aries), सिंह (Leo) और धनु (Sagittarius)। मेष राशि के स्वामी मंगल देव हैं जो खुद अंगार और ऊर्जा के प्रतीक हैं। सिंह राशि के स्वामी साक्षात सूर्य देव हैं जो पूरी दुनिया को ऊष्मा देते हैं। वहीं धनु राशि के स्वामी गुरु बृहस्पति हैं, लेकिन इस राशि का स्वभाव भी द्विस्वभाव अग्नि का होता है। यदि आपकी राशि इन तीनों में से कोई एक है, तो इस बात की पूरी संभावना है कि आपको गर्मियों के दिनों में बाकी लोगों से ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ती होगी।
ज्यादा गर्मी लगने के पीछे ग्रहों की चाल और कुंडली के ये दोष भी हैं जिम्मेदार
राशि के अलावा यदि किसी जातक की कुंडली के पहले घर (लग्न भाव) में सूर्य, मंगल या राहु जैसे गर्म और उग्र ग्रह आकर बैठ जाएं, तो भी इंसान का शरीर बहुत ज्यादा संवेदनशील हो जाता है। ज्योतिष में माना जाता है कि कुंडली में मंगल या सूर्य के अत्यधिक मजबूत या पीड़ित होने पर शरीर में ‘पित्त दोष’ बढ़ जाता है। पित्त बढ़ने के कारण व्यक्ति को बहुत ज्यादा गुस्सा आता है, बहुत अधिक पसीना आता है और वह जरा सी भी धूप या उमस को बर्दाश्त नहीं कर पाता है। ऐसे लोगों की त्वचा भी अक्सर धूप के संपर्क में आते ही लाल होने लगती है या उन पर रैशेज पड़ जाते हैं।
बिना किसी भारी-भरकम उपाय के शरीर को अंदर से कैसे रखें बिल्कुल कूल
अगर आप भी इस समस्या से परेशान हैं और अपनी अग्नि तत्व वाली राशि के प्रभाव को थोड़ा शांत करना चाहते हैं, तो लाइफस्टाइल में कुछ बेहद आसान और व्यावहारिक बदलाव कर सकते हैं। ज्योतिष और आयुर्वेद के अनुसार, ऐसे लोगों को गर्मियों में तांबे के बर्तन में रखा पानी पीने से बचना चाहिए और मिट्टी के घड़े के पानी का इस्तेमाल करना चाहिए। इसके साथ ही, अपनी डाइट में मसालेदार और तली-भुनी चीजों को बिल्कुल कम कर दें और तरबूज, खीरा, पुदीना व छाछ जैसी ठंडी चीजों को शामिल करें। हर सोमवार को शिवलिंग पर जल चढ़ाना और अपने पास सफेद या हल्के रंग के कपड़े रखना आपके मन और शरीर दोनों को शीतलता प्रदान करेगा।
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